यूपी में स्नातक और शिक्षक MLC चुनाव के लिए आज शुक्रवार को वोटिंग है। प्रदेश के 72 जिलों में वोटिंग होगी, जबकि कानपुर, कानपुर देहात और उन्नाव में 2029 में चुनाव होंगे। शिक्षक खंड की 6 और स्नातक खंड की 5, कुल 11 सीटों के लिए वोटिंग है। चुनावी मैदान में 152 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कुल 14.28 लाख मतदाता हिस्सा ले रहे हैं। कुल 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगी। जहां वोट डाले जाएंगे, वहां स्कूल और शराब की दुकानें बंद हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। मतदाताओं की संख्या और प्रत्याशियों में बड़ा अंतर इस चुनाव में स्नातक और शिक्षक क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या और प्रत्याशियों की स्थिति में बड़ा अंतर है- एक दिन पहले ही पोलिंग पार्टियां पहुंचीं यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, सभी पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर एक दिन पहले ही पहुंच चुकी हैं। वोटिंग शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्र और मतदाता सूची में क्रम संख्या की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। मतदाता को मतदान के समय फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट और सरकारी या मान्य संस्थानों की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र जैसे कार्ड दिखा सकते हैं। 14.28 लाख वोटर तय करेंगे दिग्गजों की साख इस ‘मिनी-जनादेश’ में 14.28 लाख से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्नातक क्षेत्र का वोटर बनने के लिए डिग्री हासिल किए 3 साल पूरे होना जरूरी हैं। जबकि शिक्षक क्षेत्र में सिर्फ पढ़ा रहे शिक्षक ही वोट डाल सकते हैं। इसमें आम जनता नहीं, रजिस्टर्ड मतदाता करेंगे फैसला विधानसभा चुनाव से अलग, स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव में प्रदेश के सभी मतदाता वोट नहीं डालते। केवल उन्हीं लोगों को मतदान का अधिकार होता है, जिनका नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की विशेष मतदाता सूची में दर्ज है। स्नातक सीटों के लिए पात्र रजिस्टर्ड स्नातक मतदाता और शिक्षक सीटों के लिए संबंधित सूची में दर्ज शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। इसीलिए डिग्री या शिक्षक होने भर से वोट डालने का अधिकार नहीं मिल जाता, मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- 23 और 27 अक्टूबर को शराब दुकानें बंद रहेंगी: यूपी MLC चुनाव के चलते फैसला; मॉडल शॉप भी नहीं खुलेंगी यूपी में लखनऊ समेत 72 जिलों में 23 और 27 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रहेंगी। लखनऊ डीएम ने बताया कि यह फैसला शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के मद्देनजर लिया गया है। इस दौरान शराब की दुकानों के साथ बार, मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन में भी शराब की बिक्री नहीं होगी। पढ़ें पूरी खबर…