यूपी में लगातार 4 दिनों तक हुई बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बदायूं में 70 साल पुरानी दो मंजिला कोठी भरभराकर गिर गई। महज 3 सेकंड में पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गई। अमरोहा में जर्जर मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। बरेली में जल जीवन मिशन पंपिंग स्टेशन किच्छा नदी में बह गया। कुछ दिन पहले पानी की टंकी भी बह गई थी। मुरादाबाद में बारिश के बीच मकान की छत पर एक साथ 3 तेंदुए दिखाई दिए। प्रदेश की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है। रास्ते जलमग्न हो गए हैं। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर में गंडक (नारायणी) नदी में बाढ़ आ गई है। 2 गांवों के 1,400 परिवार प्रभावित हुए हैं। 600 परिवार अपना घर छोड़कर तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। लोग 2-3 फीट पानी के बीच से आवाजाही कर रहे हैं। सीतापुर में सरायन और पिरई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर पहुंच गया है। लोग ट्रैक्टर और जेसीबी से सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहे हैं। उन्नाव में लोग मकानों और दुकानों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। इधर, सोमवार को लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत ज्यादातर शहरों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 17 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश-बाढ़ की तस्वीरें देखिए… 24 घंटे में बारिश का असर बहुत कम हो जाएगा वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया- बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अब यूपी से गुजरकर कमजोर पड़ गया है। 4 दिनों तक लगातार हुई बारिश अब थमने लगी है। अगले 24 घंटे में बारिश का असर बहुत कम हो जाएगा। सिर्फ नेपाल सीमा से सटे तराई वाले इलाकों में ही हल्की बारिश होगी। अक्टूबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। तेज धूप निकलेगी। आज कहां-कहां बारिश का अलर्ट, देखिए बारिश से फसल बर्बाद हुई तो मुआवजा कैसे पाएं, जानिए आपके शहर में मौसम कैसा है, कब तक बारिश का अलर्ट है और बाढ़ के हालात कैसे हैं? जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…