आगरा में दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में आगरा पुलिस संदिग्ध आतंकी अयान जावेद को झारखंड से आगरा लाई है। कोर्ट से पुलिस कस्टडी रिमांड में उससे सुरक्षा एजेंसियों ने 7 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में अयान जावेदन ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अयान अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट का हेड है। पुलिस पुछताछ में आयन जावेद ने बताया- मुझे सजा का कोई डर नहीं है, मैं तो अपने मजहब के लिए लोगों को जोड़ रहा है। यहीं उसका एक मात्र उद्देश्य है। गजवा-ए -हिन्द” के लिए सिर्फ बारूद की जरूरत नहीं है, बल्कि सबको मुसलमान बनाना भी जरूरी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अयान जावेद मुस्लिम ब्रदरहुड किताब की आइडोलॉजी से प्रभावित है। इसके मोबाइल में एक ग्रुप मिला है, जिसका वन उम्मत, वन नेशन नाम है। इसमें भारत, पाकिस्तान समेत कई देशों के लोग जुडे़ हुए हैं। IB और ATS की टीमों ने संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से सोमवार को करीब 7 घंटे पूछताछ की। आतंकी अयान जावेद पूछताछ के दौरान बिल्कुल भी घबराया नहीं था। बल्कि वो सवालों को घुमाता हुआ नजर आया। संदिग्ध आतंकी ने क्या बताया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले पढ़िए कैसे धर्मातरण का खुलासा हुआ…
आगरा सदर की सगी बहनों के साथ आधा दर्जन युवतियों को धर्मांतरण गैंग के चंगुल से मुक्त कराया गया था। 6 राज्यों में एक साथ दबिश दी गई थी। मुख्य आरोपित अब्दुल रहमान सहित 13 लोगों को जेल भेजा गया था। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि देहरादून की एक युवती अयान जावेद के संपर्क में थी। अयान जावेद से उसकी करीब 200 बार बातचीत हुई थी। अयान जावेद के बारे में जानकारी की गई तो वह संदिग्ध आतंकी निकला। कड़ी मशक्कत के बाद उसका बी-वारंट जारी कराया गया। कोलकाता से मुक्त कराई थीं सगी बहनें
सदर निवासी सगी बहनें अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं। दोनों धर्मांतरण गैंग के चंगुल में थीं। पिछले साल पुलिस ने दोनों को कोलकाता से मुक्त कराया था। दोनों बुर्का पहने एक मुस्लिम बस्ती में मिली थीं। पुलिस के मुताबिक आगरा ही नहीं दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, बरेली, अलीगढ़ सहित कई जगह की युवतियों का धर्मांतरण कराया गया है। पुलिस शुक्रवार को अयान जावेद को आगरा लेकर आई। उसको कोर्ट में पेश किया गया। एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हुई है। शनिवार को भी उसे कोर्ट में तलब किया गया है। IB और ATS की टीमों ने संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से करीब 7 घंटे पूछताछ की। अब पढ़िए संदिग्ध आतंकी अयान ने जो बताया
अयान ने बताया- लोगों को अपने मज़हब से जोड़ना ही मेरा मकसद है। ये कोई अपराध नहीं है। मुझको मुकदमों से कोई डर नहीं। न ही इसको लेकर हम परेशान है कि मुझे सजा होगी। उसने दावा किया कि “गजवा-ए -हिन्द” के लिए सिर्फ बारूद ही नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ना और उनको मुसलमान बनाना भी जरूरी है। मैं अल्लाह के लिए काम कर रहा है। उसे इसका शबाव मिलेगा। कायमात के दिन उसका नाम लौह ए एजल पर लिखा जाएगा। पुलिस पता करे किससे मेरा संबंध
आरोपी ने पूछताछ में बताया- दावा के जरिए यह लोगों को इस्लाम धर्म की अच्छाइयां बताता और फिर उनको जोड़ने का काम करता है। आतंकी कनेक्शन, ट्रेनिंग और नेटवर्क पर पूछे गए सवालों को अयान जावेद ने टाल दिया। उसने लोगों से संबंध के बारे में बताया कि उसके किन लोगों ने संबंध हैं, पुलिस खुद ही पता कर ले। मेरे पकड़े जाने से नहीं रुकेगा धर्मांतरण, मैं अकेला नहीं
