कैंसर संस्थान में लगी अत्याधुनिक डिजिटल मैमोग्राफी 3D मशीन:जल्द IPD में बेड की संख्या 500 होगी, ऑपेरशन थिएटर की संख्या भी 16 होगी

लखनऊ के कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान (KSSSCI) में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैसर, लंग्स कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। दुनियाभर के अस्पतालों में भी सबसे ज्यादा इसी कैटेगरी के मरीज आते है। इसको देखते हुए संस्थान में 5.15 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक डिजिटल मैमोग्राफी 3D मशीन स्थापित की है। जिससे यहां आने वाले मरीजों को इसकी सुविधा मिल सकेगी। ये कहना है, कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान (KSSSCI) के निदेशक प्रो.एमएलबी भट्ट का। बुधवार को संस्थान में पत्रकारों से वार्ता करते हुए निदेशक डॉ.एमएलबी भट्ट ने कहा कि कैंसर की जांच के लिए बायोप्सी ही सबसे सटीक तरीका है, इसलिए मरीजों को चाहिए की बायोप्सी से जांच कराने के बाद यदि कैंसर पता चलता है, तो तत्काल इलाज कराए, क्योंकि इलाज में देरी होने पर यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर संस्थान अपने विश्वस्तरीय मशीनों, योग्य चिकित्सकों और उच्च स्तरीय सुविधाओं के साथ कैंसर रोगियों के उपचार में उच्च मानक स्थापित कर रहा है। दूर दराज से भी आ रहे है मरीज संस्थान में अब सुदूर स्थानों से आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि संस्थान में हफ्ते में 6 दिन ओपीडी सेवा संचालित है, लगभग 400 मरीज रोज OPD ओपीडी में आते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में 280 इंडोर बेड संचालित है, जिसे शीघ्र ही 500 कर लिया जायेगा, इसके साथ ही कैंसर संस्थान में आठ आपरेशन थियेटर के माध्यम से प्रति सप्ताह औसत 12 से 15 सर्जरी की जा रही है। इनकी संख्या बढ़ाकर 16 की जा रही है। संस्थान की कार्य क्षमता बढ़ाने का लगातार किया जा रहा काम डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि संस्थान के कार्यक्षमता में वृद्धि के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों व कार्मिकों की नियुक्ति की गयी है और उच्च वैश्विक तकनीक पर आधारित अत्याधुनिक मशीनों की खरीद की गयी है। जिन प्रमुख मशीनों की खरीद की गयी है उनमें साइबर नाइफ, पेट सीटी, उच्चस्तरीय ब्रेकीथेरेपी डिजिटल रेडियोग्राफी, युएसजी मशीन के साथ लगभग 5.5 करोड़ की लागत से डिजिटल मेमोग्राफी युनिट का संचालन प्रमुख है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही टेमोथेरेपी, डिजिटल पैथालॉजी, न्यूरोसर्जिकल माइक्रोस्कोप की खरीद की जायेगी। संस्थान में विश्वस्तरीय बल्ड बैंक भी स्थापित किया गया है।