यूपी में बाढ़ मुसीबत बनी हुई है। लखनऊ में लगातार 12वें दिन गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा है। VIP इलाकों की सड़कें डूब गई। फैजुल्लागंज की गलियों में लोगों के गले तक पानी भरा है। 40-50 हजार से ज्यादा घर आधे से अधिक डूबे हैं। सड़कों पर नावें चल रही हैं। 3 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है। घर के बाहर खड़ी 50 से ज्यादा कारें पानी में डूब गई हैं। गोमती रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है। 8 गांवों में पानी घुस गया है। 7 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ में फंसे हैं। वहीं, लखीमपुर खीरी में शारदा नदी कटान कर रही है। अब तक 13 घर और 4 मंदिर नदी में समा चुके हैं। अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने के आसार इस बीच मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में मानसून के उत्तरार्द्ध की बारिश के पहले चरण के बाद फिलहाल कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। इसके कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक भी प्रदेश में मुख्य रूप से बारिश के आसार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, सप्ताहांत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर फिर से हल्की बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं।