नवोदय के 100-छात्रों ने खुद को हॉस्टल में बंद किया:कन्नौज में बोले- प्रिंसिपल हमें नाली का कीड़ा कहते हैं, 4 घंटे बाद DM ने मनाया

कन्नौज में गुरुवार शाम 4 बजे जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले 10वीं से 12वीं तक के 100 छात्रों ने खुद को हॉस्टल में बंद कर लिया। उन्होंने मेस में घटिया खाना मिलने का आरोप लगाते हुए खाने से भी मना कर दिया। पहले शिक्षकों ने खुद स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन जब छात्र डीएम को मौके पर बुलाने पर अड़ गए तो प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। छात्र अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते थे। इसलिए अपना चेहरा चादर, गमछे और तौलिए से ढक रखा था। छात्रों ने कहा- ‘प्रिंसिपल हमें नाली का कीड़ा और गू कहते हैं। उन्हें यहां आए 4 साल हो गए। गाली देते हैं, कभी मोटिवेट नहीं किया। एक टीचर हमें बाहर मिलने की धमकी देते हैं।’ नवोदय विद्यालय के डीएम पदेन अध्यक्ष होते हैं। इसलिए डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री रात करीब 8 बजे खुद विद्यालय पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने हर समस्या के समाधान के लिए छात्रों को भरोसा दिया। डीएम के आश्वासन के बाद छात्र खाना खाने को राजी हुए। अब पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए… जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर अनौगी गांव में जवाहर नवोदय विद्यालय है। शाम 4 बजे कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया और खुद को हॉस्टल के कमरे में बंद कर लिया। शाम 5 बजे बच्चों का वीडियो वायरल होने लगा। डीएम तक भी मामला पहुंचा। इस बीच विद्यालय प्रशासन बच्चों को मनाने में जुटा रहा, लेकिन बच्चे अपनी मांगों पर अड़े रहे। रात करीब 8 बजे डीएम विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों से 20 मिनट तक बात की। उनकी समस्या सुनी और समाधान का आश्वासन दिया। पढ़िए छात्रों ने क्या आरोप लगाए… प्रिंसिपल कहते हैं- नाली में जिओगे, वहीं मर जाओगे छात्रों ने कहा- हमारी कई दिनों से समस्याएं थीं, जिन्हें हम सह रहे थे। लेकिन अब कुछ ज्यादा हो गया था। इसलिए हमने ये कदम उठाया। कक्षा-6 से लेकर 12वीं तक के बच्चे परेशान हैं। हमें मेंस में कच्चे चावल मिलते हैं जो गले के नीचे नहीं उतरते। कल की एक घटना हम बताते हैं। 15 अगस्त आ रहा है, तो उसी की खुशी में हम लोगों ने सुबह 6 बजे की असेंबली में ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए थे। इस बात पर प्रिंसपल गुस्सा हो गए। उन्होंने कहा कि तुम लोग अपने लिए शोक का मौन रख लो। क्या हम मर गए थे कि हमारे लिए यह मौन रखवाया गया? या प्रिंसपल जो इतने ऊंचे ओहदे पर हैं, क्या उन्हें ऐसा बोलना चाहिए था? फिर स्टेज पर, वे सुबह-सुबह कहते हैं कि प्रेयर करो, दिन अच्छा जाएगा। ठीक है, हम मानते हैं, बिलीव (विश्वास) करते हैं। लेकिन वो सुबह आकर गू (गंदगी) हो, ये हो, वो हो जैसे गंदे शब्द हमारे लिए यूज करते हैं। कहते हैं- नाली के कीड़े हो, नाली में जिओगे, नाली में मर जाओगे’। ‘मेस में दम घुटता है’ छात्रों ने कहा- मेस में खाने की सही व्यवस्था नहीं है। हमें खाना हाउस में लाना पड़ता है। खाने की व्यवस्था इसलिए नहीं है, क्योंकि 550 बच्चे हैं, वहां एग्जॉस्ट फैन नहीं लगे हैं तो घुटन होती है। वहां बच्चे बैठ भी नहीं पाते। 550 बच्चों के बैठने की जगह नहीं है। ‘4 साल में प्रिंसिपल ने सिर्फ डिमोटिवेट किया’ जब हम हाउस में खाना लेकर आते हैं तो हमें कहते हैं कि तुम लैट्रिन में खाते हो, उसी का सूंघते हो, उसी में खाते हो, उसी में बैठकर खाते हो। गंदे-गंदे शब्द का इस्तेमाल करते हैं। 4 साल हो गए प्रिंसिपल को आए हुए, आज तक मोटिवेट नहीं किया, हमेशा डिमोटिवेट किया है। हमें मेन प्रॉब्लम प्रिंसिपल से है। उनके पास कुछ भी लेकर जाओ, वे गार्जियन को बुला देते हैं। गलती किसी की भी न हो, गार्जियन को बुला देते हैं। ‘हमारा भी फिर टेस्टोस्टेरोन लेवल बहुत ऊंचा है’ एक पीयूष यादव सर हैं। वो कहते हैं हम भी राजा, तुम भी राजा, दम है तो बाहर आ जाओ’। मतलब कि बाहर की धमकी देते हैं सभी टीचर कि बाहर मिल लो, देख लेंगे तुम्हें। गुंडई दिखाते हैं। हमारा भी टेस्टोस्टेरोन लेवल बहुत ऊंचा है, हम भी फिर नई जनरेशन के हैं। डीएम बोले- छापा मारकर व्यवस्था परखेंगे डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर उनसे बातचीत की गई है। फिलहाल बच्चे भोजन करने के लिए राजी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई, जो ठीक मिली। डीएम ने कहा कि संभव है कि छात्रों के आंदोलन की जानकारी के बाद कर्मचारियों को अधिकारियों के आने की आशंका हो गई हो और इसी वजह से भोजन की गुणवत्ता बेहतर रही हो। अब विद्यालय में बीच-बीच में अचानक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी हो सके। डीएम ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चे मेरिट के आधार पर चयनित होकर आते हैं। ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। विद्यालय में भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कराई जाएगी, ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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