‘आशुतोष महाराज पर हमला होते नहीं देखा’:प्रयागराज में TTE, कोच अटेंडेंट और यात्रियों के बयान दर्ज, मेडिकल रिपोर्ट में चोट गंभीर नहीं

आशुतोष महाराज पर हमले के मामले में रीवा एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट, टीटीई और एस्कॉर्ट के पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज हुए। 4 यात्रियों से भी पूछताछ की गई। सभी ने कहा कि घटना उनके सामने नहीं हुई। वहीं आशुतोष महाराज बयान दर्ज कराने GRP थाने नहीं पहुंचे। पुलिस ने सिराथू से लेकर प्रयागराज रेलवे स्टेशन तक 50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच की। लेकिन कोई भी संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन में चढ़ते और उतरते हुए नजर नहीं आया। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर हमले का जिक्र नहीं है। मोतीलाल नेहरू अस्पताल (कॉल्विन) के डॉक्टरों का कहना है कि आशुतोष महाराज पर किसी खतरनाक धारदार हथियार से हमला नहीं किया गया। बल्कि एक सामान्य धार वाली चीज से वार किया गया है। दरअसल, आशुतोष महाराज रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। रविवार सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने उनके नाक, चेहरे और हाथ पर वार किए। उन्हें प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आशुतोष की पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। आशुतोष महाराज बयान दर्ज कराने थाने नहीं पहुंचे सोमवार को आशुतोष के बयान दर्ज होने थे। मगर वह जीआरपी थाने नहीं पहुंचे। पुलिस को उन्होंने बताया कि मैं कोर्ट कार्य में बिजी हूं। मेरी तबियत भी ठीक नहीं है। इस कारण से थाने नहीं आ सकता। जीआरपी ने ट्रेन में चलने वाले जीआरपी-आरपीएफ एस्कार्ट के पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। उसी कोच में सफर करने वाले 4 यात्रियों से पूछताछ की गई। अब यात्रियों के बयान ऑनकैमरा दर्ज होंगे, जो आशुतोष महाराज वाले कोच में उनकी बर्थ के आसपास की बर्थ पर सफर कर रहे थे। पुलिस को नहीं मिला घटना का चश्मदीद प्रयागराज के धूमनगंज के एक यात्री का बयान सोमवार को दर्ज किया जाएगा। यह यात्री उस समय उनके बर्थ के पास की सीट पर सफर कर रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोच अटेंडेंट, टीटीई, एस्कॉर्ट के पुलिसकर्मियों और यात्रियों ने अपने बयानों में कहा है कि उन्होंने घटना को अपनी आंखों से नहीं देखा है। पुलिस इनमें से किसी को भी चश्मदीद की श्रेणी में नहीं मान रही है। आशुतोष महाराज पर हमले की जांच एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा की मानीटरिंग में चल रही है। हमले के बाद आशुतोष महाराज ने कहा था कि मेरी गर्दन काटने का प्रयास किया गया। मगर मेडिकल रिपोर्ट में इतने गंभीर हमले का जिक्र नहीं है। डॉक्टरों का कहना है उनके शरीर पर गहरा जख्म नहीं था। ये एक सामान्य खरोंच जैसा है। स्वाति अघोरी नाम के फेसबुक अकाउंट की भी हो रही जांच हमले के 5 घंटे बाद करीब 10 बजे डॉ. स्वाति अघोरी नाम के फेसबुक अकाउंट से हमले की जिम्मेदारी ली गई थी। एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि फेसबुक पर की गई इस पोस्ट को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आईपी एड्रेस, फेसबुक पेज और आईडी की भी जांच की जा रही है। प्रोफाइल और पोस्ट के आधार पर हमले से जुड़े संभावित तारों को खंगाला जा रहा है।
शंकराचार्य ने कहा था- आरोप फर्जी, यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश शंकराचार्य को लेकर जारी विवाद का ताजा मामला विस्तार से पढ़िए ………………… ये खबर भी पढ़िए आशुतोष महाराज बोले-21 लाख के लिए मुझ पर हमला किया:अविमुक्तेश्वरानंद अखिलेश यादव के गुरु, मेरे पास शंकराचार्य के खिलाफ तगड़े सबूत ’21 लाख रुपए के लालच में मुझ पर हमला किया और कराया गया। मुझे कोर्ट तक पहुंचने और सबूत देने से रोकने के लिए यह साजिश रची गई।’ यह दावा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने किया है। आशुतोष, रविवार को रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे। सुबह करीब 5 बजे कौशांबी में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में उन पर जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने उनके नाक, चेहरे और हाथ पर वार किए। उन्हें प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। मेडिकल टेस्ट के बाद वह सर्किट हाउस पहुंचे। यहां ‘दैनिक भास्कर’ ने उनसे बातचीत की। पढ़ें पूरी खबर