साथ ही उसने कहा- उसके पकड़े जाने के बाद धर्मांतरण नहीं रुकेगा, इस काम के लिए वह अकेला नहीं है, कई सारे लोग शामिल हैं। उसका कहना है कि केवल बारुद से काम नहीं होगा। दावा और जिहाद दोनों को साथ लेकर चलना होगा। समाज के बडे़ लोग जब इस्लाम धर्म में आ जाएंगे तो छोटे तबके के लोग अपने आप जुड़ जाएंगे। जब वो 10 साल का था,तब वो सिमी से जुडे़ एक व्यक्ति के संपर्क में आया। आतंकी को दिल्ली ले गई पुलिस
पूछताछ में आतंकी अयान ने दिल्ली के बारे में कुछ जानकारी दी हैं। पुलिस उसको लेकर दिल्ली गई है। शाहीन बाग सहित कई ठिकानों पर उसको ले जाया जाएगा। पुलिस उसे अब्दुल रहमान के ठिकानों पर भी लेकर जाएगी। झारखंड से हुआ था गिरफ्तार
आगरा के ऑपरेशन अस्मिता के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान, आयशा और रहमान कुरैशी सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पुलिस जब बरामद युवतियों से पूछताछ कर रही थी तो एक युवती के मोबाइल से अयान जावेद की जानकारी मिली। दोनों की आपस में करीब 200 बार बात हुई थी। इसके बाद आगरा पुलिस ने अयान जावेद के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि साल 2025 में झारखंड के रांची से संदिग्ध आतंकी अयान जावेद सहित 4 लोगों को ATS ने भी गिरफ्तार किया था। जिसके बाद आगरा पुलिस अयान जावेद को बी वारंट के जरिए आगरा लेकर आई है। मंगलवार को उसकी तीन दिन की रिमांड खत्म हो जाएगी। कैसे बना आतंकी संगठन AQIS
अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट( AQIS) की शुरुआत 2014 में पूर्व अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। पाकिस्तान मूल का असीम उमर इसका शुरुआती सदस्य था। तब अल-जवाहिरी की तरफ से एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने भारत के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की बात कहीं थी। अब इसकी अगुआई ओसामा महमूद कर रहा है, जो पाकिस्तान मूल का बताया जाता है। US-अफगान मिलिट्री ऑपरेशन में उमर मारा गया था। इसके बाद 2019 में महमूद ने इसकी बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन सब-कॉन्टिनेंट में अल-कायदा के एक संगठन AQIS (अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट) के 200 लड़ाके मौजूद हैं। इनका लीडर आतंकी ओसामा महमूद है। वहीं अफगानिस्तान में इस संगठन के 400 लड़ाके हैं। UN के एक मेंबर स्टेट ने दावा किया है कि AQIS क्षेत्र में ISIS के खोरासान प्रोविंस (ISIL-K) से जुड़ने के लिए तैयार है। अब जानिए आतंकी अयान जावेद के बारे में
अयान जावेद की जिंदगी में बदलाव कोविड के बाद से आया। पहले वह सिर्फ बीसीए का छात्र था। पढ़ाई छोड़ दी। कोविड के दौरान तारीफ जमील, इसरार अहमद (दोनों पाकिस्तानी) व जाकिर नाइक को पढ़ना शुरू किया। वह इन दोनों के ऑनलाइन भाषण सुनता था। तब उसे लगा कि उसे इस्लाम के लिए कुछ करना चाहिए। वह प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ गया। ऑनलाइन उनके लिए लोगों को जोड़ने का काम करने लगा। इस दौरान उसकी ऑनलाइन मुलाकात आगरा निवासी रहमान कुरैशी से हुई। रहमान के जरिए उसकी पहचान दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान और कोलकाता में रहने वाली आयशा से हुई। उस दौरान उसने जाना कि धर्मांतरण भी एक तरह का जेहाद है। वह प्रेरित हुआ और व्हाट्सएप ग्रुप पर उन युवाओं को जोड़ने लगे जो मजहब के लिए कुछ करने का जज्बा रखते थे। ————————- ये खबर भी