बागपत में गुरुवार को भरी मीटिंग में डीएम अस्मिता लाल की मेज पर लंगूर आकर बैठ गया। यह देख डीएम डर गईं और अपनी कुर्सी छोड़कर खड़ी हो गईं। डीएम ने लंगूर की तरफ इशारा करते हुए कहा- बैठ जाओ। लंगूर कुछ देर तक मेज पर बैठा रहा। इस बीच डीएम का अर्दली आया। उसने पुचकार कर लंगूर को भगाया। तब लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। 3 विजुअल देखिए… पढ़िए पूरा मामला… डीएम ने मुस्कुराते हुए लंगूर को इशारा किया- बैठ जाओ बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे डीएम अस्मिता लाल विकास भवन में किसान दिवस की बैठक चल रही थी। पुलिस अधीक्षक सूरज राय भी मौजूद थे। किसान बारी-बारी से अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख रहे थे। तभी अचानक लंगूर मीटिंग हॉल में पहुंच गया। किसानों की मेजों से होते हुए वह सीधे डीएम के पास जा पहुंचा। लंगूर को अपने करीब देखकर डीएम अस्मिता लाल ने तुरंत अपनी कुर्सी छोड़ दी और मुस्कुराते हुए उसकी ओर इशारा करते हुए कहा- बैठो इधर बैठो। लंगूर का नाम मटरू
लंगूर का नाम मटरू है। वह अक्सर कलेक्ट्रेट परिसर में नजर आता रहता है। वहां के कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच काफी जाना-पहचाना है। इससे पहले भी वह कई बार वहां देखा गया है। करीब दो महीने पहले मटरू किसान धरने के दौरान डीएम के पास पहुंच गया था। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता सीएम के नाम ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वो कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। डीएम अस्मिता लाल को जैसे इसकी सूचना मिली तो वे खुद किसानों के पास पहुंच गईं। इस दौरान वहां एक लंगूर भी आकर बैठ गया। डीएम की नजर लंगूर पर पड़ी तो वो जमीन पर बैठकर उसके साथ खेलने लगीं। लंगूर ने डीएम के हाथ को पकड़ लिया। इस पर उन्होंने कहा- नो मटरू। तभी साथ बैठे किसान हंस पड़े। किसानों ने कहा- मैडम नो कहने से ये नहीं मानेगा। ये सुनकर डीएम भी हंस पड़ीं। अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी
दिल्ली निवासी अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहली बार जिला मजिस्ट्रेट का प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले वे गाजियाबाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थीं। गाजियाबाद की सीडीओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ अभियान के लिए बहुत काम किया। —————————– ये खबर भी पढ़ेंः- लखनऊ में 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, 30 सिलेंडर फटे:युवक बोला- मेरे 4 बच्चे जिंदा जल गए; 10 km दूर तक दिखीं लपटें लखनऊ में बुधवार शाम साढ़े 5 बजे भीषण आग लग गई। विकासनगर इलाके में लगी इस आग से 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें देखी गईं। आग लगने के बाद आसपास के करीब 20 मकानों को खाली करा लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
लंगूर का नाम मटरू है। वह अक्सर कलेक्ट्रेट परिसर में नजर आता रहता है। वहां के कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच काफी जाना-पहचाना है। इससे पहले भी वह कई बार वहां देखा गया है। करीब दो महीने पहले मटरू किसान धरने के दौरान डीएम के पास पहुंच गया था। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता सीएम के नाम ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वो कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरने पर बैठ गए। डीएम अस्मिता लाल को जैसे इसकी सूचना मिली तो वे खुद किसानों के पास पहुंच गईं। इस दौरान वहां एक लंगूर भी आकर बैठ गया। डीएम की नजर लंगूर पर पड़ी तो वो जमीन पर बैठकर उसके साथ खेलने लगीं। लंगूर ने डीएम के हाथ को पकड़ लिया। इस पर उन्होंने कहा- नो मटरू। तभी साथ बैठे किसान हंस पड़े। किसानों ने कहा- मैडम नो कहने से ये नहीं मानेगा। ये सुनकर डीएम भी हंस पड़ीं। अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी
दिल्ली निवासी अस्मिता लाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहली बार जिला मजिस्ट्रेट का प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले वे गाजियाबाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थीं। गाजियाबाद की सीडीओ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ अभियान के लिए बहुत काम किया। —————————– ये खबर भी पढ़ेंः- लखनऊ में 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, 30 सिलेंडर फटे:युवक बोला- मेरे 4 बच्चे जिंदा जल गए; 10 km दूर तक दिखीं लपटें लखनऊ में बुधवार शाम साढ़े 5 बजे भीषण आग लग गई। विकासनगर इलाके में लगी इस आग से 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किलोमीटर दूर तक आग की लपटें देखी गईं। आग लगने के बाद आसपास के करीब 20 मकानों को खाली करा लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…