यूपी में 9 से 11 जून तक चलेगी लू:अगले 12 घंटे में 4-6 डिग्री तक बढ़ेगा पारा, प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा झांसी

यूपी में 9 जून से हीटवेव (लू) का अलर्ट है। पारा 5°C-6°C उछलकर 45°C पार करेगा। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार से तापमान बढ़ना शुरू होगा। 9 जून से 11 जून के बीच लू चलेगी। शनिवार को झांसी 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं मऊ और गाजीपुर में सुबह से तेज धूप के बाद दोपहर 2 बजे जोरदार बारिश हुई। 50 की रफ्तार से हवाएं चलीं। गोरखपुर में भी धूलभरी आंधी चली। देर रात वाराणसी में भी जोरदार बारिश हुई। बिजली कड़की। करीब आधे घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया। कौशांबी में भी सुबह-सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- यूपी में अब मौसम शुष्क रहने की संभावना है। जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी। प्री- मानसून बारिश तक भीषण गर्मी पड़ेगी। लू के हालात भी बनेंगे। पारा 45 डिग्री पार करेगा। मानसून के 24 जून तक गोरखपुर के रास्ते प्रदेश में एंट्री करने की संभावना है।
अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम? जानिए 7 जून: प्रदेशभर में हल्की बारिश की संभावना है। बीच-बीच में तेज धूप निकलेगी, जिससे उमस बढ़ सकती है। 8 जून: पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। तेज धूप निकलेगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। 9 जून: प्रदेशभर के ज्यादातर जिलों में तेज धूप निकलेगी। 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इससे उमस से राहत मिलेगी। इन जिलों में बारिश संग 60-70 KM की रफ्तार से चलेगी हवा
सहारनपुर, शामती, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ,गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल यूपी में नौपता इस बार नहीं तपा, 10°C तक गिरा पारा
नौतपा की बात करें तो यूपी में इस बार यह बेअसर रहा। प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने से तापमान करीब 10°C तक लुढ़क गया। नौपता के पहले दिन यानी 25 मई को पारा 47.6°C तक पहुंचा था, जो गिरकर 38°C तक आ गया। हालांकि, अब पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने लगा है। इससे फिर से गर्मी बढ़ेगी। पारा 45°C के पार पहुंचेगा। यूपी में मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। पिछले साल 10 से 15% ज्यादा बरसा था मानसून
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रही।