यूपी में मानसून कमजोर पड़ गया है। 2 से 3 दिनों में पश्चिमी यूपी से इसकी विदाई शुरू हो जाएगी। इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक 6% कम बारिश दर्ज की गई है। 14 जिलों में बारिश का कोटा आधा भी नहीं हो पाया है। सबसे कम बारिश देवरिया, कुशीनगर, शामली, गाजियाबाद और कानपुर देहात में हुई है। यहां कोटे से 63% से 75% तक कम बारिश हुई है। हालांकि, पहाड़ों पर हुई भारी बारिश का असर अब भी प्रदेश की नदियों में दिखाई दे रहा है। ललितपुर में बेतवा नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। सीतापुर में चौका नदी पर बना पुल डूब गया है। बच्चे घुटनों तक पानी में स्कूल जाने को मजबूर हैं। गोंडा में एक महीने में 500 बीघा जमीन घाघरा (सरयू) नदी में समा चुकी है। वहीं, उन्नाव की गलियों में नाव चल रही है। मंगलवार को पूरे प्रदेश में मौसम साफ है। तेज धूप निकली है। आज कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस समय यूपी में कोई मजबूत मौसमी सिस्टम एक्टिव नहीं है। हालांकि, मध्य बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर आगे बढ़ रहा है। कल से पूर्वांचल में बारिश शुरू होगी। 24 सितंबर तक इसका असर पश्चिमी यूपी तक पहुंच जाएगा। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- 21 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों से वापस लौट गया है। अब यूपी से इसके वापस लौटने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बना है। इससे 23 से 26 सितंबर के बीच पूरे यूपी में फिर से बारिश होगी। बाढ़ की तस्वीरें देखिए… यूपी में बारिश-बाढ़ के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…