नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) आज, सोमवार से शुरू हो रहा है। पहले दिन डोमेस्टिक एयरलाइन कंपनी इंडिगो अपनी सेवाएं शुरू करेगी। पहली फ्लाइट सुबह 7:05 बजे लखनऊ एयरपोर्ट से रवाना होगी और सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर नोएडा एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। इस फ्लाइट में केंद्र व यूपी सरकार के मंत्री व अधिकारी यात्रा कर सकते हैं। नोएडा एयरपोर्ट से जाने वाली पहली फ्लाइट बेंगलुरु के लिए सुबह 8:35 बजे रवाना होगी। कुल 8 विमानों की आवाजाही होगी। इस मौके को खास बनाने के लिए खुद एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी खास तैयारियां की हैं। देखिए नोएडा एयरपोर्ट की तस्वीरें… सोमवार को हैदराबाद और अमृतसर के लिए नियमित फ्लाइट्स शुरू होंगी। हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट यहां सुबह 8:35 बजे लैंड करेगी और वापसी की फ्लाइट दोपहर 2:50 बजे रवाना होगी। अमृतसर के लिए नियमित फ्लाइट सुबह 10:10 बजे रवाना होगी और वहां से पहली फ्लाइट दोपहर बाद 1:20 बजे नोएडा पहुंचेगी। 16 जून से बेंगलुरु और जम्मू के लिए उड़ानें
इंडिगो 16 जून से नोएडा से बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित फ्लाइट शुरू करेगी। अकासा एयर भी 16 जून को नोएडा से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए दैनिक उड़ानें शुरू करने वाली है। नवी मुंबई की उड़ान सुबह 10:15 बजे और बेंगलुरु की शाम 7:55 बजे रवाना होगी। इसके अलावा बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़, देहरादून के लिए भी फ्लाइट शुरू होनी हैं। 170 किसान सुबह जाएंगे लखनऊ
नोएडा एयरपोर्ट से 170 किसान उसी जमीन से हवाई यात्रा करेंगे, जहां कभी वे खेती किया करते थे। किसान प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा और प्रदेश के विकास कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त करेगा। इस दल में 20 महिला किसान भी शामिल हैं। जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि यह केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर कभी किसान अन्न उत्पादन करते थे, आज उसी भूमि पर बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उनकी पहली उड़ान विकसित भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। एयरपोर्ट निर्माण किसानों के विश्वास, त्याग और सहयोग से संभव हो पाया है। विधायक ने बताया कि किसान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वह स्वयं करेंगे। लखनऊ में किसान मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका अभिनंदन करेंगे। वाटर कैनन से होगा फ्लाइट का स्वागत
लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट आने वाली पहली उड़ान से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे आ रहे हैं। केंद्रिय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि रनवे पर उतरने वाली पहली फ्लाइट का स्वागत वाटर कैनन से किया जाएगा। यह एक परंपरागत तरीका है, जिससे विमान का स्वागत किया जाता है। तैयारियों को लेकर पूरे दिन अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे और हर पहलू की जांच करते रहे। विमान के स्वागत के दौरान यापल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया भी मौजूद रहेंगे। अब एयरपोर्ट के बारे में जान लीजिए
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 11,200 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार किया गया है। ये एयरपोर्ट NCR को दुनिया के प्रमुख एविएशन हब में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। शुरुआत में देश के 45 शहरों के लिए करीब 65 कॉमर्शियल फ्लाइटें शुरू होंगी। करीब 1334 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट एरिया के हिसाब से देश का चौथा बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद 20 मिनट से कम में बोर्डिंग संभव है। सुरक्षा जांच के बाद करीब 60 मीटर का कॉरिडोर पार करना होगा। ऐसे में एंट्री से बोर्डिंग गेट तक 20 मिनट में पहुंच सकते हैं। अगर, दिल्ली से तुलना करें तो, टी3 एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक करीब 15-30 मिनट की वॉकिंग है। पीएम मोदी ने 28 मार्च 2026 को उद्घाटन किया
एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 में किया था। स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल को इस एयरपोर्ट का बनाने का टेंडर मिला। पहले फेज के तहत 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज की लागत करीब 11 हजार करोड़ है। सभी 4 फेज का काम पूरा हो जाने के बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा। पीएम ने 28 मार्च को उद्घाटन किया। अब नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के बारे में जानिए एयरपोर्ट से लास्ट माइल कनेक्टिविटी रनवे के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 रनवे बनाए जाने हैं। यहां छठवां रनवे भी बनाया जा सकता है। इसके बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठवें नंबर का एयरपोर्ट होगा। रनवे के लिहाज से एशिया में चीन का शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे बड़ा है। एरिया के लिहाज से भी एशिया में सबसे बड़ा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 स्क्वायर किमी में बनना प्रस्तावित है। अगर ऐसा हुआ तो एरिया वाइज भी ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। अभी एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसका एरिया 47 स्क्वायर किमी है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- योगी ने राममंदिर चढ़ावे की जांच के लिए SIT बनाई, मंदिर के कर्मचारी के घर ₹10 लाख मिले, गोबर के ढेर में छिपाए थे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को सीएम योगी से चोरी के दावे की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कराने की मांग की। इसके कुछ ही घंटों बाद शासन ने 3 सदस्यीय SIT बना दी है। पढ़ें पूरी खबर