पढ़िए- इंजीनियर भाई-बहन साथ घूमते, लॉन्ग ट्रिप पर जाते थे: REEL में परफेक्ट दिखती थी केमेस्ट्री; फिर क्यों 84 चाकू मारकर बहन की हत्या की? मुरादाबाद में इंजीनियर भाई ने जिस बहन को चाकू से 84 वार करके मार डाला, वह उसी बहन पर जान छिड़कता था। बहन को घुमाना, नौकरी से छुट्टी दिलाकर वीकएंड पर लॉन्ग ट्रिप पर ले जाना…यहां तक कि उसके साथ हर रोज नई-नई रील्स बनाना, हार्दिक की आदत में था। दोनों रील्स में खुश नजर आते थे। उनके बीच की केमिस्ट्री परफेक्ट थी। दोनों साथ में घूमते थे। हार्दिक सोशल मीडिया पर लड़कियों को आजादी देने और उन्हें लड़कों से ज्यादा हक देने की वकालत भी करता था। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा सदर की सगी बहनों के साथ आधा दर्जन युवतियों को धर्मांतरण गैंग के चंगुल से मुक्त कराया गया था। 6 राज्यों में एक साथ दबिश दी गई थी। मुख्य आरोपित अब्दुल रहमान सहित 13 लोगों को जेल भेजा गया था। विवेचना के दौरान प्रकाश में आया कि देहरादून की एक युवती अयान जावेद के संपर्क में थी। अयान जावेद से उसकी करीब 200 बार बातचीत हुई थी। अयान जावेद के बारे में जानकारी की गई तो वह संदिग्ध आतंकी निकला। कड़ी मशक्कत के बाद उसका बी-वारंट जारी कराया गया। कोलकाता से मुक्त कराई थीं सगी बहनें
सदर निवासी सगी बहनें अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थीं। दोनों धर्मांतरण गैंग के चंगुल में थीं। पिछले साल पुलिस ने दोनों को कोलकाता से मुक्त कराया था। दोनों बुर्का पहने एक मुस्लिम बस्ती में मिली थीं। पुलिस के मुताबिक आगरा ही नहीं दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, बरेली, अलीगढ़ सहित कई जगह की युवतियों का धर्मांतरण कराया गया है। पुलिस शुक्रवार को अयान जावेद को आगरा लेकर आई। उसको कोर्ट में पेश किया गया। एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हुई है। शनिवार को भी उसे कोर्ट में तलब किया गया है। IB और ATS की टीमों ने संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से करीब 7 घंटे पूछताछ की। अब पढ़िए संदिग्ध आतंकी अयान ने जो बताया
अयान ने बताया- लोगों को अपने मज़हब से जोड़ना ही मेरा मकसद है। ये कोई अपराध नहीं है। मुझको मुकदमों से कोई डर नहीं। न ही इसको लेकर हम परेशान है कि मुझे सजा होगी। उसने दावा किया कि “गजवा-ए -हिन्द” के लिए सिर्फ बारूद ही नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ना और उनको मुसलमान बनाना भी जरूरी है। मैं अल्लाह के लिए काम कर रहा है। उसे इसका शबाव मिलेगा। कायमात के दिन उसका नाम लौह ए एजल पर लिखा जाएगा। पुलिस पता करे किससे मेरा संबंध
आरोपी ने पूछताछ में बताया- दावा के जरिए यह लोगों को इस्लाम धर्म की अच्छाइयां बताता और फिर उनको जोड़ने का काम करता है। आतंकी कनेक्शन, ट्रेनिंग और नेटवर्क पर पूछे गए सवालों को अयान जावेद ने टाल दिया। उसने लोगों से संबंध के बारे में बताया कि उसके किन लोगों ने संबंध हैं, पुलिस खुद ही पता कर ले। मेरे पकड़े जाने से नहीं रुकेगा धर्मांतरण, मैं अकेला नहीं
साथ ही उसने कहा- उसके पकड़े जाने के बाद धर्मांतरण नहीं रुकेगा, इस काम के लिए वह अकेला नहीं है, कई सारे लोग शामिल हैं। उसका कहना है कि केवल बारुद से काम नहीं होगा। दावा और जिहाद दोनों को साथ लेकर चलना होगा। समाज के बडे़ लोग जब इस्लाम धर्म में आ जाएंगे तो छोटे तबके के लोग अपने आप जुड़ जाएंगे। जब वो 10 साल का था,तब वो सिमी से जुडे़ एक व्यक्ति के संपर्क में आया। आतंकी को दिल्ली ले गई पुलिस
