राममंदिर के पहले CEO अयोध्या पहुंचे, कोषाध्यक्ष भी साथ:बोले- पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय, रामलला के दर्शन कर नई जिम्मेदारी संभालेंगे

राम मंदिर के पहले CEO (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार अयोध्या पहुंचे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के नए ट्रस्टी और नवनियुक्त कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका भी अयोध्या पहुंचे हैं। वह विमान से महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे। यहां से राम जन्मभूमि के लिए रवाना हो गए। जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। इसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों और ट्रस्टियों से मुलाकात कर अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब पुरानी बातों को छोड़कर आगे बढ़ने का समय है। राम मंदिर और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं एवं कार्य करना ही मेरी प्राथमिकता होगी। बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में उन्हें CEO बनाया गया था। इसके साथ ही ट्रस्टी बनाए गए महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष का चार्ज दिया गया था। ट्रस्ट की बैठक समाप्त होने के बाद स्वामी गोविंददेव गिरि ने रात में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। तीर्थ क्षेत्र भवन में हुई यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली। बताया जा रहा है कि इस दौरान राममंदिर ट्रस्ट के सामने आने वाली नई चुनौतियों और आगामी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हुई। उधर, राममंदिर ट्रस्ट मंदिर की व्यवस्थाओं में भी बदलाव की तैयारी में है। CEO बोले- भगवान से प्रार्थना करता हूं मुझे शक्ति दे एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं चयन समिति, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भगवान श्रीराम का तहे दिल से आभारी हूं। इस महान और पवित्र कार्य/दायित्व के लिए मेरा चयन किया गया है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वे मुझे पूरा सामर्थ्य और शक्ति प्रदान करें। ताकि मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और कुशलता के साथ निभा सकूं। विवादों और पुरानी घटनाओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि अब पुरानी बातों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ने का समय है। मेरी प्राथमिकता आने वाले समय में ट्रस्ट के विश्वास और अपनी टीम के सहयोग से राम मंदिर और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं एवं कार्य करने की रहेगी। नए CEO को जानिए जीतेंद्र मिश्रा देवरिया के बनकटा ब्लॉक के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्हें 6 दिसंबर, 1986 को एयरफोर्स एकेडमी से भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वह इसी साल 30 अप्रैल को रिटायर हुए। भगवान राम में गहरी आस्था रखने वाले जीतेंद्र मिश्रा को महज 125 दिनों के भीतर राम मंदिर के CEO की नई जिम्मेदारी मिल गई है। उनका पूरा परिवार दिल्ली में रहता है। परिवार में पत्नी सरिता सिंह और एक बेटा और एक बेटी हैं। सरिता सिंह एयरफोर्स वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AFWWA) की अध्यक्ष रही हैं। पिता नथुनी मिश्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी में कॉमर्स के प्रोफेसर थे। जितेंद्र मिश्रा के छोटे भाई डॉ. देवेंद्र मिश्रा दिल्ली में ही एक मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक पद पर हैं, वहीं बहन डॉ. वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रोफेसर हैं। जीतेंद्र मिश्रा ने 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ाए हैं। जीतेंद्र मिश्रा ही राम मंदिर के CEO क्यों बने? 1. ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे: जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) भी मिला। 2. यूपी से कनेक्शन: वे देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यानी राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति में उनका यूपी कनेक्शन भी है। यूपी में करीब 13% आबादी ब्राह्मणों की है। जीतेंद्र मिश्रा इसी वर्ग से आते हैं। 3. वायुसेना के अनुभव का इस्तेमाल: करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले। ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है। रामलला की आरती और भोग व्यवस्था बदलाव होगा रामलला की आरती और भोग व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब भोर में रामलला के जागरण से लेकर रात 10 बजे शयन तक आरती और भोग के दौरान उनके सामने परंपरागत पदों का गायन होगा। इसके लिए पारंपरिक पद गायकों का चयन किया गया है। नई व्यवस्था इसी सप्ताह लागू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि परंपरागत पदों के गायन के साथ रामलला की आरती का वातावरण और अधिक भावपूर्ण होगा। इससे रामभक्तों को मंदिर में भक्ति और आध्यात्मिकता का अलग अनुभव मिलने की उम्मीद है। जन्माष्टमी से अर्चकों का नया ड्रेस कोड रामलला के अर्चकों के लिए नया ड्रेस कोड भी लागू किया जा रहा है। इसे जन्माष्टमी से लागू करने की तैयारी है। इसके लिए सभी 36 अर्चकों के लिए वाराणसी से 80 ड्रेस मंगाए गए हैं। इनमें करीब 40 ड्रेस अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनका वितरण आज या कल किए जाने की तैयारी है। प्रत्येक अर्चक को दो ड्रेस दिए जाएंगे। पीले रंग के रेशमी वस्त्र होंगे, सिलाई नहीं होगी नया ड्रेस कोड रेशम के पीले रंग के वस्त्रों का होगा। इसमें नीचे अचला होगा, जो लुंगी की तरह पहना जाता है। ऊपर उत्तरीय होगा, जिसे ओढ़ा जाएगा। इन वस्त्रों में जेब नहीं होगी और ये सिले हुए नहीं होंगे। प्रत्येक ड्रेस सेट की कीमत करीब 7 हजार रुपए बताई जा रही है। अर्चकों को दूसरा सेट भी इसी सप्ताह के अंत तक उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद सभी अर्चक निर्धारित नए ड्रेस कोड में ही रामलला की सेवा और पूजा-अर्चना करेंगे। अब राम मंदिर की संपत्ति जानिए मंदिर के पास 32 किलो सोना, 1518 किलो चांदी श्रीराम मंदिर निर्माण से लेकर अब तक चढ़ावे के रूप में 32 किलो सोना और 1518 किलो चांदी मिली है। चांदी की धातुओं को ट्रस्ट सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को भेजकर गलवाया जाता है। फिर ट्रस्ट को 99.99% शुद्ध चांदी की ईंट तैयार कर लौटाई गई। इसे ट्रस्ट ने बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा है। मंदिर ट्रस्ट के पास ₹1876 करोड़ रुपए कैश 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में मंदिर को कितना चढ़ावा मिला, उसे कहां खर्च किया गया, इसका ब्योरा रखा गया। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक में खाते हैं। इनमें 1876 करोड़ रुपए जमा हैं। मंदिर निर्माण के समय समर्पण निधि 3264 करोड़ रुपए मिली थी। मंदिर के चढ़ावे में 582 करोड़ रुपए मिले। इनमें से 2370 करोड़ रुपए मंदिर निर्माण पर और 391 करोड़ रुपए मैनेजमेंट पर खर्च किए गए। ………………………….. ये खबर भी पढ़िए- राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा:चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव बने; ट्रस्ट में 3 नए सदस्य शामिल पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को इसका ऐलान किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है। बैठक में ट्रस्टी बनाए गए महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष का चार्ज दिया गया। नए CEO और कोषाध्यक्ष महासचिव गोविंद देव गिरि को ही रिपोर्ट करेंगे। पढ़ें पूरी खबर