वो मुझे बेटी कहता था, बस एक बार फोटो खिंचाई:बहन बोली- मेरा महंत से कोई रिश्ता नहीं, बागपत में दो दोस्तों को मंदिर में दफनाया था

‘मेरा भाई 25 तारीख को घर से निकला था। सबने उसे बहुत ढूंढा, लेकिन कहीं मिला नहीं। आज पता चला कि गणेश मंदिर में उसे मारकर गाड़ दिया गया है। मेरा महंत से कोई रिश्ता नहीं है। वह तो कहता था कि मैं तुम्हें अपनी बेटी मानता हूं। हरिद्वार में उसने मेरे साथ एक फोटो खिंचा ली थी, लेकिन मेरा उससे कोई संबंध नहीं है।’ यह कहना है अंकित की बहन का, जिसका महंत के साथ अफेयर होने की बात कही जा रही है। बागपत में गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ ने 2 दोस्तों को मारकर गाड़ दिया और ऊपर से प्लास्टर कराकर टाइल्स लगवा दिए। गुरुवार (13 अगस्त) को पुलिस ने महंत के 2 शिष्यों को गिरफ्तार किया। एक शिष्य ने कबूलनामे में कई खुलासे किए। मामला जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर चांदीनगर थाना क्षेत्र का है। पहले पूरा मामला जानिए… सिगोली तगा गांव में अंकित (25) मां और 5 बहनों के साथ रहता था। वह घर का इकलौता बेटा था। 2 बहनों की शादी हो चुकी है। अंकित अविवाहित और बेरोजगार था। उसके घर के ठीक सामने इसरार (32) का घर है। इसरार मजदूरी करके परिवार चलाता था। उसके परिवार में पत्नी फिरदौस और 3 बच्चे हैं। 25 जुलाई की दोपहर अंकित और इसरार बाइक से निकले थे। अगले दिन तक दोनों नहीं लौटे, तो घरवालों ने ढूंढना शुरू किया। लेकिन, दोनों का कुछ पता नहीं चला। दोनों के फोन पर कॉल किया, लेकिन, मोबाइल नहीं उठा। 27 जुलाई की शाम से दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। 4 दिन बाद गुमशुदगी दर्ज कराई गई 29 जुलाई को चांदीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 8-10 दिन बाद भी दोनों नहीं लौटे, तो पुलिस एक्टिव हुई। पुलिस ने कॉल डिटेल, आखिरी लोकेशन और गांव के लोगों से पूछताछ की। इसमें लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ का नाम सामने आया। दोनों आखिरी बार गणेश मंदिर के आसपास देखे गए थे। पुलिस को महंत और अंकित की बहन के बीच अफेयर के बारे में भी पता चला। भनक लगने पर फरार हुआ आरोपी महंत पुलिस ने बुधवार (12 अगस्त) रात मंदिर में छापा मारा, लेकिन इसकी भनक महंत नरेश नाथ (40) को लग गई और वह भाग गया। पुलिस को मंदिर में उसका शिष्य उज्ज्वल मिला। पहले उसने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया। बाद में पुलिस ने दूसरे शिष्य कृष्ण यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। अब पढ़िए आरोपी उज्ज्वल का कुबूलनामा… उज्ज्वल ने पुलिस को बताया- 25 अगस्त को अंकित और इसरार काफी गुस्से में आश्रम आए थे। आश्रम में उस समय महंत नरेश नाथ, उनका 14 साल का बेटा, मैं और कृष्ण यादव मौजूद थे। महंत ने अंकित और इसरार को शांत कराया। कहा कि मैं तुम्हारी समस्या का समाधान करूंगा, लेकिन पहले प्रसाद के रूप में चाय पी लो। चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया महंत ने उस चाय में पहले से ही नशीला पदार्थ मिला रखा था, जिसे पीते ही दोनों बेहोश