संत प्रेमानंद के शिष्यों के साथ WWE के पूर्व रेसलर रिंकू सिंह काशी पहुंचे। यहां सभी ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। फिर परिक्रमा मार्ग का भ्रमण किया। इस दौरान अर्चक श्रीकांत का आशीर्वाद भी लिया। तुलसी घाट पर पूर्व रेसलर रिंक सिंह उफ वीर महान ने गदा फेरी। प्रेमानंद महाराज अपने व्याख्यान में हमेशा बताते थे कि आध्यात्मिक जीवन के शुरुआती दौर में तुलसी घाट पर अपना समय बिताया था, जहां वे बरगद के पेड़ के नीचे ध्यान करते थे और भिक्षा मांगकर जीवन यापन करते थे। यही मेरे वृंदावन जाने के निर्णय का महत्वपूर्ण कारण बना। अब वृंदावन में ही रहता हूं। 3 तस्वीरें देखिए… वृंदावन आश्रम में झाड़ू लगाते वीडियो आया था सामने
पूर्व रेसलर का वृंदावन आश्रम में झाड़ू लगाते हुए वीडियो सामने आया था। जो कि 4 अगस्त का बताया जा रहा है। इसमें रिंकू सिंह पीले वस्त्र पहने हुए गली में झाड़ू लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह उनके फैंस और आम लोगों के लिए काफी चौंकाने वाला है क्योंकि उन्होंने जॉन सीना जैसे बड़े-बड़े रेसलरों को रिंग में मात दी है। एक दिन पहले धीरेंद्र शास्त्री से मिले थे प्रेमानंद महाराज के शिष्य
13 सितंबर को काशी में गंगा के किनारे प्रेमानंद जी के शिष्यों के साथ बैठकर बातचीत की है। प्रेमानंद महाराज अद्भुत महात्मा हैं। किसी भी प्रकार की वैमनस्यता नहीं है। कुछ दिनों बाद प्रेमानंद जी की शरण में पहुंचने वाले हैं। सब संत एक हैं और सभी सनातनी एक हैं। एक ही रहेंगे। जो अभी ताली पीट रहे हैं, मजा ले रहे हैं, उन्हें जरूर मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। बाबा बागेश्वर ने प्रेमानंद के शिष्यों को सुनाई अपनी कहानी धीरेंद्र शास्त्री ने बताया- दादा गुरुजी ने अपने जीवन के अंतिम क्षण इसी पवित्र भूमि पर बिताए थे। दादा गुरुजी ने उन्हें झोली और माला देकर दीक्षा दी थी। उन्होंने भावुक होकर कहा- हम तो उल्लू थे, लेकिन उन्होंने हमें पकड़ाकर यह झोली माला दे दी। वही हमारी शुरुआत थी। उन्होंने कहा- एक दिव्य महापुरुष के दर्शन प्राप्त हुए, जिनकी उपस्थिति में उन्हें विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और हनुमान जी की कृपा अनुभव हुई। हनुमान जी का मंदिर, जो एक बगीचे में स्थित है, वहां वे लंबे समय तक बैठे रहे और भक्ति में लीन रहे। इस दौरान उन्होंने श्री राधा के नाम का कीर्तन करते हुए, बार-बार श्री राधे-श्री राधे का जाप किया। उन्होंने कहा- एक और भावनात्मक क्षण तब आया जब वे गंगा नदी के किनारे बैठे हुए “धारा” शब्द पर चिंतन कर रहे थे। उन्होंने कहा- जैसे ही मैंने “धारा” शब्द पढ़ा, मन में आया कि इसका उल्टा करें तो राधा बनता है। यह अनुभूति उन्हें भीतर तक छू गई। साथ में मौजूद संत जगत गुरुजी ने भी इस अनुभूति की सराहना करते हुए कहा कि यह एक अद्भुत बहती धारा है- जिसमें मां राधा की कृपा समाहित है।
पूर्व रेसलर का वृंदावन आश्रम में झाड़ू लगाते हुए वीडियो सामने आया था। जो कि 4 अगस्त का बताया जा रहा है। इसमें रिंकू सिंह पीले वस्त्र पहने हुए गली में झाड़ू लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह उनके फैंस और आम लोगों के लिए काफी चौंकाने वाला है क्योंकि उन्होंने जॉन सीना जैसे बड़े-बड़े रेसलरों को रिंग में मात दी है। एक दिन पहले धीरेंद्र शास्त्री से मिले थे प्रेमानंद महाराज के शिष्य
13 सितंबर को काशी में गंगा के किनारे प्रेमानंद जी के शिष्यों के साथ बैठकर बातचीत की है। प्रेमानंद महाराज अद्भुत महात्मा हैं। किसी भी प्रकार की वैमनस्यता नहीं है। कुछ दिनों बाद प्रेमानंद जी की शरण में पहुंचने वाले हैं। सब संत एक हैं और सभी सनातनी एक हैं। एक ही रहेंगे। जो अभी ताली पीट रहे हैं, मजा ले रहे हैं, उन्हें जरूर मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। बाबा बागेश्वर ने प्रेमानंद के शिष्यों को सुनाई अपनी कहानी धीरेंद्र शास्त्री ने बताया- दादा गुरुजी ने अपने जीवन के अंतिम क्षण इसी पवित्र भूमि पर बिताए थे। दादा गुरुजी ने उन्हें झोली और माला देकर दीक्षा दी थी। उन्होंने भावुक होकर कहा- हम तो उल्लू थे, लेकिन उन्होंने हमें पकड़ाकर यह झोली माला दे दी। वही हमारी शुरुआत थी। उन्होंने कहा- एक दिव्य महापुरुष के दर्शन प्राप्त हुए, जिनकी उपस्थिति में उन्हें विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और हनुमान जी की कृपा अनुभव हुई। हनुमान जी का मंदिर, जो एक बगीचे में स्थित है, वहां वे लंबे समय तक बैठे रहे और भक्ति में लीन रहे। इस दौरान उन्होंने श्री राधा के नाम का कीर्तन करते हुए, बार-बार श्री राधे-श्री राधे का जाप किया। उन्होंने कहा- एक और भावनात्मक क्षण तब आया जब वे गंगा नदी के किनारे बैठे हुए “धारा” शब्द पर चिंतन कर रहे थे। उन्होंने कहा- जैसे ही मैंने “धारा” शब्द पढ़ा, मन में आया कि इसका उल्टा करें तो राधा बनता है। यह अनुभूति उन्हें भीतर तक छू गई। साथ में मौजूद संत जगत गुरुजी ने भी इस अनुभूति की सराहना करते हुए कहा कि यह एक अद्भुत बहती धारा है- जिसमें मां राधा की कृपा समाहित है।