श्रीकृष्ण जन्माष्टमी- मथुरा में प्रगट हुए नंद के लाल:1008 कमल पुष्पों से अर्चन, 5 क्विंटल पंचामृत से अभिषेक हुआ

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान में रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण प्रगट हो गए। श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर घंटे-घड़ियाल की ध्वनि से गूंजने लगा। भक्त बोलने लगे- नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की। इसी बीच चांदी से बनी कामधेनु गाय के दूध से भगवान का अभिषेक किया गया। 1008 कमल पुष्पों से अर्चन किया गया। इसके बाद भगवान को कमल के फूल पर विराजमान किया गया। साथ ही 501 किलो पंचामृत से अभिषेक किया गया। वहीं, वृंदावन में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही। जन्मस्थान के बाहर भारी भीड़ लगी रही। श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव देखने देशभर से लोग यहां आए थे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचे। वहीं, इस्कान मंदिर में काफी भीड़ रही। बड़ी संख्या में यहां विदेशी श्रद्धालु भी पहुंचे। कई विदेशी श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में लीन होकर डांस करने लगे। वहीं, वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर में कृष्ण भजन गाते-गाते गायिका स्वाति मिश्रा भावुक हो गईं और रोने लगीं। इससे पहले उन्होंने राम आएंगे…गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रीकृष्ण के प्रकट होने की तस्वीरें देखिए इससे पहले सुबह 5.30 बजे शहनाई और नगाड़ों की ध्वनि के बीच ठाकुरजी की मंगला आरती हुई। फिर पंचामृत से अभिषेक किया गया। सुबह 9 बजे मंदिर के भागवत भवन में पुष्पांजलि कार्यक्रम हुआ। इसके बाद ठाकुरजी के दर्शन शुरू हो गए। सीएम योगी भी सुबह मथुरा पहुंचे। उन्होंने कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कान्हा बने बच्चों को गोद में लेकर दुलारा और खीर खिलाई। उन्हें तिलक लगाया और मोती की माला पहनाई। बच्चों को खिलौने भी दिए। सीएम ने कहा- पौराणिक विरासत को बचाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। दुष्प्रवृत्तियां देश को कमजोर करना चाहती हैं। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटना चाहती हैं। हमें संरक्षण के लिए अपने आप को समर्पित करना होगा। ​​​​​यह 8 सालों में उनका 38वां दौरा था। गर्भगृह को कारागार की तरह सजाया गया
गर्भगृह को कारागार की तरह सजाया गया था। इसमें 221 किलो चांदी लगाई गई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर सजाया गया था। जिस फूल बंगले में ठाकुरजी विराजे, उसे सिंदूरी रंग के फूलों से सजाया गया था। ये फूल कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए थे। काशी से ठाकुरजी को उपहार भेजे गए
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से मथुरा में श्रीकृष्ण ठाकुरजी के लिए उपहार भेजे गए। इनमें टॉफी, चॉकलेट और लड्डू शामिल थे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि कान्हा की पोशाक को मथुरा के कारीगरों ने 6 महीने में तैयार किया। इसमें सोने-चांदी के तारों का इस्तेमाल किया गया। कपड़े में इंद्रधनुष के 7 रंगों को शामिल किया गया।
रात 1.30 बजे से लेकर 2 बजे तक ठाकुरजी ने दर्शन दिए
बांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी के जन्म की सभी प्रक्रियाएं रात 12 बजे शुरू हुईं। इसके बाद रात 1.30 बजे से लेकर 2 बजे तक ठाकुरजी ने जगमोहन दर्शन दिए। तस्वीरें देखिए… मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर क्या-कुछ हो रहा है, पल-पल के अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…