यूपी में लगातार हो रही बारिश से कई नदियां उफान पर हैं। वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या समेत 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। प्रयागराज में गंगा और यमुना के सभी घाट जलमग्न हैं। दारागंज घाट पर शवदाह गृह में पानी भरे होने की वजह से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मजबूरन सड़कों के किनारे ऊंची जगहों पर चिताएं जलानी पड़ रही हैं। वाराणसी और कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी लोगों के घरों में घुस गया है। लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। रामपुर में बाढ़ के कारण कई छोटे पुल डूब गए हैं। भैया नगला गांव में पुल टूटने से गांववाले जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। बाढ़ के हालात को देखते हुए योगी ने शनिवार को काशी के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इधर, रविवार सुबह से लखनऊ और कानपुर समेत सभी शहरों में मौसम साफ है। हालांकि, बीच-बीच में बादल छा रहे हैं। आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब और मजबूत हो गया है। इसके असर से अगले एक हफ्ते तक प्रदेश में हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बारिश और बाढ़ की तस्वीरें देखिए… दक्षिणी और विंध्य क्षेत्र में ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दक्षिणी-पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र बारिश के लिहाज से सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकते हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश होने की स्थिति में पहले से जलभराव और बाढ़ की समस्या झेल रहे इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दूसरी ओर मध्यांचल और पश्चिमी यूपी में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। यहां मुख्य रूप से बादलों की आवाजाही, गरज-चमक और छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। 26 जिले बाढ़ की चपेट में प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 3.53 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है जबकि करीब 5 हजार लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। बारिश और बादल बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जातौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्रों में लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- पूर्वी यूपी के करीब राजस्थान के पास बना मानसूनी सिस्टम 24 घंटे के बाद पूर्व की तरफ मुड़ेगा। इससे 6 से 8 सितंबर के बीच पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में भारी बारिश होगी। 8 सितंबर के बाद बारिश कराने वाला यह सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा। इससे पूरे राज्य में भारी बारिश थम जाएगी। हालांकि, कहीं-कहीं हल्की-फुल्की बारिश या बौछारें पड़ती रहेंगी। कल किन-किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, देखिए