झांसी में एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे गरौठा सीएचसी और फिर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान ककरवई थाना क्षेत्र के खरगवां गांव का रहने वाला जितेंद्र के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, वह मंगलवार को गरौठा से लौटने के बाद काफी गुमसुम था, लेकिन किसी को घटना की भनक नहीं लगी। बुधवार रात युवक सड़क किनारे तड़पता मिला। पूछने पर उसने सल्फास निगलने की बात बताई, हालांकि आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। गांव से 500 मीटर दूर तड़पता मिला ककरवई थाना क्षेत्र के खरगवां गांव का रहने वाला जितेंद्र (21) पुत्र गोविंद दास खेती-किसानी करता था। वह चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई नरेंद्र के मुताबिक, मंगलवार को जितेंद्र गरौठा गया था। वहां से लौटने के बाद वह काफी गुमसुम नजर आ रहा था, लेकिन परिवार ने इसे सामान्य समझकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। बुधवार शाम परिवार के सभी लोग घर पर मौजूद थे। खाना खाने के बाद जितेंद्र घर से बाहर चला गया। कुछ देर बाद गांव का एक युवक दौड़ता हुआ घर पहुंचा और बताया कि जितेंद्र गांव से करीब 500 मीटर दूर सड़क किनारे चक्कर खाकर गिर गया है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मुंह से झाग निकल रही थी वहां जितेंद्र के मुंह से झाग निकल रहे थे। पूछने पर उसने बताया कि उसने सल्फास निगल ली है। हालांकि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी नहीं दे सका। परिजनों ने तुरंत गांव के पूर्व प्रधान राजवीर सिंह को सूचना दी। इसके बाद उनकी कार से जितेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरौठा ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पूर्व प्रधान राजवीर सिंह के अनुसार मेडिकल कॉलेज में करीब तीन घंटे तक इलाज चला, लेकिन युवक की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिवार का कहना है कि जितेंद्र ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि घर में सल्फास नहीं थी। सम्भवना है कि जितेंद्र गरौठा से ही सल्फास खरीद कर लाया हो।