वृंदावन के संतों के दरबार में हरियाणवी सिंगर:रेणुका पंवार बोलीं- जल्द हरियाणवी में आएंगे भजन, कथावाचकों से मिला ऑफर; USA में 5 लाइव शो बुक

“52 गज का दामन” और ‘चटक मटक’ जैसे सुपरहिट गीतों से सुर्खियां बटोरने वाली हरियाणवी सिंगर रेणुका पंवार एक बार फिर चर्चा में है। रेणुका पंवार अगले महीने एक माह के लिए USA भी जाने वाली हैं, जहां वे हरियाणवी गीतों के माध्यम से लाइव परफॉर्मेंस देंगी। उनके पांच अलग-अलग लोकेशन पर लाइव शो होंगे। रविवार को वे वृंदावन में धार्मिक यात्रा पर रही। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध कथा वाचक देवी चित्रलेखा, देवकीनंदन ठाकुर, अनिरुद्ध आचार्य से आशीर्वाद लिया। देवी चित्रलेखा के साथ जहां उन्होंने गौ सेवा की, वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने उनके साथ एक गीत गाने की इच्छा जताई। अनिरुद्ध आचार्य ने उन्हें अमेरिका टूर की शुभकामनाएं दीं। साथ ही इसी प्रकार हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाने और अच्छे कंटेंट के माध्यम से संस्कृति को बदनाम होने से भी बचाने सलाह दी। बातचीत में देवी चित्रलेखा ने तो रेणुका को हरियाणवी भाषा में भजन लिखने और कोलैब करने की पेशकश भी की। आगामी दिनों में रेणुका उनके साथ भजन में नजर आ सकती हैं। अब जानिए हरियाणवी सिंगर ने धार्मिक यात्रा पर क्या किया… देवी चित्रलेखा के गौ सेवा धाम में पहुंचीं, गुड़ खिलाया रेणुका पंवार अपने दो भाइयों और टीम के साथ रविवार को सुबह 11 बजे से लेकर रात 8 बजे तक वृंदावन क्षेत्र में अलग-अलग कथा वाचकों के दरबार में पहुंचीं। सबसे पहले करीब 11 बजे देवी चित्रलेखा के पास पहुंचीं। जहां उन्होंने देवी चित्रलेखा के गौ सेवा धाम अस्पताल में करीब एक घंटे तक घायल, बीमार और असहाय गौवंश की सेवा की। गुड़ भी खिलाया। देवी चित्रलेखा ने सिंगर रेणुका पंवार, विक्की पंवार और उनके छोटे भाई सागर पंवार को शॉल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। करीब 30 मिनट की इस मुलाकात में देवी चित्रलेखा ने रेणुका से करियर और परिवार के बारे में भी जानकारी हासिल की। कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सुने दो भजन इसके बाद करीब 3 बजे रेणुका पंवार की कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर से मुलाकात हुई। रेणुका पंवार ने बताया कि वे करीब 2 बजे ही वहां पहुंच गई थीं और इस दौरान आश्रम में विश्राम किया।
देवकीनंदन ठाकुर ने रेणुका से दो भजन सुने। इनमें एक भजन राधिका पर आधारित था, जबकि दूसरा भगवान श्रीराम द्वारा धनुष तोड़ने के प्रसंग पर आधारित था। भजन सुनने के बाद देवकीनंदन ठाकुर ने रेणुका के गायन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कंठ पर साक्षात सरस्वती मां का वास है। करीब तीन महीने पहले भी रेणुका पंवार की उनसे मुलाकात हुई थी। देवकीनंदन ठाकुर ने भी रेणुका पंवार से एक गीत लिखने की फरमाइश की। रेणुका ने बताया कि देवकीनंदन महाराज स्वयं ब्रजभाषा में गीत लिखते हैं। वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने रेणुका पंवार, उनके भाइयों और पूरी टीम को भी सम्मानित किया। अनिरुद्ध आचार्य ने दी यूएसए टूर के लिए शुभकामनाएं करीब 7 बजे रेणुका पंवार अनिरुद्ध आचार्य महाराज के आश्रम में पहुंचीं, जहां उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। अनिरुद्ध आचार्य से उनकी करीब 30 से 40 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान उनके USA टूर को लेकर भी चर्चा हुई। अनिरुद्ध आचार्य ने उन्हें आगामी पांच लाइव शो के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रेणुका पंवार के गायन की सराहना की और इसके बाद उन्हें वृद्धाश्रम में रह रही माताओं के दर्शन कराने के लिए भी लेकर गए। बिहारी कुंज बिहारी दास के दरबार में भी पहुंचीं रेणुका पंवार ने बताया कि वे बिहारी कुंज बिहारी दास के दरबार में भी पहुंचीं। यहां भी उनकी आगामी योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। रेणुका ने बताया कि आने वाले समय में उनके चार हरियाणवी भजन भी रिलीज होंगे। इस दौरान रेणुका पंवार एक ऐसे तटीय स्थान पर पहुंचीं, जिसके बारे में मान्यता है कि वहां आज भी कलियुग का प्रभाव नहीं है और पुरानी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। रेणुका ने वहां भजन सुने और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इसके बाद उन्होंने राधावल्लभ मंदिर में भी दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। अब जानिए कौन हैं हरियाणवी सिंग रेणुका पंवार… यूपी में जन्म, वर्तमान में चंडीगढ़ में रहती हैं रेणुका पंवार का जन्म वर्ष 2002 में उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा क्षेत्र में हुआ था। उनका परिवार आज भी गांव में रहता है, जबकि रेणुका इन दिनों चंडीगढ़ में रह रही हैं। उन्होंने एमएम डिग्री कॉलेज, बागपत से ग्रेजुएशन की है। रेणुका पंवार को संगीत विरासत में नहीं मिला, बल्कि बचपन से ही उन्हें स्टेज पर गाने का शौक था। उनके भाई ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। उन्होंने पहली बार पानीपत में टीआर पानीपत के साथ “सुन सोनिए” गीत गाया था। इसके बाद उनका “ऊंची हवेली” गीत रिलीज हुआ, जिससे उन्हें काफी पहचान मिली। । रिकॉर्ड तोड़ सफलता: ‘52 गज का दामन’ ने रचा इतिहास साल 2020 में उनका सुपरहिट हरियाणवी गीत “52 गज का दामन” यूट्यूब पर रिलीज हुआ। इस गीत ने रेणुका पंवार को देशभर में लोकप्रियता दिलाई। गीत में अभिनय करने वाले कलाकार प्रांजल दहिया और अमन जाजी को भी इससे बड़ी पहचान मिली। इस गीत को मुकेश जाजी ने लिखा था यह गाना लगातार 12 सप्ताह तक यूट्यूब पर नंबर-1 स्थान पर बना रहा और 1 बिलियन व्यूज तक सबसे तेज पहुंचने वाला भारतीय म्यूजिक वीडियो बना। सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस गीत को 4 बिलियन से अधिक व्यूज और स्ट्रीम्स मिल चुके हैं, जिसने इसे हरियाणवी संगीत का सबसे बड़ा वैश्विक हिट बना दिया। ‘चटक मटक’ ने भी पार किया एक बिलियन व्यूज का आंकड़ा ‘52 गज का दामन’ की अभूतपूर्व सफलता के बाद रेनुका पंवार का गीत ‘चटक मटक ’ भी यूट्यूब पर 1 बिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर गया। इसके साथ ही वह ऐसी पहली क्षेत्रीय गायिका बन गईं जिनके दो गानों ने एक-एक बिलियन व्यूज हासिल किए हैं। यूट्यूब इंडिया के #CreatingForIndia अभियान के तहत रेनुका पंवार को उन कलाकारों में शामिल किया गया, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। यूट्यूब ने उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा और सफलता पर एक विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनाई। ‘यांता’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ गाया गीत गीत ‘Yanta’ में रेनुका पंवार ने बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ एक गीत किया। यह पहली बार था जब किसी लोकप्रिय हरियाणवी गायिका और बॉलीवुड अभिनेता ने इस तरह एक म्यूजिक वीडियो में साथ काम किया। गीत में रेनुका की लोक शैली की गायकी और आधुनिक संगीत का शानदार मिश्रण देखने को मिला, जबकि नवाजुद्दीन की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया। रेनुका पंवार ने अपने सुपरहिट गीत ‘52 गज का दामन’ के हिंदी संस्करण की रिलीज के बाद एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्हें न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध Times Square बिलबोर्ड पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। यह सम्मान उन्हें स्पॉटफाई के इक्वल अभियान के तहत मिला, जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर भारतीय महिला कलाकारों की प्रतिनिधि के रूप में स्थापित किया। इलिग्ल हथियार सॉन्ग ने भी मचाई धूम रेनुका पंवार का गीत इलिग्ल हथियार’ भी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इस गाने में उनकी आवाज के साथ लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर एलवीश यादव नजर आए। लोक संगीत और आधुनिक बीट्स के मेल से तैयार इस गीत ने कम समय में बड़ी लोकप्रियता हासिल की और रेनुका की बहुमुखी प्रतिभा को एक बार फिर साबित किया।