बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी गौ रक्षा यात्रा लेकर शुक्रवार को मैनपुरी पहुंचे। यहां उनसे मिलने सपा सांसद डिंपल यादव पहुंचीं। उन्होंने शंकराचार्य के सामने माथा टेका और आशीर्वाद लिया। डिंपल ने शंकराचार्य को शॉल भी भेंट की। इसके बाद डिंपल शंकराचार्य के पास जमीन पर हाथ जोड़कर बैठ गईं। शंकराचार्य ने गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की अपनी मांग दोहराई। डिंपल यादव ने सबसे पहले कन्नौज की घटना को लेकर शंकराचार्य से माफी मांगी। कहा कि आपको सड़क पर रात बितानी पड़ी। हमें दुख है। गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मुहिम को लेकर डिंपल ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आपके साथ हैं। और आगे भी हमेशा रहेंगे। डिंपल ने यह भी कहा कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य का जो अपमान हुआ है, प्रकृति उसका जरूर बदला लेगी। 2 तस्वीरें देखिए… सपा के पूर्व विधायक के मैरिज हॉल में शंकराचार्य ठहरे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सपा नेता और पूर्व विधायक राजकुमार यादव के मैरिज हॉल में ठहरे थे। शंकराचार्य ने सांसद डिंपल यादव से कन्नौज में सड़क पर रात बिताने वाली घटना का जिक्र किया। डिंपल ने शंकराचार्य से कहा, अखिलेशजी को बहुत दुख है। आप उनके चुनाव क्षेत्र में आए और वहां पर आपका अपमान हुआ। आपको सड़क पर सोना पड़ा। उनको जानकारी नहीं थी, नहीं तो व्यवस्था करते। अखिलेशजी ने आपसे माफी मांगी है। शंकराचार्य ने डिंपल को जवाब दिया कि इसमें आपकी गलती ही नहीं थी तो माफी किस बात की। फिर भी संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने जो ये प्रयास किया, इससे हमको अच्छा लगा। करीब 1 घंटे के कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य किशनी के लिए रवाना हो गए। डिंपल बोलीं- सनातन धर्म का हो रहा अपमान डिंपल यादव ने कहा, हम सभी की तरफ से आपका बहुत-बहुत आदर-सत्कार और आपको बहुत-बहुत नमन। जिस तरह से सनातन धर्म का अपमान हो रहा है, उसे पूरा देश और दुनिया देख रही है। सत्ता में बने हुए जो लोग हैं, वो किस तरह शंकराचार्य का अपमान कर रहे हैं। जनता देख रही है। डिंपल ने कहा, जिस तरह चार स्तंभ होते हैं, जिस तरह चार वेद होते हैं, उसी तरह शंकराचार्यजी का ओहदा है, उनकी हस्ती है। आपका जिस तरह से अपमान हुआ है, हमें पूरा भरोसा है कि ये प्रकृति आपके अपमान का बदला जरूर लेगी। मैं बस यही कहना चाहूंगी कि आपके संघर्ष में हम सभी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्षजी आपके साथ हैं और हमेशा रहेंगे। मैं आप सभी साधु-संतों का बहुत-बहुत आभार प्रकट करती हूं। शंकराचार्य बोले- मेरा आंदोलन चलता रहेगा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना मेरा मुख्य संकल्प है। जब तक इस मांग को संवैधानिक मान्यता नहीं मिल जाती, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। शंकराचार्य का आरोप- प्रशासन हमें परेशान कर रहा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 3 जून को अपनी यात्रा के तहत कन्नौज पहुंचे थे। उनका रात्रि विश्राम छिबरामऊ के सलेमपुर स्थित आशा पब्लिक स्कूल में प्रस्तावित था। आयोजकों का आरोप है कि प्रशासन ने शाम को उन्हें सूचित किया कि वहां ठहरने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसके बाद कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इस घटना के बाद शंकराचार्य ने पाल चौराहा स्थित स्वागत स्थल पर ही रुकने का निर्णय लिया, जहां एक अस्थायी टेंट लगाया गया था। पूरी रात वहां पुलिस बल तैनात रहा। सहयोगियों के अनुसार, भीषण गर्मी के बावजूद स्थल पर बिजली, पंखे या अन्य सुविधाओं की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में सेवकों ने हाथ के पंखों से हवा कर शंकराचार्य को राहत पहुंचाने का प्रयास किया। गुरुवार सुबह फर्रुखाबाद रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था, प्रशासन हमें परेशान कर रहा है। जिस स्कूल में हमें रात में रुकना था। परमिशन न होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने वहां ठहरने से मना कर दिया गया, इसलिए हमने सरकारी जमीन पर रुकने का फैसला किया। यहीं पर रात बिताएंगे। हम गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए निकले हैं। 150 विधानसभाओं में हम होकर आ चुके हैं। हम अपनी यात्रा पूरी करके रहेंगे। शंकराचार्य गुरुवार सुबह करीब 8 बजे अपने काफिले के साथ फर्रुखाबाद के लिए रवाना हो गए थे। तीन महीने पहले अखिलेश ने शंकराचार्य से की थी मुलाकात सपा मुखिया अखिलेश यादव ने 12 मार्च को लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की थी। एक घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। बाहर निकलने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से कहा था- शंकराचार्य से मिलकर आ रहा हूं। उनके आशीर्वाद से अब नकली संतों का अंत होगा। अब वे लोग भी बेनकाब होंगे, जो धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं। सबका सच सामने आएगा। शंकराचार्य ने लखनऊ से गोरक्षा अभियान का शंखनाद किया था। शंकराचार्य काशी से 7 मार्च को निकलने के बाद जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। ——————– यह खबर भी पढ़ें… काशी में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग स्थापित होगा:20 एकड़ में पार्क, म्यूजियम और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं होंगी, VIDEO देखिए वाराणसी में एक वर्ल्ड लेवल का पार्क बनाने जा रहा है। इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसके बीचों-बीच बनने वाला 130 फीट ऊंचा शिवलिंग है। यह शिवलिंग विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग होगा। इसके पहले दुनिया का सबसे बड़ा और ऊंचा अखंड (एक ही पत्थर से बना) शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर में स्थापित है। इसकी ऊंचाई 33 फीट है। और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है। VIDEO देखिए…