सावन के महीने में धर्मनगरी हरिद्वार में शिवभक्त कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा है। इसी बीच धर्मनगरी में यूपी के गाजियाबाद से आए 5 एक्स-मुस्लिम गंगाजल लेने पहुंचे हैं। इस दल में राजस्थान के चर्चित हलाला कांड की पीड़िता अनीषा बानो समेत कई ऐसी महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। यह दल हरिद्वार की एक धर्मशाला में यज्ञ कर रहा था और 7 अगस्त को कांवड़ लेकर रवाना होने की तैयारी में था। लेकिन जैसे ही इसकी भनक धर्मशाला समिति को लगी, उन्होंने इस पर आपत्ति जता दी। विवाद बढ़ता देख श्रद्धालुओं ने वह धर्मशाला छोड़ दी और दूसरे तीर्थ आश्रम में शरण ली। गैर-हिंदुओं/एक्स-मुस्लिमों के इस अनुष्ठान की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर आ गईं और मौके पर पहुंचकर सभी से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अनीषा बानो की 3 बड़ी बातें… 1. हरिद्वार में यज्ञ करने आई- अनीषा बानो ने कहा “मैं यहां अपने 35 लोगों के दल (जिसमें सलीम वास्तविक भी शामिल हैं) के साथ यज्ञ करने आई थी। हमारा मकसद समाज से कट्टरपंथी, महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, हलाला और तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने का संदेश देना था। लेकिन यहां पुलिस वालों ने ऐतराज जताया कि आपको रील्स या लाइव नहीं बनाना है, जिससे माहौल बिगड़ने का डर है। जब हम इंसानियत के लिए काम कर रहे हैं तो किसी को डरने की जरूरत नहीं है। अब हम 7 तारीख को यहां से गंगाजल भरकर कांवड़ यात्रा गाजियाबाद के लिए निकालेंगे।” 2. मदरसे बंद हों, बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले- “मेरे लिए इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। हमारा संविधान हमें यह इजाजत देता है कि हम अपनी मर्जी से किसी भी धर्म या आस्था को मान सकें। मैं चाहती हूं कि मदरसे जैसी जगह बंद हों, बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और महिलाओं पर हलाला व तलाक देकर छोड़ देने जैसे अत्याचार रुकें। भारत से शरिया कानून जैसी चीजों का खात्मा होना चाहिए।” 3. पति ने दूसरी निकाह की, बच्चे छीने- “मेरे दोनों बच्चे मेरे पति के पास हैं और उन्होंने दूसरी निकाह भी कर ली है। अभी थोड़े दिन पहले ही मैं राजस्थान में अपने बच्चों से मिलने गई थी, लेकिन मेरे ससुर ने दरवाजे बंद कर दिए और पुलिस ने भी मेरी कोई मदद नहीं की। मेरे मासूम बच्चे अंदर से मुझसे मिलने के लिए रो और चिल्ला रहे थे, पर मुझे मिलने नहीं दिया गया। मैं अपने बच्चों को उस कट्टरपंथी और गंदे माहौल में नहीं छोड़ सकती, उन्हें वहां से बाहर निकालने के लिए मुझे जहां तक जाना पड़ेगा, जाऊंगी।” कौन हैं अनीषा बानो? निकाह, 3 तलाक और ससुर से हलाला के दबाव की इनसाइड स्टोरी 1. 2012 में हुई थी निकाह, दो बच्चों की मां हैं अनीषा- अनीषा बानो का निकाह 19 मई 2012 को नागौर जिले (डेगाना, राजस्थान) के रहने वाले इरफान राव के साथ हुआ था। अनीषा का ससुराल सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत माना जाता था। उनके ससुर कालू मोहम्मद पूर्व नायब तहसीलदार रहे हैं। निकाह के बाद दोनों के दो मासूम बच्चे हुए एक बेटी (12) और एक बेटा (7)। 2. बात-बात पर लड़ाई और फिर 3 तलाक- निकाह के कुछ सालों बाद से ही ससुराल में बात-बात पर विवाद और प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि दिसंबर 2024 में पारिवारिक कहासुनी के दौरान पति इरफान राव ने गुस्से में आकर अनीषा को एक ही सांस में तीन तलाक बोल दिया और उन्हें घर से निकालने की कोशिश की। 