16 साल के लड़के की मौत के 5 जिम्मेदार:आगरा में रोज 400-600 युवा करते हैं एडवेंचर; कंपनी मालिक से लेकर ADA तक लापरवाह

आगरा के चौपाटी में जिप लाइन से गिरकर फिरोजाबाद के 16 साल के लड़के की मौत हो गई। बेटे की लाश को गोद में रखकर माता-पिता रोते-बिलखते रहे। मौके पर न फर्स्ट एड मिला, न ही एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन संभाल रही ईओडी कंपनी का कोई कर्मचारी मदद को आगे आया। असहाय माता-पिता बेटे की जिंदगी बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आखिर में बेटे ने उनकी गोद में ही दम तोड़ दिया। माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने एडवेंचर कंपनी ‘एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक, मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज को जेल भेज दिया गया है। इस कंपनी के दो मालिक हैं, लेकिन उन पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। न ही आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। जानिए कुनाल की मौत के 5 जिम्मेदार कौन हैं, जिनकी वजह से भयानक हादसा हुआ। ईओडी कंपनी के सेफ्टी इंचार्ज की जिम्मेदारी क्या थी? पहली- जिप लाइन राइड से पहले कुनाल को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी देनी चाहिए थी। दूसरी- राइड के दौरान क्या करना है और क्या नहीं, इस बारे में बताना चाहिए था। तीसरी- बेल्ट का हुक ठीक से न लगाने में क्या दिक्कत हो सकती है, यह बताना चाहिए था। ये जरूरी चीजें कुनाल को देनी चाहिए थी, लेकिन नहीं दी गईं ईओडी कंपनी की तरफ से मैनेजर की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- चौपाटी के संचालन, रख-रखाव, सुरक्षा मानकों और सरकारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराना। दूसरी- एडवेंजर स्पोर्ट्स की मशीनों और सभी राइड की नियमित जांच और रख-रखाव कराना। तीसरी- राइड से पहले बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की सही तरीके से जांच कराना। कंपनी के डायरेक्टर की क्या जिम्मेदारियां थी? पहली- कंपनी की सभी एडवेंचर गतिविधियों और संचालन की निगरानी करना। दूसरी- सुरक्षा नीति और सेफ्टी स्टैंडर्ड तय कर उनका पालन सुनिश्चित करना। तीसरी- राइड्स, उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव की व्यवस्था करना। चौथी- सरकारी नियमों, लाइसेंस और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन कराना। ईओडी कंपनी का पूरा नाम एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। ये आगरा के अलावा गाजियाबाद और दिल्ली में भी है। कंपनी ने आगरा की इस चौपटी को लीज पर ले रखा है। ऐसे में चौपटी में व्यवस्थाओं और उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की है। एडवेंचर के लिए ए-वन गुणवत्ता वाली सेफ्टी किट उपलब्ध कराने, ट्रेंड स्टाफ की भर्ती करने, समय-समय पर स्टाफ को गाइड करने में इनसे लापरवाही हुई। दूसरी डायरेक्टर के तौर पर इनकी क्या जिम्मेदारी थी? पहली- प्रशिक्षित और योग्य स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करना। दूसरी- जोखिम प्रबंधन, इमरजेंसी प्लान और बीमा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना। तीसरी- कंपनी के संचालन में लापरवाही या सुरक्षा चूक रोकने के लिए निगरानी बनाए रखना। चौपाटी में इंतजाम सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी इनकी थी। जिप लाइन से गिरने के बाद कुनाल को चौपाटी पर प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। ऐसे में डायरेक्टर के तौर पर इनकी जिम्मेदारी थी कि एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है या नहीं, यह सुनिश्चित करना। लेकिन, इसमें लापरवाही बरती गई। आगरा डेवलेपमेंट अथॉरिटी की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- व्यावसायिक गतिविधियों, पार्क, मनोरंजन स्थल और निर्माण को तय नियमों के तहत अनुमति देना। दूसरी- सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करना। तीसरी- सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम सुनिश्चित कराना। ईओडी कंपनी एक करार के तहत ठेके पर चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही थी। लेकिन, यह प्रॉपर्टी आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADA) की ही है। ऐसे में मनोरंजन स्थल चौपटी का निरीक्षण करना, सेफ्टी नियमों की निगरानी करना इनकी जिम्मेदारी थी। प्रॉपर्टी पर किसी लापरवाही की वजह से कहीं मौत का खेल तो नहीं खेला जा रहा, ये एडीए को सुनिश्वित करना था। एडीए की निगरानी में चूक हुई। ADA उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली का कहना है कि चौपाटी हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में कमेटी जांच कर रही है। एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी।
