वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना है या नया वोटर कार्ड बनवाना है। वोटर कार्ड बना है, लेकिन नाम-पता गलत हो गया है। कार्ड पर फोटो सही नहीं है। ये सारी मुश्किलें घर बैठे दूर हो सकती हैं। आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यह कैसे करना है, पढ़िए… घर बैठे 5 मिनट में करें आवेदन वोटर लिस्ट में नया नाम जुड़वाने के लिए आपको फॉर्म-6 भरना है। इसे आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से केवल 7 स्टेप में कर सकते हैं- वोटर लिस्ट से नाम कट गया है तो क्या करें? कई बार लोग सालों तक वोट नहीं डालते या लंबे समय के लिए घर बंद करके बाहर चले जाते हैं। वेरिफिकेशन या SIR के दौरान बीएलओ की रिपोर्ट पर उनका नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिया जाता है। कैसे पता करें नाम कटा या नहीं : सबसे पहले electoralsearch.eci.gov.in पर जाएं। यहां अपने वोटर आईडी नंबर या अपने नाम और राज्य की डिटेल डालकर सर्च करें। अगर सर्च रिजल्ट में आपकी डिटेल नहीं दिख रही है, तो समझ लीजिए कि आपका नाम लिस्ट से कट चुका है। वापस नाम जुड़वाने का उपाय : अगर आपका नाम कट गया है, तो आपको एक बार फिर से एक नए वोटर की तरह ही फॉर्म-6 ऑनलाइन भरना होगा। इसके बाद बीएलओ आपके घर आकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेगा। इसके बाद आपका नाम दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा। पहली बार वोटर बनने के लिए सिर्फ 18 साल का होना जरूरी नहीं पहले चुनाव आयोग का नियम था कि अगर आप 1 जनवरी को 18 साल के हो रहे हैं, तभी आपका नाम उस साल की वोटर लिस्ट में जुड़ता था। अगर आप 1 जनवरी के बाद 18 साल के हुए, तो आपको अगले पूरे साल का इंतजार करना पड़ता था। अब चुनाव आयोग ने 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर की 4 क्वालिफाइंग तारीख तय कर दी हैं। अगर आपकी उम्र इन चारों में से किसी भी तारीख तक 18 साल पूरी हो जाती है, तो आप उसी समय नया वोटर बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मान लीजिए आपका 18वां जन्मदिन 20 जून को है, तो आप 1 जुलाई वाली क्वालिफाइंग डेट के आधार पर उसी साल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये 3 गलतियां कीं, तो आवेदन हो सकता है रिजेक्ट 1. बिना साइन किए डॉक्यूमेंट अपलोड करना ऑनलाइन फॉर्म भरते समय लोग अक्सर आधार कार्ड, मार्कशीट या दूसरे डॉक्यूमेंट की सीधी फोटो अपलोड कर देते हैं। चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, एज या एड्रेस प्रूफ की फोटोकॉपी पर पहले अपने साइन करें, फिर उसे अपलोड करें। बिना साइन वाले डॉक्यूमेंट की वजह से ज्यादातर आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं। 2. शादी के बाद पता बदलते समय सही ऑप्शन न चुनना अगर शादी के बाद महिला दूसरे जिले या राज्य में वोटर आईडी ट्रांसफर करा रही है, तो फॉर्म-8 में ‘माइग्रेशन’ का ऑप्शन चुनना जरूरी है। इसके साथ पति का वोटर आईडी या मैरिज सर्टिफिकेट एड्रेस प्रूफ के तौर पर लगाएं। इससे रिकॉर्ड नए पते और पति के नाम से सही तरीके से अपडेट हो जाता है। 3. पूरे परिवार के लिए एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना कई लोग एक ही मोबाइल नंबर से पूरे परिवार के 4-5 सदस्यों का रजिस्ट्रेशन कर देते हैं। इससे आगे चलकर e-EPIC डाउनलोड करने और वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है। बेहतर होगा कि हर सदस्य का अलग मोबाइल नंबर दें। अगर ऐसा संभव न हो, तो परिवार के मुखिया का नंबर इस्तेमाल करें। वोटर आईडी बनवाने में समस्या आए तो यहां कॉल करें अगर वोटर आईडी बनवाने या उसमें सुधार कराने में कोई दिक्कत आ रही है, तो चुनाव आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल कर सकते हैं। ऑफिशियल मेल आईडी complaints@eci.gov.in पर मेल भेज सकते हैं। आप चाहें तो अपने BLO से भी मदद ले सकते हैं। —————————— आपके काम की ये खबरें भी पढ़ें- जमीन-मकान खरीदते समय फ्रॉड से ऐसे बचें, एक क्लिक में पता करें जमीन पर केस, लोन या कोई कानूनी विवाद तो नहीं प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे बड़ा खतरा फर्जी रजिस्ट्री, विवादित जमीन या एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने का होता है। इस तरह फंसने से लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है। अब घर बैठे बस 5 मिनट में किसी भी जमीन या मकान का स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। इससे प्रॉपर्टी की सही जानकारी लेकर धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा। पढ़िए पूरी खबर…
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