यूपी में रंगदारी मांगने वाला शार्प शूटर एनकाउंटर में ढेर:जिसके भाई की हत्या की, उसी से मुकदमा लड़ने का खर्च मांग रहा था

मेरठ STF (स्पेशल टास्क फोर्स) और बागपत की पुलिस ने शनिवार को शार्प शूटर विपुल उर्फ खूनी को मुठभेड़ में मार गिराया। वह हत्या और रंगदारी के केस में फरार चल रहा था। यह मुठभेड़ शाम 6 बजे सिंघावली अहीर इलाके में हुई। पुलिस और विपुल के बीच करीब 12 राउंड फायरिंग हुई। इसी दौरान उसे चार गोलियां लगी और गिर पड़ा। तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, शूटर विपुल ने 12 साल पहले पवन नाम के व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस समय वह जमानत पर था, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट जारी थे। विपुल अब पवन के भाई से मुकदमा लड़ने का खर्च मांग रहा था। रंगदारी न देने पर हत्या की धमकी भी दी थी। इस मामले में पुलिस ने विपुल पर केस दर्ज करते हुए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। वह सुशील मूंछ गैंग का शार्प शूटर था। उसके खिलाफ यूपी के शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ के अलावा दिल्ली में हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के 38 मुकदमे दर्ज थे। 4 तस्वीरें देखिए… एसपी ने बताया, कैसे हुई मुठभेड़? बागपत के SP सूरज कुमार राय ने बताया, पुलिस और मेरठ STF को सूचना मिली थी कि विपुल उर्फ खूनी सिंघावली अहीर थाने के सैदपुर गांव के पास मौजूद है। टीम ने इलाके की घेराबंदी की। शाम 6 बजे खुद को घिरा देख विपुल ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने खुद को बचाते हुए जवाब दिया। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 12 राउंड गोलियां चली। इस दौरान विपुल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे पहले पिलाना सीएचसी, फिर जिला अस्पताल लेकर गई। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ वाली जगह पर तलाशी ली। दो पिस्टल, एक बाइक और कई खोखा कारतूस बरामद किए हैं। विपुल शामली में कांधला थाना क्षेत्र के भभीसा गांव का रहने वाला था। हत्या के केस में फरार, पीड़ित भाई से मांग रहा था रंगदारी पुलिस के मुताबिक, विपुल ने 14 जुलाई 2014 को अपने गांव में पवन की हत्या कर दी थी। पवन के भाई अशोक ने विपुल उसके साथियों के खिलाफ कांधला थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। इस केस में पुलिस ने विपुल को गिरफ्तार कर गाजियाबाद की डासना जेल भेजा था। लेकिन एक साल पहले उसे जमानत मिल गई। मुकदमे के ट्रायल के दौरान वह 14 अगस्त, 2025 से कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट भी जारी थे। पुलिस का कहना है कि विपुल ने इसी मुकदमे में खर्च हुए रुपए अशोक से मांगे थे। रुपये नहीं देने पर उसने अशोक को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में कांधला थाने में एक और मुकदमा दर्ज किया गया। इन मामलों के चलते शामली पुलिस ने विपुल उर्फ खूनी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। 2005 में पहली बार क्राइम, घर में घुसकर जानलेवा हमला किया पुलिस के अनुसार, विपुल ने 2005 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ पहला मुकदमा घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के आरोप में दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने लगातार संगीन वारदातें कीं। 4 बड़े अपराध जानिए- वर्ष 2008: शामली के कैराना रोड पर व्यापारी रविंद्र संगल की गोली मारकर हत्या की। वर्ष 2014: बागपत जनपद के खेकड़ा क्षेत्र में हुए अपहरण कांड में भी उसका नाम सामने आया। वर्ष 2014: शामली के कांधला थाना क्षेत्र के एलम गांव में कुख्यात बदमाश भीम भभीसा की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, विपुल उर्फ खूनी ने उसे उसकी परिचित महिला के घर बुलाया और अपने साथियों के साथ लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मार डाला। इस वारदात में उसके रिश्तेदार सुमित और अमित भी शामिल बताए गए थे। वर्ष 2017: पुलिस के अनुसार, विपुल उर्फ खूनी ने सहारनपुर के मानपुर गांव में एक कार लूट की थी। इसके बाद उसे शक हुआ कि गांव की तत्कालीन महिला प्रधान ने पुलिस को सूचना दी है। इसी शक में उसने अपने साथियों के साथ महिला प्रधान के घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी। कांधला थाने का A कैटेगरी का हिस्ट्रीशीटर रहा विपुल खूनी थाना कांधला का A कैटेगरी का हिस्ट्रीशीटर रहा है। वह थाने की टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल था। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा है। उसकी तलाश में स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और STF लगी हुई थी। यूपी में 2017 से अब तक कितने एनकाउंटर, ग्राफिक्स में देखिए… ————— यह खबर भी पढ़ें… इकरा हसन बोलीं- ईंट की जगह अपना सिर लगा देंगे:जौहर यूनिवर्सिटी गिरने नहीं देंगे; रामपुर डीएम से मिले 10 सपा सांसद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सपा के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर के डीएम से मिला। शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सबसे पहले सपा सांसद इकरा हसन संत शिरोमणि गेस्ट हाउस पहुंचीं। इसके बाद रुचि वीरा और जियाउर्रहमान बर्क पहुंचे। सभी सांसदों ने बंद कमरे में बैठक की। फिर सभी जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां गेट पर 8 दिन से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। पूरी खबर पढ़िए…