लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के निष्कासन के विरोध में चल रहा धरना रविवार को 13वें दिन भी जारी रहा। सुबह धरना स्थल पर आंदोलनरत छात्रों के साथ उनके अभिभावक और परिवार के सदस्य भी पहुंचे और विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्कासन वापस लेने की मांग की।
दोपहर बाद आंदोलन को समर्थन देने के लिए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर छात्रों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और हर स्तर पर समर्थन देने का भरोसा दिया। इससे पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी के एमएलसी राजपाल कश्यप भी छात्रों के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे थे।
राजभवन घेराव के बाद पहुंचे विश्वविद्यालय एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ रविवार को नीट पेपर लीक मामले और लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र निष्कासन के विरोध को लेकर लखनऊ दौरे पर थे। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने राजभवन का घेराव कर छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया। राजभवन घेराव के बाद विनोद जाखड़ लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां फीस वृद्धि, छात्र निष्कासन और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक एवं निष्कासित छात्र नेता प्रिंस प्रकाश, हर्षित शुक्ला और प्रेम प्रकाश से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप विनोद जाखड़ ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए दिया जाना चाहिए, न कि निष्कासन और दमनात्मक कार्रवाई के माध्यम से।
उन्होंने कहा, “एनएसयूआई इस संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़ी है। छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।” इस मौके पर NSUI के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि छात्र हितों पर किसी भी प्रकार का आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन छात्रों की न्यायपूर्ण लड़ाई को अंत तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
दोपहर बाद आंदोलन को समर्थन देने के लिए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर छात्रों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और हर स्तर पर समर्थन देने का भरोसा दिया। इससे पहले शनिवार को समाजवादी पार्टी के एमएलसी राजपाल कश्यप भी छात्रों के समर्थन में धरना स्थल पहुंचे थे।
राजभवन घेराव के बाद पहुंचे विश्वविद्यालय एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ रविवार को नीट पेपर लीक मामले और लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र निष्कासन के विरोध को लेकर लखनऊ दौरे पर थे। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने राजभवन का घेराव कर छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया। राजभवन घेराव के बाद विनोद जाखड़ लखनऊ विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां फीस वृद्धि, छात्र निष्कासन और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक एवं निष्कासित छात्र नेता प्रिंस प्रकाश, हर्षित शुक्ला और प्रेम प्रकाश से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप विनोद जाखड़ ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए दिया जाना चाहिए, न कि निष्कासन और दमनात्मक कार्रवाई के माध्यम से।
उन्होंने कहा, “एनएसयूआई इस संघर्ष में पूरी मजबूती के साथ छात्रों के साथ खड़ी है। छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।” इस मौके पर NSUI के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि छात्र हितों पर किसी भी प्रकार का आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन छात्रों की न्यायपूर्ण लड़ाई को अंत तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।