3. ससुर के साथ हलाला करने का दबाव बनाया- तलाक देने के अगले ही दिन जब पति को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उसने अनीषा को वापस रखने की बात कही। लेकिन धर्म और शरीअत का हवाला देकर ससुराल वालों ने अनीषा पर निकाह हलाला करने का दबाव बनाया। हद तब हो गई जब हलाला की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अनीषा को अपने ही ससुर (पूर्व नायब तहसीलदार कालू मोहम्मद) से निकाह करने और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने की शर्त रखी गई। 4. अनीषा के इनकार करते ही घर से निकाला- अनीषा बानो ने इस शर्त को मानने से साफ इनकार कर दिया। इस बगावत से बौखलाए ससुराल वालों ने उनके दोनों मासूम बच्चों को उनसे छीन लिया और अनीषा को खाली हाथ उनके मायके भेज दिया। महीनों तक बच्चों से न मिलने और बात तक न होने के कारण अनीषा मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। 5. पुलिस ने दर्ज नहीं किया केस- मायके पहुंचकर अनीषा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन ससुराल पक्ष के रसूख के कारण स्थानीय पुलिस टालमटोल करती रही। इसके बाद अनीषा ने हिम्मत दिखाई और न्यूज चैनलों पर आकर अपनी आपबीती सुनाई। जब देश भर में जनआक्रोश फैला, तब जाकर पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज किया। 6. दो साल पहले छोड़ा धर्म, अब शिव भक्ति में लीन- हलाला के नाम पर हुए इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के बाद अनीषा का इस व्यवस्था से भरोसा उठ गया और उन्होंने करीब दो साल पहले ही अपना पुराना धर्म त्याग कर सनातन जीवन शैली अपना ली। अब वही अनीषा बानो गाजियाबाद के एक्स-मुस्लिम कांवड़ियों के जत्थे के साथ हरिद्वार पहुंची हैं। 7. आपत्ति के बाद बदला ठिकाना- गाजियाबाद से आए इस कांवड़ दल ने हरिद्वार के रोड स्थित धर्मशाला में रुककर हवन-यज्ञ शुरू किया था, जो आगामी 6 अगस्त तक चलना प्रस्तावित था। हालांकि, धर्मशाला में गैर-हिंदुओं/एक्स-मुस्लिमों द्वारा हवन किए जाने की खबर जैसे ही फैली, रोड धर्मशाला समिति के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जता दी। विवाद बढ़ता देख सलीम वास्तविक और अनीषा बानो समेत पूरा दल रोड धर्मशाला से बाहर निकल गया और नगर के एक अन्य तीर्थ आश्रम में स्थानांतरित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस (LIU) और खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गईं। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सभी से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। 8. 7 अगस्त को हरकी पैड़ी से गंगाजल भरेंगे- आयोजकों ने स्पष्ट किया कि 6 अगस्त तक नए आश्रम में ही अखंड हवन-यज्ञ चलेगा। इसके बाद 7 अगस्त को सभी श्रद्धालु हरिद्वार के हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल गाजियाबाद के लिए रवाना होंगे। गाजियाबाद पहुंचकर यह जत्था प्रसिद्ध डासना देवी मंदिर (डासना पीठ) में भगवान शिव का जलाभिषेक करेगा। —————————————————- ये खबर भी पढ़ें… नोटों वाली कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंचे दो दोस्त; VIDEO:दिल्ली से पैदल चलकर हरकी पैड़ी से भरा गंगाजल; रील बनाने के लिए लगी भीड़ हरिद्वार में दिल्ली से आए दो कांवड़िए नोटों की कांवड़ लेकर गंगाजल भरने पहुंचे हैं। हरकी पैड़ी पर जैसे ही दोनों दोस्त नोटों से सजी कांवड़ लेकर पहुंचे, लोगों की भीड़ जुट गई। युवाओं ने उनके साथ रील भी बनाई। (पढ़ें पूरी खबर)