पूछताछ में आतंकी अयान ने दिल्ली के बारे में कुछ जानकारी दी हैं। पुलिस उसको लेकर दिल्ली गई है। शाहीन बाग सहित कई ठिकानों पर उसको ले जाया जाएगा। पुलिस उसे अब्दुल रहमान के ठिकानों पर भी लेकर जाएगी। झारखंड से हुआ था गिरफ्तार
आगरा के ऑपरेशन अस्मिता के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान, आयशा और रहमान कुरैशी सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पुलिस जब बरामद युवतियों से पूछताछ कर रही थी तो एक युवती के मोबाइल से अयान जावेद की जानकारी मिली। दोनों की आपस में करीब 200 बार बात हुई थी। इसके बाद आगरा पुलिस ने अयान जावेद के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि साल 2025 में झारखंड के रांची से संदिग्ध आतंकी अयान जावेद सहित 4 लोगों को ATS ने भी गिरफ्तार किया था। जिसके बाद आगरा पुलिस अयान जावेद को बी वारंट के जरिए आगरा लेकर आई है। मंगलवार को उसकी तीन दिन की रिमांड खत्म हो जाएगी। कैसे बना आतंकी संगठन AQIS
अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट( AQIS) की शुरुआत 2014 में पूर्व अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। पाकिस्तान मूल का असीम उमर इसका शुरुआती सदस्य था। तब अल-जवाहिरी की तरफ से एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने भारत के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की बात कहीं थी। अब इसकी अगुआई ओसामा महमूद कर रहा है, जो पाकिस्तान मूल का बताया जाता है। US-अफगान मिलिट्री ऑपरेशन में उमर मारा गया था। इसके बाद 2019 में महमूद ने इसकी बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन सब-कॉन्टिनेंट में अल-कायदा के एक संगठन AQIS (अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट) के 200 लड़ाके मौजूद हैं। इनका लीडर आतंकी ओसामा महमूद है। वहीं अफगानिस्तान में इस संगठन के 400 लड़ाके हैं। UN के एक मेंबर स्टेट ने दावा किया है कि AQIS क्षेत्र में ISIS के खोरासान प्रोविंस (ISIL-K) से जुड़ने के लिए तैयार है। अब जानिए आतंकी अयान जावेद के बारे में
अयान जावेद की जिंदगी में बदलाव कोविड के बाद से आया। पहले वह सिर्फ बीसीए का छात्र था। पढ़ाई छोड़ दी। कोविड के दौरान तारीफ जमील, इसरार अहमद (दोनों पाकिस्तानी) व जाकिर नाइक को पढ़ना शुरू किया। वह इन दोनों के ऑनलाइन भाषण सुनता था। तब उसे लगा कि उसे इस्लाम के लिए कुछ करना चाहिए। वह प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ गया। ऑनलाइन उनके लिए लोगों को जोड़ने का काम करने लगा। इस दौरान उसकी ऑनलाइन मुलाकात आगरा निवासी रहमान कुरैशी से हुई। रहमान के जरिए उसकी पहचान दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान और कोलकाता में रहने वाली आयशा से हुई। उस दौरान उसने जाना कि धर्मांतरण भी एक तरह का जेहाद है। वह प्रेरित हुआ और व्हाट्सएप ग्रुप पर उन युवाओं को जोड़ने लगे जो मजहब के लिए कुछ करने का जज्बा रखते थे। ————————- ये खबर भी पढ़िए- इंजीनियर भाई-बहन साथ घूमते, लॉन्ग ट्रिप पर जाते थे: REEL में परफेक्ट दिखती थी केमेस्ट्री; फिर क्यों 84 चाकू मारकर बहन की हत्या की? मुरादाबाद में इंजीनियर भाई ने जिस बहन को चाकू से 84 वार करके मार डाला, वह उसी बहन पर जान छिड़कता था। बहन को घुमाना, नौकरी से छुट्टी दिलाकर वीकएंड पर लॉन्ग ट्रिप पर ले जाना…यहां तक कि उसके साथ हर रोज नई-नई रील्स बनाना, हार्दिक की आदत में था। दोनों रील्स में खुश नजर आते थे। उनके बीच की केमिस्ट्री परफेक्ट थी। दोनों साथ में घूमते थे। हार्दिक सोशल मीडिया पर लड़कियों को आजादी देने और उन्हें लड़कों से ज्यादा हक देने की वकालत भी करता था। पढ़ें पूरी खबर…