पुलिस की पिटाई से दलित युवक की मौत:बलिया में बेटे की जगह उठा ले गए; पीटकर बाग में फेंका; दरोगा समेत 6 पर FIR

बलिया में दलित युवक की मौत के बाद घरवालों और गांववालों ने सड़क जाम कर दी। घरवालों का आरोप है कि 4 दिन पहले पुलिस उसे थाने ले गई थी। वहां उसकी जमकर पिटाई कर उसे छोड़ दिया। शाम को युवक बेहोशी की हालत में बगीचे में पड़ा मिला। घरवाले उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत में BHU रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान 10 जुलाई की रात 11 बजे युवक की मौत हो गई। 11 जुलाई की रात पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव गांव पहुंचा। रविवार सुबह करीब 10:45 बजे गुस्साए गांववालों ने रेवती-बलिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर ASP, SDM समेत 5 थानों की फोर्स पहुंची। घरवालों से बातचीत कर आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। इसके बाद करीब 2:30 बजे घरवाले शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। इस मामले में ग्राम प्रधान, सब-इंस्पेक्टर और सिपाही समेत 6 लोगों के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज की गई है। पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए… बेटे से मीट के लिए हुआ था झगड़ा कामजी गोंड (42) गायघाट गांव में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह राजमिस्त्री का काम करते थे। घर में उनकी पत्नी रीमा (40) और बेटा विशाल (22) रहते हैं। कामजी के 2 भाई हैं। बड़ा भाई रामजी बाहर नौकरी करता है। दूसरे नंबर का भाई श्यामजी विकलांग है। वह कामजी के साथ घर पर ही रहता है। 7 जुलाई की शाम करीब 4 बजे कामजी का बेटा विशाल मीट खरीदने सूरज कनौजिया की दुकान पर गया था। इस दौरान दोनों में झगड़ा हो गया। सूरज और उसके रिश्तेदार विशाल को लाठी-डंडा लेकर मारने दौड़ पड़े। इस पर विशाल वहां से भाग आया। इसके बाद सूरज, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उसके ड्राइवर मनीष यादव के साथ थाने पहुंचा। उसने विशाल के खिलाफ शिकायत कर दी। पिता को पुलिस थाने ले गई, मकर पीटने का आरोप बेटे विशाल ने बताया कि 8 जुलाई की दोपहर करीब 1:30 बजे रेवती थाने से SI सचिन सरोज और कॉन्स्टेबल अंकित सिंह विशाल के घर पहुंचे। उन्हें विशाल के पिता कामजी मिले। पुलिस उन्हें थाने ले गई। आरोप है कि वहां कामजी को जमकर मारा-पीटा गया। इसके बाद पुलिस ने कामजी को छोड़ दिया। वह ड्राइवर मनीष यादव के साथ थाने से निकला। बगीचे में बेहोशी की हालत में मिले पिता बेटे विशाल ने बताया कि शाम करीब 4 बजे कामजी को ईंट भट्ठे पर ले जाया गया। वहां उनके साथ फिर से मारपीट की गई। इसके बाद बच्चों ने शाम करीब 6 बजे ठगनी माई के बगीचे में कामजी को पड़ा देखा। तब उन्होंने विशाल को बताया कि उनके पिता कामजी बेहोशी की हालत में पड़े हैं। BHU ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हुई परिवारवाले कामजी को रेवती CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले गए। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल ने BHU रेफर कर दिया। वहां ट्रामा सेंटर में 10 जुलाई की रात 11 बजे उनकी मौत हो गई। फिर BHU में ही कामजी का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद 11 जुलाई (शनिवार) की रात कामजी का शव घर पहुंचा। रविवार की सुबह 11 बजे ग्रामीणों और घरवालों ने रेवती-बलिया मुख्य मार्ग सीमेंट का पोल रखकर सड़क जाम कर दी। उन्होंने पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया। SI और कॉन्स्टेबल समेत 6 के खिलाफ हत्या का मुकदमा सूचना मिलते ही मौके पर ASP दक्षिणी संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ बैरिया आलोक कुमार गुप्ता और सीओ मंजरी राव समेत 5 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घरवालों से बातचीत की और आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। इसके बाद दोपहर करीब 2:30 बजे परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। इस मामले में ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, एसआई सचिन सरोज, सिपाही अंकित सिंह, संतोष और सूरज समेत 6 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। छोटे भाई की पत्नी बोली- पुलिस ने मारा और छोड़कर भाग गई कामजी के छोटे भाई की पत्नी कलावती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस भैया को ले गई। मैंने पुलिस से रोकने की कोशिश की। कहा कि साहब मत ले जाइए, आप लोग इन्हें मारेंगे। लेकिन, वो लोग नहीं माने। पुलिस उन्हें मारकर ठगनी माई के मठिया में छोड़कर भाग गई। कलावती देवी ने बताया कि घरवाले जब कामजी को बाग से उठाकर घर लाए, तब उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं। उनकी बांह सूज गई थी, ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। घरवालों के अनुसार, कामजी ने इतना ही कहा कि उन्हें पुलिस ने पीटा है। कामजी की भांजी लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि पुलिस शव को कब्जे में लेने का प्रयास कर रही थी। घरवालों ने दोषियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता की भी मांग की। डीआईजी सुनील कुमार ने कहा- शव का पोस्टमॉर्टम बीएचयू में कराया गया है। आरोपी दरोगा और सिपाही को लापरवाही पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है। ——————- यह खबर भी पढ़ें… योगी ने पेड़ के साथ सेल्फी ली, गुब्बारे छोड़े; गोरखपुर से पौधरोपण अभियान की शुरुआत, प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे

यूपी में आज 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। सीएम योगी ने सुबह 8:30 बजे गोरखपुर से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के पास नीम, पीपल और बरगद के पौधे लगाए। पौधे के साथ आईफोन से सेल्फी भी ली। सीएम ने आसमान में गुब्बारे भी छोड़े। पढ़ें पूरी खबर…