कुशीनगर में एक मदरसे में पाकिस्तान का पंखा मिला है। रविवार को पुलिस मदरसा पहुंची और पंखे को उतारकर थाने ले आई। पुलिस ने मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों ने हिरासत में लिया। पूछताछ शुरू की तो पता चला कि तीन साल पहले पंखा मदरसे को दान में मिला था। जिसने दान किया था, उसका बेटा सऊदी अरब में मजदूर है। उसने ही वहां ‘मेड-इन-पाकिस्तान’ पंखा खरीदा और अपने घर भेजा था। बाद में पिता ने दान कर दिया। पुलिस ने पंखे की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज जांचने और पूछताछ के बाद मदरसा प्रबंधक और दानकर्ता को छोड़ दिया। खराबी आने पर मैकेनिक के पास पहुंचा था पंखा
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित गोसाई पट्टी में मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम है। पुलिस के अनुसार, मदरसे में लगे तीन पंखे (सीलिंग फैन) खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। मिस्त्री अकबर ने बताया- मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। दो आसानी से खुल गए, लेकिन तीसरे को खोलते समय उसके पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा मिला। पंखा खुल नहीं रहा था, इसलिए यूट्यूब पर सर्च करने लगा। तभी एक लड़का आया और पंखे पर मेड इन पाकिस्तान लिखा देख, इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसके कुछ देर बाद ही दो लोग पहुंचे और पंखे के बारे में पूछताछ करने लगे। उन्होंने ही विशुनपुरा थाने को फोन करके शिकायत की। विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया- सूचना मिलते ही हमारी टीम पहले मदरसा पहुंची। हालांकि पता चला कि पंखा एक बिजली दुकान पर मरम्मत के लिए भेजा गया है। पंखा जब्त करने के बाद मदरसा प्रबंधक मोहम्मद यूनुस और इस पंखे को दान करने वाले गांव निवासी शमशुद्दीन को हिरासत में ले लिया गया। 80 रियाल में खरीदा गया था पंखा
मदरसा प्रबंधक मोहम्मद यूनुस और शमशुद्दीन को थाने में लाकर पंखे के बारे में पूछताछ की गई। शमशुद्दीन ने बताया- उनका बेटा वाजिद अंसारी करीब 10 साल से सऊदी अरब में मजदूरी करता है। उसने 2020 में करीब 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था और कार्गो के जरिए अपने घर भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उसने यह पंखा मदरसे को दान कर दिया था। पुलिस ने शमशुद्दीन के बेटे वाजिद से वीडियो कॉल पर बात की। फोन पर ही पंखे की खरीद से संबंधित दस्तावेज मंगवाए, जो सही मिले। इसके बाद मदरसे की भी जांच की गई। कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। मदरसा शिक्षक बोले– चंदे से चलता है संस्थान
मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि मदरसा चंदे से चलता है। गर्मी से परेशान बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी। उसी दौरान शमशुद्दीन ने यह पंखा दिया था, जो डेढ़ साल से चल रहा था। खराब होने पर मरम्मत के दौरान यह बात सामने आई। पिछड़ा आयोग सदस्य बोले– जरूरत पड़ी तो होगी जांच
पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने कहा कि डीएम और एसपी से मुलाकात करके मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी कि आखिर कुशीनगर के मदरसे में पाकिस्तान निर्मित पंखा कहां से और कैसे आया। और अगर कहीं भी गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। ————————– ये खबर भी पढ़िए… चलती ट्रेन में युवक की गोली मारकर हत्या, चंदौली में रेलवे ट्रैक पर शव फेंका, कर्नाटक से लौट रहा था
चंदौली में रविवार को एक युवक की चलती ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कर्नाटक से अपने घर गाजीपुर जा रहा था। दो हमलावरों ने उसके सिर पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली उसके माथे को चीरते हुए आर-पार हो गई। हमलावरों ने युवक की लाश को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। सूचना पर जीआरपी और तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पूरी खबर पढ़ें…
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित गोसाई पट्टी में मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम है। पुलिस के अनुसार, मदरसे में लगे तीन पंखे (सीलिंग फैन) खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। मिस्त्री अकबर ने बताया- मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। दो आसानी से खुल गए, लेकिन तीसरे को खोलते समय उसके पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा मिला। पंखा खुल नहीं रहा था, इसलिए यूट्यूब पर सर्च करने लगा। तभी एक लड़का आया और पंखे पर मेड इन पाकिस्तान लिखा देख, इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसके कुछ देर बाद ही दो लोग पहुंचे और पंखे के बारे में पूछताछ करने लगे। उन्होंने ही विशुनपुरा थाने को फोन करके शिकायत की। विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया- सूचना मिलते ही हमारी टीम पहले मदरसा पहुंची। हालांकि पता चला कि पंखा एक बिजली दुकान पर मरम्मत के लिए भेजा गया है। पंखा जब्त करने के बाद मदरसा प्रबंधक मोहम्मद यूनुस और इस पंखे को दान करने वाले गांव निवासी शमशुद्दीन को हिरासत में ले लिया गया। 80 रियाल में खरीदा गया था पंखा
मदरसा प्रबंधक मोहम्मद यूनुस और शमशुद्दीन को थाने में लाकर पंखे के बारे में पूछताछ की गई। शमशुद्दीन ने बताया- उनका बेटा वाजिद अंसारी करीब 10 साल से सऊदी अरब में मजदूरी करता है। उसने 2020 में करीब 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था और कार्गो के जरिए अपने घर भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उसने यह पंखा मदरसे को दान कर दिया था। पुलिस ने शमशुद्दीन के बेटे वाजिद से वीडियो कॉल पर बात की। फोन पर ही पंखे की खरीद से संबंधित दस्तावेज मंगवाए, जो सही मिले। इसके बाद मदरसे की भी जांच की गई। कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। मदरसा शिक्षक बोले– चंदे से चलता है संस्थान
मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि मदरसा चंदे से चलता है। गर्मी से परेशान बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी। उसी दौरान शमशुद्दीन ने यह पंखा दिया था, जो डेढ़ साल से चल रहा था। खराब होने पर मरम्मत के दौरान यह बात सामने आई। पिछड़ा आयोग सदस्य बोले– जरूरत पड़ी तो होगी जांच
पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने कहा कि डीएम और एसपी से मुलाकात करके मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी कि आखिर कुशीनगर के मदरसे में पाकिस्तान निर्मित पंखा कहां से और कैसे आया। और अगर कहीं भी गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। ————————– ये खबर भी पढ़िए… चलती ट्रेन में युवक की गोली मारकर हत्या, चंदौली में रेलवे ट्रैक पर शव फेंका, कर्नाटक से लौट रहा था
चंदौली में रविवार को एक युवक की चलती ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कर्नाटक से अपने घर गाजीपुर जा रहा था। दो हमलावरों ने उसके सिर पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली उसके माथे को चीरते हुए आर-पार हो गई। हमलावरों ने युवक की लाश को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। सूचना पर जीआरपी और तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पूरी खबर पढ़ें…