हो गए। इसके बाद महंत ने अपनी गाड़ी से जहरीला इंजेक्शन निकाला और दोनों को लगा दिया। मैंने जब पूछा कि इनकी तो मौत हो जाएगी, तो महंत ने हमसे शांत रहने के लिए कहा। नाबालिग बेटे को चौकीदारी में लगाया नरेश नाथ ने मुझसे कहा था कि मैं शादी कराने की फीस 40 हजार लेता हूं, लेकिन तुम्हारी शादी फ्री में करवा दूंगा। वहीं, कृष्ण यादव को लालच दिया था कि तुम्हें तंत्र विद्या सिखवा दूंगा। इसके बाद मैंने और कृष्ण ने मिलकर 6 फीट गहरा गड्‌ढा खोदा। महंत का 14 साल का बेटा भी आश्रम आया हुआ था। उसे गेट पर चौकीदारी करने के लिए खड़ा किया गया था। गुमराह करने के लिए 10 किमी दूर फेंका फोन दोनों की मौत होने पर उन्हें गड्‌ढे में गाड़ दिया। उस गड्‌ढे के ऊपर टाइल्स लगवा दिए। पुलिस को गुमराह करने के लिए इसरार के फोन को 10 किलोमीटर दूर जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने जब टाइल्स हटवाए, तो अंकित और इसरार के सड़े हुए शव निकले। कपड़े ओर घड़ी से दोनों की पहचान हुई। अंकित और इसरार जिस बाइक से गणेश मंदिर पहुंचे थे, वह अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। शादी के बाद मायके में रह रही थी बहन अंकित की एक बहन शादी के बाद मायके आकर रहने लगी थी। पहले महंत अंकित के मोहल्ले में ही रहता था और पूजा-पाठ कराता था। लेकिन, उसका चाल-चलन ठीक नहीं था। इसके चलते गांववालों ने उसे गांव से निकाल दिया था। इसके बाद वह गांव से 2 किमी दूर गणेश मंदिर में अपने दो शिष्यों के साथ रहने लगा था। पहले भी कई बार हो चुका था झगड़ा माना जा रहा है कि बहन से अफेयर को लेकर ही अंकित और इसरार महंत को समझाने गए थे। पहले भी कई बार इसको लेकर झगड़ा हो चुका था। बहन से जब महंत से अफेयर के बारे में बात की गई, तो उसने इनकार कर दिया। बहन का कहना है कि महंत तो मुझे बेटी कहता था। उसके साथ मेरा कोई संबंध नहीं था। डेढ़ महाने पहले हम लोग परिवार के साथ हरिद्वार गए थे। महंत ने मुझसे कहा कि तुम तो मेरी बेटी की तरह हो। उसी दौरान उसने मेरे साथ एक फोटो खींच ली थी। अफेयर की जो भी बातें कही जा रही हैं, वो सब अफवाह हैं। मेरे उसके साथ कोई रिलेशन नहीं हैं। बागपत एसपी सूरज राय ने बताया कि दोनों युवकों की डेड बॉडी मंदिर से बरामद कर ली गई है। महंत के शिष्यों उज्ज्वल और कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया गया है। महंत और उसके बेटे की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस की 6 टीमें लगी हैं। आरोपी महंत मूलरूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। पुलिस की एक टीम उत्तराखंड के लिए भी रवाना की गई है। —————————– यह खबर भी पढ़ें… दो युवकों की हत्या करके महंत ने मंदिर में दफनाया, एक की बहन से अफेयर था, दोस्त के साथ समझाने गया था यूपी के बागपत में दो दोस्तों की महंत ने हत्या कर दी। दोनों के शव मंदिर परिसर में ही दफना दिए। किसी को शक न हो, इसलिए ऊपर से टाइल्स (सीमेंटेड ईंट) लगवा दीं। 19 दिन बाद इसका खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने गुरुवार तड़के 3 बजे दोनों के शव बरामद किए। पढ़ें पूरी खबर…