संभल में रविवार को दो अवैध मस्जिद और एक मदरसे को ढहा दिया गया है। पहला एक्शन- असमोली थाने के हाजीपुर में हुआ। यहां हाजीपुर गांव में बुलडोजर एक्शन से पहले ही एक मस्जिद को गांव के लोगों ने खुद ही तोड़ दिया। लोगों ने रातभर हथौड़े और छेनी से मस्जिद को ढहाया। मस्जिद 1339 वर्ग मीटर (डेढ़ बीघा) भूमि में बनी थी। सुबह जब प्रशासन की टीम पहुंची, तो वहां मस्जिद की जगह मलबा पड़ा हुआ था। यह देखकर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- भगवान ने इन लोगों को सद्बुद्धि दी कि इन्होंने खुद-ब-खुद अवैध निर्माण को तोड़ लिया। प्रशासन ने करीब तीन घंटे में बुलडोजर से मलबा हटाया। मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें मदरसा क्यों तोड़ा गया, जानिए डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया- मदरसे के नाम पर 1500 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया था, लेकिन वहां कॉमर्शियल गतिविधियां की जा रही थीं। दुकानों का किराया वसूला जा रहा था। तहसीलदार कोर्ट से डेढ़ महीने पहले ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था।
मगर, मदरसा कमेटी हाईकोर्ट चली गई। कोर्ट ने कमेटी की अपील खारिज कर दी। इसके बाद मदरसा कमेटी को 15 दिन का नोटिस दिया गया। आज नोटिस अवधि पूरी होने पर अवैध मदरसे को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। मदरसे पर एक्शन की 3 तस्वीरें- अब जानिए लोगों ने मस्जिद क्यों तोड़ी? तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- 14 जून 2018 को लेखपाल ने रिपोर्ट दी थी कि हाजी शमीम ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण कराया। इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली के नाम से मामला दर्ज कर सुनवाई की गई। डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। ध्वस्त जमीन पर 20 चयनित लाभार्थियों को पट्टे बांटे। इनमें 10 अनुसूचित जाति और 10 अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं। डीएम ने बताया- 25 साल पहले इस जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाई गई थी। तहसीलदार कोर्ट से पहले ही ध्वस्तीकरण का आदेश हो गया था। पर मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट गई थी। हाईकोर्ट ने भी ध्वस्तीकरण आदेश पर सहमति जताई थी। डीएम ने बताया- आज अवैध निर्माण तोड़ना था, पर बुलडोजर पहुंचने से पहले लोगों ने खुद तोड़ डाली। इस अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कुल मिलाकर 58 लाख का जुर्माना लगाया गया था। जिसमें से मस्जिद के मौलाना (मुतवल्ली) पर 8.78 लाख रुपए का जुर्माना लगा था। इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। अवैध निर्माण हटाने के लिए एएसपी, 2 तहसीलदार, एक सीओ, 6 कानूनगो और 24 लेखपालों की टीम गठित की गई। आज नोटिस की आखिरी तारीख थी। आज मस्जिद ढहाई जानी थी, लेकिन जब प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंचा तो देखा कि मस्जिद का अवैध निर्माण पहले ही पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है। मस्जिद को बेलचा, छेनी-हथौड़ी से तोड़ा, तस्वीरें देखिए… पोल में हिस्सा लेकर राय दे सकते हैं- अवैध मस्जिद को तोड़ने से जुड़े हर अपडेट्स नीचे पढ़ सकते हैं…
मगर, मदरसा कमेटी हाईकोर्ट चली गई। कोर्ट ने कमेटी की अपील खारिज कर दी। इसके बाद मदरसा कमेटी को 15 दिन का नोटिस दिया गया। आज नोटिस अवधि पूरी होने पर अवैध मदरसे को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। मदरसे पर एक्शन की 3 तस्वीरें- अब जानिए लोगों ने मस्जिद क्यों तोड़ी? तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया- 14 जून 2018 को लेखपाल ने रिपोर्ट दी थी कि हाजी शमीम ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण कराया। इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली के नाम से मामला दर्ज कर सुनवाई की गई। डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। ध्वस्त जमीन पर 20 चयनित लाभार्थियों को पट्टे बांटे। इनमें 10 अनुसूचित जाति और 10 अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी शामिल हैं। डीएम ने बताया- 25 साल पहले इस जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाई गई थी। तहसीलदार कोर्ट से पहले ही ध्वस्तीकरण का आदेश हो गया था। पर मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट गई थी। हाईकोर्ट ने भी ध्वस्तीकरण आदेश पर सहमति जताई थी। डीएम ने बताया- आज अवैध निर्माण तोड़ना था, पर बुलडोजर पहुंचने से पहले लोगों ने खुद तोड़ डाली। इस अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कुल मिलाकर 58 लाख का जुर्माना लगाया गया था। जिसमें से मस्जिद के मौलाना (मुतवल्ली) पर 8.78 लाख रुपए का जुर्माना लगा था। इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। अवैध निर्माण हटाने के लिए एएसपी, 2 तहसीलदार, एक सीओ, 6 कानूनगो और 24 लेखपालों की टीम गठित की गई। आज नोटिस की आखिरी तारीख थी। आज मस्जिद ढहाई जानी थी, लेकिन जब प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंचा तो देखा कि मस्जिद का अवैध निर्माण पहले ही पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है। मस्जिद को बेलचा, छेनी-हथौड़ी से तोड़ा, तस्वीरें देखिए… पोल में हिस्सा लेकर राय दे सकते हैं- अवैध मस्जिद को तोड़ने से जुड़े हर अपडेट्स नीचे पढ़ सकते हैं…