गोरखपुर में B.Sc. फर्स्ट ईयर के छात्र की हत्या उसके ही चचेरे भाई ने की थी। वजह थी- पत्नी से हंसी-मजाक और अफेयर का शक। आरोपी संतोष मिश्रा ने 17 सितंबर (गुरुवार) को अपने चचेरे भाई कार्तिकेय मिश्रा उर्फ शुभम (19) की घर के अंदर सोते समय हत्या कर दी थी। शक के आधार पर पुलिस ने संतोष को शनिवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि शुभम मेरी पत्नी यानी अपनी भाभी से बहुत हंसी-मजाक करता था। चैट पर लंबी बातें करता था। एक दिन मैंने पत्नी के मोबाइल में उसकी चैट पढ़ ली थी। तब मुझे पता चला कि दोनों का अफेयर चल रहा है। संतोष ने बताया- मैंने बहुत समझाया, लेकिन दोनों मान नहीं रहे थे। 14 साल की शादी में कभी मेरा पत्नी से झगड़ा नहीं हुआ। लेकिन, 3 महीने से हमारे बीच तनाव रहने लगा था। इसलिए मैंने पहले शुभम को खाना खिलाया। जब वह गहरी नींद में सो गया, तो बांके से 4 बार हमला करके उसकी हत्या कर दी। मामला जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर बांसगांव थाना क्षेत्र का है। आरोपी बोला- चैट पढ़ने के बाद मैंने पत्नी को समझाया था संतोष जयंतीपुर गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया- शुभम रिश्ते में मेरा चचेरा भाई लगता है। हम दोनों के घर आमने-सामने हैं। मैं ग्राम प्रधान की गाड़ी चलाता हूं। शुभम के पिता स्वदेश मिश्रा खेती-किसानी करते हैं। वह पिछले 4-5 साल से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट और इलाज के लिए शुभम का परिवार लखनऊ गया था। घर पर शुभम अकेला था। इस वजह से मैं उसे रोज खाना देने जाता था। लेकिन, जुलाई से वह मेरी पत्नी से हद से ज्यादा हंसी-मजाक करने लगा था। बातचीत और हंसी-मजाक के दौरान उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग रहती थी। शुभम और पत्नी के बदले व्यवहार को देखते हुए मुझे दोनों पर शक होने लगा। एक दिन मैंने पत्नी के मोबाइल पर दोनों की चैट पढ़ ली। तब मुझे उनके अफेयर की बात पता चली। इसको लेकर मैंने अपनी पत्नी को समझाया, तो हम दोनों के बीच झगड़ा हो गया। तब पत्नी ने आत्महत्या करने की कोशिश की। मैंने शुभम को भी समझाया था। जब दोनों नहीं माने, तो मैंने शुभम को मारने की योजना बनाई। 15 सितंबर को मारने गया था, नाकामयाब रहा तो 2 दिन बाद वारदात की संतोष ने बताया- मैं 15 सितंबर की रात शुभम को मारने गया, लेकिन वह जाग गया। इसलिए घर लौट आया और सही मौके का इंतजार करने लगा। 16 सितंबर को फिर मैं शुभम को रात 8 बजे खाना देने गया और वापस आ गया। 17 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे फिर मैं उसके घर पहुंचा। शुभम घर में तख्त पर सो रहा था। मैंने उसके सिर पर बांके से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मैं भाग गया। इसके थोड़ी देर बाद शुभम के 2 दोस्त उसे रोज की तरह टहलने के लिए जगाने पहुंचे, तो तख्त पर खून देखकर घबरा गए। शोर मचाकर गांववालों को बुला लिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि वारदात के बाद शुभम के ताऊ नागेंद्र मिश्रा ने शिकायत देकर FIR कराई। मामले के खुलासे के लिए 8 टीमें लगाई गईं। 50 से ज्यादा सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गईं। करीब 300 मोबाइल नंबरों के सीडीआर की पड़ताल की। जांच में संतोष, उसकी पत्नी और शुभम के बीच विवाद की बात सामने आई। यह भी पता चला कि अचानक उनकी आपस में बात बंद हो गई। इससे संतोष पर शक और बढ़ गया। टीम ने गांव के करीब 27 लोगों से पूछताछ की। उन लोगों ने तीनों के झगड़े की पूरी कहानी बताई। सीडीआर समेत अन्य सुरागों को जोड़कर पुलिस ने संतोष को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 2021 में पिता से मांगी गई थी 20 लाख की रंगदारी पुलिस ने बताया कि शुभम के पिता स्वदेश मिश्रा की कस्बे में मिठाई की दुकान थी। साल 2021 में उनसे 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर शनि सिंह पर आरोप लगाए गए थे। तब मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। शुभम के मर्डर के बाद पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच की थी। —————————— ये खबर भी पढ़िए- होमगार्ड परीक्षा में दौड़ते-दौड़ते युवक की मौत, बरेली में पत्नी बोली- B.Tech, B.Ed, TET पास थे, लेकिन सरकारी नौकरी चाहते थे पति B.Tech, B.Ed, CTET और UP-TET पास थे। कोचिंग चलाकर अच्छा पैसा कमा लेते थे, लेकिन मन सरकारी नौकरी करने का था। 17 सितंबर को बर्थडे मनाने के बाद मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की दौड़ में शामिल होने गए थे। अगले दिन पता चला कि उनकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर