इकरा हसन बोलीं- ईंट की जगह अपना सिर लगा देंगे:जौहर यूनिवर्सिटी गिरने नहीं देंगे; रामपुर डीएम से मिले 10 सपा सांसद

सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सपा के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल रामपुर के डीएम से मिला। शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सबसे पहले सपा सांसद इकरा हसन संत शिरोमणि गेस्ट हाउस पहुंचीं। इसके बाद रुचि वीरा और जियाउर्रहमान बर्क पहुंचे। सभी सांसदों ने बंद कमरे में बैठक की। फिर सभी जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां गेट पर 8 दिन से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। इस दौरान सांसद इकरा हसन ने कहा- हमसे पहले हमारे विधायक भी डीएम से मिलने आए थे। मैं रामपुर और आजम खान को ये विश्वास दिलाती हूं कि जौहर यूनिवर्सिटी को गिरने नहीं देंगे। जरूरत पड़ी, तो एक-एक ईंट की जगह अपना सिर लगा देंगे, लेकिन इसे कुछ नहीं होने देंगे। जौहर यूनिविर्सिटी आजम साहब ने बनाई है। उसे किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे। हम डीएम से मांग करेंगे कि इसे बने रहने दें। उनसे कहेंगे कि ये सुनिश्वित होना चाहिए कि यूनिवर्सिटी को कोई नुकसान न पहुंचे। मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने कहा- हम लोग जौहर यूनिवर्सिटी को किसी कीमत पर गिरने नहीं देंगे। ये शिक्षा का मंदिर है। इसे गिराने का आदेश गलत है। डीएम अगर हमारी बात नहीं मानेंगे, तो हम और बड़े अफसरों के पास जाएंगे। जरूरत पड़ी, तो कोर्ट भी जाएंगे। संभल सांसद बोले- रामपुर डीएम ने मनमाना आदेश दिया संभल से सांसद जिया उर्रहमान बर्क ने कहा- यूनिवर्सिटी को गिराने का आदेश गलत है। डीएम को आदेश वापस लेना चाहिए। मैं इस बात को सदन में उठाऊंगा। जीरो ऑवर में मेरा नंबर भी आ गया है, लेकिन सदन ही नहीं चल रहा। सदन चलेगा, तो मैं इस मुद्दे को जरूर उठाऊंगा। हरेंद्र मलिक बोले- सरकार नहीं लगाएगी, तो हम मुहर लगाएंगे मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा- यह सरकार शिक्षा विरोधी है। नई यूनिवर्सिटी बनाने की जगह गिराने में जुटी है। सांसदों की मांग पर सरकार मुहर लगाएगी या नहीं। इस पर हरेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार मुहर नहीं लगाएगी, तो हम लगाएंगे। सांसद जावेद बोले- ये सरकार शिक्षा विरोधी राज्यसभा सांसद जावेद ने कहा- इस सरकार से कोई उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि शिक्षा विरोधी और जन विरोधी सरकार है। यह सरकार नहीं चाहती कि हिंदुस्तान के लोग पढ़ें-लिखें। गरीबों के बच्चों को तालीम मिले।
हमारा फर्ज है कि जो गैरकानूनी आदेश जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने का डीएम ने दिया है, उसे वापस लिया जाए। इसके बाद सपा का प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब 3:30 बजे डीएम ऑफिस पहुंचा। डीएम अजय कुमार द्विवेदी से को ज्ञापन देकर जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश को वापस लेने की मांग की। इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट से लेकर जौहर यूनिवर्सिटी के मेन गेट तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि तीन थानों के थानेदार और एक-एक सीओ की ड्यूटी लगाई गई। वज्र वाहन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी तैनात की गई। प्रतिनिधिमंडल में रामपुर सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर, सांसद जावेद अली खान, सांसद इकरा हसन, सांसद मोहिबुल्लाह, सांसद नीरज मौर्य, सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सांसद रामजीलाल सुमन, सांसद राजीव राय, सांसद बीरेंद्र सिंह मलिक, सांसद रामशिरोमणि वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। पूर्व सांसद एवं महाराष्ट्र सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का भी नाम शामिल था, लेकिन वो कहीं नजर नहीं आए। 4 तस्वीरें देखिए 2 दिन पहले डीएम से मिला था 25 MLA का प्रतिनिधिमंडल 23 जुलाई (गुरुवार) को सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के साथ 25 विधायकों समेत 45 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी डीएम से मिला था। प्रतिनिधिमंडल माता प्रसाद पांडे के साथ यूनिवर्सिटी के अंदर भी गया था। यहां अधिकारियों के साथ करीब 45 मिनट तक बातचीत की थी। इसके बाद आजम खान के घर जाकर उनकी पत्नी तंजीन फातिमा से मुलाकात की थी। करीब 20 मिनट नेता प्रतिपक्ष और तंजीन फातिमा से बातचीत की थी। इस दौरान आजम के बड़े बेटे अदीब आजम ने उनका स्वागत किया था। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया था लेटर सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने डेलीगेशन को लेकर शुक्रवार (24 जुलाई) को लेटर जारी किया था। उन्होंने कहा था कि प्रशासन मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की तैयारी कर रहा है। ये शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा एक गंभीर विषय है। यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाना देश की शैक्षिक धरोहर और हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। RDA ने आजम की यूनिवर्सिटी ध्वस्त करने का आदेश दिया है आजम खान की यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवन अवैध घोषित किए गए हैं। इनका नक्शा पास नहीं कराया गया था। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 15 जुलाई को यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। बुलडोजर चलाने से पहले यूनिवर्सिटी को 15 दिन का समय दिया गया है। हालांकि, इसी बीच मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की चेयरमैन और ट्रस्टी निखत अफलाक खान ने मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आन्जनेय सिंह की अदालत में याचिका दायर की है। इस अपील पर 28 जुलाई को सुनवाई होनी है। आजम की पत्नी डॉक्टर तंजीन फातिमा 16 जुलाई को यूनिवर्सिटी पहुंची थीं। यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिसवालों को देखकर नाराज हो गई थीं। तंजीन फातिमा ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को यूनिवर्सिटी से बाहर करवा दिया था। आजम खान कैसे नक्शा पास कराने में चूके, पढ़िए रामपुर विकास प्राधिकरण ने मार्च, 2026 में ही सींगनखेड़ी गांव को RDA की सीमा में शामिल किया है, जहां जौहर यूनिवर्सिटी बनी है। इसके पहले यह गांव जिला पंचायत में आता था। रामपुर जिला पंचायत का विकास शुल्क सिर्फ 100 रुपए प्रति वर्ग मीटर से 300 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक है। अगर आजम ने मार्च, 2026 से पहले ये नक्शे पास कराए होते, तो बमुश्किल 5-6 करोड़ रुपए में उनकी यूनिवर्सिटी की सभी बिल्डिंगों के नक्शे पास हो गए होते। लेकिन, ऐसा करने से वो चूक गए। एक सीनियर आर्किटेक्ट ने बताया- बेशक आजम खान बड़ी से बड़ी अदालत में क्यों न चले जाएं, लेकिन यूनिवर्सिटी की बिल्डिंगों का नक्शा पास कराने के लिए उन्हें रामपुर विकास प्राधिकरण के पास ही आना होगा। प्राधिकरण के ऑर्डर को स्टे करने के लिए वह प्राधिकरण के अध्यक्ष मुरादाबाद के कमिश्नर के पास अपील भी दाखिल कर सकते हैं। इसी के तहत अपील दाखिल की गई है। कैसे जांच के घेरे में आई यूनिवर्सिटी, ग्राफिक से जानिए आजम ने 2003 में जौहर ट्रस्ट बनाया, मुलायम सिंह कैबिनेट के साथ पहुंचे थे 2003 की बात है, आजम खान मुलायम सरकार में संसदीय मामलों, शहरी विकास, रोजगार, जल आपूर्ति और गरीबी उन्मूलन के मंत्री बनाए गए। ये वो दौर था, जब असल मायने में रामपुर में आजम के दबदबे की शुरुआत हुई। इसी साल सपा नेता ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट बनाया। इस ट्रस्ट में आजम खान समेत उनके परिवार के लोग भी सदस्य बनाए गए। 2005 में आजम खान ने जौहर ट्रस्ट के अधीन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया। आजम इसे यूपी का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान बनाना चाहते थे। इसे ऐसे देखा जा सकता है कि तब CM रहे मुलायम सिंह यादव पूरी कैबिनेट के साथ 18 सितंबर, 2005 को रामपुर आए और जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी गई। ये सब पहले मुलायम सरकार में 2005 से 2007 तक और फिर अखिलेश सरकार में 2012 से 2015 के बीच हुआ। जब लोगों ने विरोध किया तो उन पर यूनिवर्सिटी में सरिया-सीमेंट चोरी और दीवार तोड़ने जैसे झूठे केस लगाकर जेल में डाल दिया गया। 2017 तक यूनिवर्सिटी में बीए, बीएससी, बीटेक, बी फार्मा समेत 25 कोर्स की पढ़ाई शुरू हो गई। इन कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी में 58 अलग-अलग आलीशान इमारतें बनाई गईं। सपा शासनकाल में श्रम विभाग ने इनकी लागत लगभग 2000 करोड़ बताई थी। मार्च 2017 में अखिलेश सरकार की विदाई हो गई। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। BJP की सरकार बनते ही आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के बुरे दिन शुरू हो गए। हालत ये हो गई कि रामपुर में आजम पर दर्ज किए गए 90 मामलों में अकेले 30 जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े केस हैं। यूनिवर्सिटी करीब 1500 बीघे में बनी है। इसके लिए जो जमीनें खरीदी गईं, उसे लेकर आज तक मुकदमेबाजी चल रही है। जौहर यूनिवर्सिटी पर बीते 7 साल से लगातार कार्रवाई हो रही है। ————————— यह खबर भी पढ़ें जिस बिल्डिंग में 15 मौतें हुईं, उसे ढहाया जा रहा, रास्ते सील, भारी पुलिस तैनात; लखनऊ अग्निकांड में 32 दिन बाद एक्शन लखनऊ के अलीगंज में जिस 4 मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की जलकर मौत हुई थी, उसे ढहाया जा रहा है। शनिवार सुबह 7:30 बजे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 45 अफसर और कर्मचारी 3 बुलडोजर और एक हाइड्रोलिक मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। यहां पढ़ें पूरी खबर