यूपी में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ये सभी धर्म और जाति के लोगों के लिए जरूरी है। मैरिज सर्टिफिकेट नहीं होने पर बैंकिंग से लेकर विदेश जाने तक कई काम अटक सकते हैं। शादी का रजिस्ट्रेशन कराने की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया क्या है, जानिए इस रिपोर्ट में… अरेंज मैरिज के लिए निवास प्रमाणपत्र जरूरी यूपी में मैरिज रजिस्ट्रेशन ‘महिला कल्याण विभाग’ और ‘स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग’ के तहत होता है। शादी का रजिस्ट्रेशन सिर्फ उसी तहसील में होगा, जहां दूल्हा, दुल्हन या उनके माता-पिता का स्थायी पता हो। शादी जिस जगह हुई है, उसके आधार पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता। अगर लड़का यूपी का है और लड़की किसी अन्य राज्य की, तो मैरिज रजिस्ट्रेशन कराते समय लड़के का निवास प्रमाणपत्र चाहिए होगा। ‘उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली 2017’ के अनुसार, शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दूल्हे की उम्र कम से कम 21 साल और दुल्हन की उम्र 18 साल होना जरूरी है। लव मैरिज में पंडित या काजी की गवाही लगेगी अगर शादी परिवार की मर्जी के नहीं हुई है, तो रजिस्ट्रेशन के समय शादी कराने वाले पंडित या काजी की गवाही, उनका शपथपत्र और शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में जमा करनी जरूरी है। धोखाधड़ी रोकने के लिए 1 अप्रैल, 2026 से मैरिज रजिस्ट्रेशन में आधार का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। कोर्ट मैरिज करने वालों के लिए भी रजिस्ट्रेशन जरूरी कई बार लोग कोर्ट मैरिज या आर्य समाज मंदिर में शादी करते हैं। तब शादी के कार्ड नहीं छपवाए जाते। इस स्थिति में दूल्हा-दुल्हन को एक शपथपत्र बनवाना पड़ेगा। इसे रजिस्ट्रेशन के वक्त डॉक्यूमेंट सेक्शन में अपलोड करना होता है। इसके बिना फॉर्म आगे नहीं बढ़ेगा। मैरिज सर्टिफिकेट कब और कैसे मिलेगा? ऑनलाइन फॉर्म सब्मिट होने के बाद सब-रजिस्ट्रार ऑफिस वेरिफिकेशन करेगा। इसके बाद अपॉइंटमेंट मिलता है। तय तारीख पर दूल्हा-दुल्हन और गवाहों को अपने डॉक्यूमेंट्स के साथ पेश होना होता है। यहां उनके सिग्नेचर और अंगूठे के निशान लिए जाते हैं। तहसील में बायोमेट्रिक के वक्त उन्हीं 2 गवाहों को जाना होगा, जिनके डॉक्यूमेंट ऑनलाइन अपलोड किए गए हैं। इस प्रक्रिया के 15 से 30 दिन बाद igrsup.gov.in पर जाकर अपना एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड डालकर सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। इस पर बारकोड और डिजिटल साइन होते हैं, जो हर सरकारी और कानूनी काम के लिए 100% मान्य है। मैरिज सर्टिफिकेट में गलती को सुधारने का प्रोसेस भी जानें अगर सर्टिफिकेट डाउनलोड होने के बाद पता चले कि नाम या जन्मतिथि की स्पेलिंग में कोई गलती हो गई है, तो उसे ऑनलाइन नहीं सुधारा जा सकता। इसके लिए वापस उसी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर आवेदन देना होता है। रजिस्ट्रेशन न कराने पर 6 बड़े नुकसान 1. फंस सकता है लाखों का फंड : भगवान न करे अगर किसी के पति या पत्नी के साथ कोई अनहोनी हो जाए, तो पार्टनर के नाम पर जमा पीएफ का पैसा, ग्रेच्युटी या जीवन बीमा का क्लेम लेने में मैरिज सर्टिफिकेट सबसे बड़ा कानूनी सबूत होता है। इसके बिना कंपनियां और बैंक क्लेम देने से मना कर सकते हैं या प्रक्रिया में सालों लग सकते हैं। 2. बैंक खाते और प्रॉपर्टी में नॉमिनी बनने में अड़चन : पति या पत्नी की संपत्ति या बैंक अकाउंट में नॉमिनी बनाने के लिए बैंक मैरिज सर्टिफिकेट की मांग करते हैं। इसके बिना प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराना कठिन हो जाता है। 3. पासपोर्ट और वीजा रिजेक्शन का खतरा : अगर आप शादी के बाद विदेश घूमने जाना चाहते हैं या विदेश में सेटल होना चाहते हैं, तो बिना मैरिज सर्टिफिकेट के ‘स्पॉउज वीजा’ मिलना नामुमकिन है। पासपोर्ट में पार्टनर का नाम जुड़वाने के लिए भी यह जरूरी है। 4. जॉइंट होम लोन और बैंकिंग में परेशानी : अगर कोई कपल जॉइंट होम लोन, कार लोन या जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवाना चाहता है, तो बैंक मैरिज सर्टिफिकेट को प्राइमरी डॉक्यूमेंट के रूप में मांगते हैं। 5. सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे : यूपी की सामूहिक विवाह योजना या आवास योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होता है। 6. तलाक, गुजारा भत्ता और बच्चों की कस्टडी : अगर भविष्य में वैवाहिक जीवन में कोई कानूनी विवाद खड़ा होता है, तो कोर्ट में सबसे पहले यह साबित करना होता है कि शादी कानूनी रूप से वैध है। मैरिज सर्टिफिकेट होने से यह प्रक्रिया आसान हो जाती है। ———————————– आपके काम की ये खबरें भी पढ़ें- वोटर लिस्ट में घर बैठे नाम जोड़ें, SIR में नाम कटा तो ये फॉर्म भरें, वोटर ID में एड्रेस और फोटो 5 मिनट में बदलें वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना है या नया वोटर कार्ड बनवाना है। वोटर कार्ड बना है, लेकिन नाम-पता गलत हो गया है। कार्ड पर फोटो सही नहीं है। ये सारी मुश्किलें घर बैठे दूर हो सकती हैं। आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यह कैसे करना है, पढ़िए… ————— जमीन-मकान खरीदते समय फ्रॉड से ऐसे बचें, एक क्लिक में पता करें जमीन पर केस, लोन या कोई कानूनी विवाद तो नहीं प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे बड़ा खतरा फर्जी रजिस्ट्री, विवादित जमीन या एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने का होता है। इस तरह फंसने से लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है। अब घर बैठे बस 5 मिनट में किसी भी जमीन या मकान का स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। इससे प्रॉपर्टी की सही जानकारी लेकर धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा। पढ़िए पूरी खबर…