वाराणसी में ब्लास्ट से 2 मंजिला मकान ढहा:65 साल की मां के साथ पटाखा फैक्ट्री मालिक भाग निकला, लोग बोले- भूकंप जैसा झटका लगा

वाराणसी में गुरुवार शाम पटाखों में विस्फोट से दो मंजिला मकान का आधा हिस्सा ढह गया। धमाका इतना तेज था कि पड़ोस का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा शाम करीब 5 बजे घनी आबादी वाले पैगंबरपुर इलाके में हुआ। मकान में बिना लाइसेंस के पटाखे बनाने और स्टोर करने का काम चल रहा था। सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इससे पहले ही पड़ोसियों ने मकान से तीन लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया था। मां-बेटे की हालत नाजुक है। बताया जा रहा है कि मकान मालिक राजू खान और उसकी 65 वर्षीय मां मुन्नी मौके पर नहीं मिले। दोनों पुलिस के आने से पहले फरार हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि उन्हें भूकंप जैसा महसूस हुआ। पड़ोसियों का दावा है कि उन्होंने पहले भी अवैध पटाखा फैक्ट्री की शिकायत पुलिस से की थी। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला हादसे के 30 मिनट बाद पहुंची पुलिस हादसे की सूचना सारनाथ पुलिस को दी गई। करीब 30 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड और SDRF व NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची। आशंका जताई गई कि राजू खान और उसकी मां मुन्नी खान मलबे में दबे हो सकते हैं। NDRF ने मलबा हटाकर उनकी तलाश की। लेकिन दोनों नहीं मिले। पड़ोसियों का कहना है कि राजू और उसकी मां मुन्नी पिछले दरवाजे से फरार हो गई। अवैध पटाखा बनाने में जेल जा चुका है राजू खान राजू खान अवैध पटाखा बनाने के आरोप में जेल भी जा चुका है। वह जमानत पर था। राजू के पिता मतिउल्लाह खान भी पटाखा बनाते थे। जलालीपुरा इलाके में 40 साल पहले धमाका हुआ था, जिसमें राजू के पिता मतिउल्लाह खान की मौत हुई थी।
पड़ोसी बोला- हमारे घर के बगल में बम बनता था पड़ोसी सुनील कुमार ने बताया, “हमारे घर के बगल में बम बनता था। आज वहां ब्लास्ट हुआ है। उसके पास ही हमारा घर भी है। मैं अभी ड्यूटी से आया हूं। घरवालों को घटना के बारे में पता होगा। हमने इसकी शिकायत भी की थी। पुलिस आई थी और कई बार छापेमारी भी हुई, लेकिन कुछ नहीं हुआ।” प्रत्यक्षदर्शी बोला- धमाके से धरती हिल गई प्रत्यक्षदर्शी पंकज ने बताया, “मैं यहीं का रहने वाला हूं। यहां पटाखे बनाने की अवैध फैक्ट्री थी। हम लोग रास्ते से जा रहे थे, तभी गली में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना तेज था कि भूकंप जैसा लगा। सड़क पूरी तरह कांपने लगी थी। हम उधर से जा रहे थे, तभी राजू खान के बेटे ने बताया कि उनके घर में ब्लास्ट हो गया है। उनकी दादी, मां और परिवार के दूसरे लोग मलबे में दब गए हैं।” डीसीपी ने कहा- हाथ से बनाए हुए पटाखे मिले हैं डीसीपी वरुणा जोन राजेश पांडेय ने बताया कि शाम 5 बजे दो मंजिला मकान गिरने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर वहां हाथ से बनाए गए पटाखे बिखरे मिले। शुरुआती जांच में आशंका है कि पटाखे बनाने के दौरान हुए विस्फोट से मकान का हिस्सा ढह गया। उन्होंने बताया कि एक महिला के मलबे में दबे होने की आशंका है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फायर सर्विस की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मलबे में किसी के दबे होने की पुष्टि के लिए तलाशी ली जा रही है। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद से किसी अन्य घायल की जानकारी नहीं मिली है।
———————– ये खबर भी पढ़िए- मुस्कान-साहिल को सजा-ए-मौत लिख जज ने पेन फेंका: लिखा- फांसी पर तब तक लटकाओ, जब तक मौत न हो; महाभारत का श्लोक पढ़ा “दोषी (मुस्कान-साहिल) की गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक मौत न हो जाए।” मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बुधवार शाम 4.22 बजे यह फैसला सुनाया। फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में कुर्सी पर बैठी सौरभ की मां और भाई रोने लगे। सौरभ की मां ने हाथ जोड़ते हुए कोर्ट को शुक्रिया किया। वो साड़ी के पल्लू से अपने आंसू पोंछने लगीं। पढ़ें पूरी खबर…