यूपी में आंधी-बारिश:वाराणसी में 100 किमी रफ्तार से चली हवा; 35 जिलों में आज फिर अलर्ट

भीषण गर्मी और लू के एक दौर के बाद बुधवार को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने राहत दी। राजधानी लखनऊ समेत वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या सहित करीब 20 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर चला। वाराणसी में हवा की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंची, जबकि अयोध्या में 87 किमी प्रति घंटे की गति दर्ज की गई। हालांकि तापमान में पूरी तरह गिरावट नहीं आई और 45.8 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को भी प्रदेश के करीब 35 जिलों में गरज-चमक और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं 11 जिलों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो गोरखपुर में 19.2 मिमी, प्रयागराज में 11.2 मिमी और वाराणसी में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अमेठी और आजमगढ़ में 5 मिमी बारिश हुई। कई जिलों, जिनमें लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और रायबरेली शामिल हैं, से ओलावृष्टि की भी सूचना मिली। मौसम की तस्वीरें- आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार- मध्य क्षोभमंडल में उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से पूरे प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिला। अगले 24 घंटे तक मौसम का यही रुख बने रहने के संकेत हैं।
यहां है गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र। यहां है झोंकेदार हवा (गति 40-50 किमी/घंटा) की आशंका
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, कन्नीज, कानपुर देहात, कानपुर नगर व आस पास के क्षेत्र। आज कैसा रहेगा मौसम? अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम? कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार
इसके दृष्टिगत प्रदेश में कुछ स्थानों पर दोपहर में लू चलने के साथ कहीं-कहीं रात भी गर्म होने के आसार हैं। प्रदेश में मेघगर्जन के साथ वर्षा का नया दौर शुरू होने से 28 अप्रैल से तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आ सकती है जिससे लू की स्थितियों में सुधार की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से छिटपुट वर्षा का दौर शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के आसार हैं। इस साल की बारिश पर अलनीनो का साया
इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल के जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मॉनसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए- जून तक कैसा रहेगा मौसम? समझिए- गर्मी और लू से बचने के लिए अपनाइए ये टिप्स…

———————————–