इंडिगो 16 जून से नोएडा से बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित फ्लाइट शुरू करेगी। अकासा एयर भी 16 जून को नोएडा से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए दैनिक उड़ानें शुरू करने वाली है। नवी मुंबई की उड़ान सुबह 10:15 बजे और बेंगलुरु की शाम 7:55 बजे रवाना होगी। इसके अलावा बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़, देहरादून के लिए भी फ्लाइट शुरू होनी हैं। 170 किसान सुबह जाएंगे लखनऊ
नोएडा एयरपोर्ट से 170 किसान उसी जमीन से हवाई यात्रा करेंगे, जहां कभी वे खेती किया करते थे। किसान प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा और प्रदेश के विकास कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त करेगा। इस दल में 20 महिला किसान भी शामिल हैं। जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि यह केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर कभी किसान अन्न उत्पादन करते थे, आज उसी भूमि पर बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उनकी पहली उड़ान विकसित भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। एयरपोर्ट निर्माण किसानों के विश्वास, त्याग और सहयोग से संभव हो पाया है। विधायक ने बताया कि किसान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वह स्वयं करेंगे। लखनऊ में किसान मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका अभिनंदन करेंगे। वाटर कैनन से होगा फ्लाइट का स्वागत
लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट आने वाली पहली उड़ान से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे आ रहे हैं। केंद्रिय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि रनवे पर उतरने वाली पहली फ्लाइट का स्वागत वाटर कैनन से किया जाएगा। यह एक परंपरागत तरीका है, जिससे विमान का स्वागत किया जाता है। तैयारियों को लेकर पूरे दिन अधिकारी और कर्मचारी जुटे रहे और हर पहलू की जांच करते रहे। विमान के स्वागत के दौरान यापल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया भी मौजूद रहेंगे। अब एयरपोर्ट के बारे में जान लीजिए
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 11,200 करोड़ रुपए के निवेश से तैयार किया गया है। ये एयरपोर्ट NCR को दुनिया के प्रमुख एविएशन हब में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा। शुरुआत में देश के 45 शहरों के लिए करीब 65 कॉमर्शियल फ्लाइटें शुरू होंगी। करीब 1334 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट एरिया के हिसाब से देश का चौथा बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद 20 मिनट से कम में बोर्डिंग संभव है। सुरक्षा जांच के बाद करीब 60 मीटर का कॉरिडोर पार करना होगा। ऐसे में एंट्री से बोर्डिंग गेट तक 20 मिनट में पहुंच सकते हैं। अगर, दिल्ली से तुलना करें तो, टी3 एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक करीब 15-30 मिनट की वॉकिंग है। पीएम मोदी ने 28 मार्च 2026 को उद्घाटन किया
एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 में किया था। स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल को इस एयरपोर्ट का बनाने का टेंडर मिला। पहले फेज के तहत 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज की लागत करीब 11 हजार करोड़ है। सभी 4 फेज का काम पूरा हो जाने के बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा बड़ा एयरपोर्ट होगा। पीएम ने 28 मार्च को उद्घाटन किया। अब नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के बारे में जानिए एयरपोर्ट से लास्ट माइल कनेक्टिविटी रनवे के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 5 रनवे बनाए जाने हैं। यहां छठवां रनवे भी बनाया जा सकता है। इसके बाद ये एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठवें नंबर का एयरपोर्ट होगा। रनवे के लिहाज से एशिया में चीन का शंघाई पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे बड़ा है। एरिया के लिहाज से भी एशिया में सबसे बड़ा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 स्क्वायर किमी में बनना प्रस्तावित है। अगर ऐसा हुआ तो एरिया वाइज भी ये एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। अभी एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसका एरिया 47 स्क्वायर किमी है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- योगी ने राममंदिर चढ़ावे की जांच के लिए SIT बनाई, मंदिर के कर्मचारी के घर ₹10 लाख मिले, गोबर के ढेर में छिपाए थे अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को सीएम योगी से चोरी के दावे की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कराने की मांग की। इसके कुछ ही घंटों बाद शासन ने 3 सदस्यीय SIT बना दी है। पढ़ें पूरी खबर