9 साल के लिए हुआ है एग्रीमेंट इस ईओडी कंपनी ने अक्टूबर, 2025 में आगरा में चौपाटी के संचालन और एडवेंचर एक्टिविटीज शुरू की थीं। एम. अरुन्मोली आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की उपाध्यक्ष हैं। इन्हीं के कार्यकाल में कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया था। इस कंपनी का ADA से 9 साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। 9 साल बाद समीक्षा होने के बाद एक बार फिर से 6 साल के लिए इस कंपनी को ठेका देने का भी प्रावधान है। इस तरह से कंपनी, चौपाटी का 15 साल तक संचालन कर सकती है। 1.8 करोड़ सालाना में हुआ एग्रीमेंट ईओडी एडवेंचर कंपनी आगरा के अलावा दिल्ली और गाजियाबाद में भी एम्यूजमेंट पार्क चलाती है। ADA से लगभग 1.8 करोड़ हर साल में करार हुआ है। अब चौपाटी के बारे में जानते हैं… ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 3 किलोमीटर दूर ताज नगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क में चौपाटी विकसित की गई है। इसके एक कोने में कई भोजनालय हैं। जहां आगरा के स्थानीय और देश के अन्य हिस्सों के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं। परिवार के साथ सुबह की सैर और शाम बिताने के लिए शानदार जगह के रूप में इसे विकसित किया गया है। इसका शुभारंभ नवंबर- 2023 में हुआ था। यहां लगभग 800 से 1000 लोग रोज आते हैं। जिनमें से रोज 400 से 600 युवा एडवेंचर राइड करते हैं। ईओडी एडवेंचर कंपनी के चौपाटी में जिप लाइनिंग, जिप साइकिलिंग, गो कार्टिंग, बुलराइड जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं। ये कंपनी जिप लाइन एक्टिविटी की प्रति व्यक्ति 400 रुपए टिकट देती है। चौपाटी में एंट्री बंद हादसे के बाद से ही चौपाटी को बंद कर दिया गया है। 25 मई (सोमवार) की सुबह से ही चौपाटी के मुख्य गेट पर अंदर से ताला लगा दिया गया। टिकट विंडो बंद कर दी गई है। हादसे के बाद चौपाटी के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का-दुक्का कर्मचारी ही अंदर नजर आ रहे हैं। ये टीम कर रही जांच हादसे के बाद एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने एडीए सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें एडीए सचिव के अलावा चीफ इंजीनियर, टाउन प्लानर, एक्सईएन, प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। ये टीम चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही ईओडी कंपनी, कंपनी के साथ हुई करार की शर्तों के अनुपालन और हादसे के कारण की जांच कर रही है। अब घटना के बारे में जानिए…
आगरा में फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल के 16 साल के बेटे कुनाल की 24 मई (रविवार) को जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई थी। वह मां-बाप और भाई के सामने ही 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा। लड़का जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया था। रेलिंग से टकराता हुआ नीचे गिर गया था। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी। बेटा जब जिप लाइन झूले पर था, तो नीचे मां और भाई वीडियो बना रहे थे। पूरा हादसा उनके फोन में रिकॉर्ड हो गया। कुनाल का परिवार फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। माता-पिता बेटे की लाश से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हो गए थे। पिता ने रोते हुए कहा था कि जिप लाइन संचालक की लापरवाही की वजह से मेरा बेटा चला गया। मैं तो उसे घुमाने लाया था, अब उसकी लाश कैसे घर लेकर जाऊं? ————————- ये खबर भी पढ़िए- मां-बाप के साथ बेटे की आखिरी सेल्फी, पिता बोले- वो मंजर कभी नहीं भूल सकता तस्वीर में दिख रही ये खुशियां इतने चंद लम्हों की होंगी, इसका अंदाजा कुनाल को भी नहीं था। बाबा खाटू श्याम के दर से लौटकर जब वो 45 फीट ऊंचे जिप लाइन झूले पर बैठा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह मौत का बुलावा साबित होगा। मोबाइल के फ्रेम में कैद उसकी ये आखिरी मुस्कान ताउम्र उसकी मां और पिता के सूनेपन में गूंजती रहेगी। पढ़ें पूरी खबर…