सहारनपुर की दो सहेलियों के प्यार और नफरत की कहानी:करीबी देख पतियों ने छोड़ा, बदला लेने के लिए एक के बेटे को मार डाला

सहारनपुर में 42 साल की एक महिला ने अपनी 35 साल पुरानी सहेली के बेटे को मौत के घाट उतार दिया। महिला ने ऐसा क्यों किया? इसकी तह में जाकर जब छानबीन की गई, तो चौंकाने वाली बात पता चली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों हमउम्र महिलाएं बचपन की सहेली हैं। अंतरंगता भी ऐसी कि एक-दूसरे के बिना जी नहीं पाती थीं। एक-दूसरे के साथ रहती थीं। अपने-अपने पतियों को भी छोड़ दिया था। लेकिन, बात तब बिगड़ी, जब दोनों के बच्चे बड़े हो गए। इसी बीच दोनों के बीच 6 लाख रुपए को लेकर भी झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ी कि 14 साल के लड़के को अपनी जान गंवानी पड़ी। आखिर इतनी पुरानी दोस्ती नफरत में क्यों बदल गई? क्यों उसने अपनी सहेली के लड़के को मार दिया? आखिर 7 साल की उम्र से शुरू हुई दोस्ती कैसे नफरत में बदल गई? पढ़िए पूरी कहानी… बचपन साथ बीता, बाद में गहरे रिश्ते में बदली दोस्ती पुलिस ने बताया- पूजा और ज्योति बचपन से एक-दूसरे को जानती थीं। उनकी दोस्ती गहरी दोस्ती होती चली गई। बचपन में दोनों साथ खेलती, पढ़ती और हर सुख-दुख शेयर करतीं। धीरे-धीरे दोस्ती और गहरी होने लगी। बाद में दोनों के अंतरंग संबंध भी बन गए। लेकिन, इसी बीच घरवालों ने पूजा और ज्योति की शादी कर दी। ज्योति की शादी नुमाइश कैंप इलाके में रहने वाले बाल कृष्ण भारती से हुई। उसके 4 बेटे- अनुराग, विशाल, विकास और अंशुमान हुए। सबसे बड़ा बेटा अनुराग करीब 25 साल का है, तो सबसे छोटा बेटा अंशुमान 14 साल का था। वहीं, पूजा की शादी रवि मोहन से हो गई। उसके भी एक बेटी हुई। शादी के बाद भी नहीं छोड़ा एक-दूसरे का साथ उधर, ज्योति और पूजा की शादी होने के बाद भी दोनों की एक-दूसरे से करीबी कम नहीं हुई। दोनों ने आपस में मिलना-जुलना जारी रखा। दोनों एक-दूसरे के घर आती-जाती थीं। साथ में घूमती-फिरती थीं। सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन, करीब 10 साल पहले (साल 2016) पूजा के पति ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इसके बाद दोनों परिवारों में जमकर झगड़ा हुआ। इसके बावजूद ज्योति और पूजा एक-दूसरे से अलग होने के लिए तैयार नहीं हुईं। इसके बाद बात यहां तक बढ़ी कि दोनों को उनके पतियों ने छोड़ दिया। फिर दोनों एक-दूसरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर घर लेकर रहने लगीं। बच्चे बड़े हुए, तो बढ़ने लगा झगड़ा धीरे-धीरे पूजा और ज्योति के बच्चे भी बड़े हो गए। इसी बीच पूजा ने अपनी बेटी की शादी कर दी। लेकिन, बच्चों को अपनी मम्मियों के रिश्ते के बारे में पता चल गया। बच्चे इस रिश्ते का विरोध करने लगे। इससे दोनों के घरों में तनाव बढ़ता गया। बात यहां तक बढ़ी कि ज्योति के बड़े बेटे अनुराग और पूजा के बीच झगड़े होने लगे। इसके बावजूद पूजा ने करीब डेढ़ साल पहले अपनी एक दुकान ज्योति के बड़े बेटे अनुराग के नाम कर दी थी। वह दुकान के बदले 6 लाख रुपए मांगने लगी। लेकिन, अनुराग रुपए देने के लिए तैयार नहीं था। इसी बीच, करीब 9 महीने पहले अनुराग और पूजा के बीच बहुत ज्यादा झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों महिलाओं ने आपसी संबंध खत्म करने का फैसला कर लिया। लेकिन, पूजा अपने रुपए लेने पर अड़ी रही। बदनामी हुई तो बदला लेने की ठान ली उधर, अनुराग ने पूजा को 6 लाख रुपए देने की जगह उसके बारे में गलत बातें फैलानी शुरू कर दीं। इससे पूजा और नाराज हो गई और उसने बदला लेने का मन बना लिया। वह तरह-तरह की साजिश रचने लगी। इसी बीच, 1 मई को पूजा स्कूटी से कहीं जा रही थी। उसे रास्ते में ज्योति का सबसे छोटा बेटा अंशुमान दिखा। पूजा ने अंशुमान से स्कूटी पर बैठने के लिए कहा, तो वह तैयार हो गया। इसके बाद पूजा उसे बहाने से शहर के बाहर बड़ी नहर के पास ले गई। बातें करते हुए उसे नहर के बिल्कुल किनारे पर ले गई और धक्का देकर नहर में गिरा दिया। इसके बाद पूजा अपनी स्कूटी से घर लौट आई। इस पूरी घटना का जिक्र उसने किसी से नहीं किया। उधर, जब काफी देर तक अंशुमान घर नहीं लौटा, तो ज्योति को उसकी चिंता होने लगी। ज्योति और उसके बच्चों ने मिलकर अंशुमान को ढूंढना शुरू किया, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। इसके बाद ज्योति ने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्चे की तलाश के लिए पुलिस ने उसके घर के आसपास के CCTV चेक किए। उसमें एक महिला अंशुमान को स्कूटी पर ले जाती हुई दिखाई दी। वही फुटेज जब ज्योति को दिखाया गया, तो उसने महिला की पहचान पूजा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने पूजा को उसके घर से पकड़ लिया। 2 दिन बाद नहर में उतराता मिला बच्चे का शव पहले तो पूजा पुलिस को बरगलाती रही। लेकिन, वह अपने ही जवाबों में फंसती चली गई। इसके बाद उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस को पूजा ने बताया कि उसने अंशुमान को नहर में धक्का दे दिया था। इसके बाद 2 मई (शनिवार) को पूजा की निशानदेही पर बड़ी नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दो गोताखोर दिनभर तलाश करते रहे, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। फिर 3 मई (रविवार) को नहर के पास से गुजर रहे राहगीरों ने बच्चे का शव पानी में उतराता देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने अंशुमान का शव बरामद किया। पूजा बोली- मैं डर गई थी पुलिस पूछताछ में पूजा ने बताया- मेरा अंशुमान को मारने का कोई इरादा नहीं था। मैं बस अंशुमान को अपने साथ घुमाने ले गई थी। जब काफी देर तक अंशुमान घर नहीं पहुंचा, तो उसके घरवाले मुझे फोन करने लगे। वे अंशुमान के बारे में पूछ रहे थे। इससे मैं डर गई थी। इसीलिए मैंने अंशुमान को नहर में धक्का दे दिया। उसकी मां और भाई भी मेरे साथ अक्सर लड़ाई-झगड़ा करते थे। मेरी उससे कोई दुश्मनी नहीं थी। ———————– यह खबर भी पढ़ें यूपी- 2 बच्चों का एयरफोर्स हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू, रील बनाने पानी की टंकी पर चढ़े थे; सीढ़ी टूटने से 3 नीचे गिरे, एक की मौत यूपी के सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर 16 घंटे से फंसे बच्चों का एयरफोर्स के MI-17 हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया। दोनों को गोरखपुर के एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर