रेपिस्ट आसाराम रामलला का दर्शन करने अयोध्या पहुंचा:बोला- तीर्थ स्थलों पर जाने से नरक नहीं भोगना पड़ता, इलाज के लिए जमानत पर है

रेप केस में सजायाफ्ता आसाराम मंगलवार शाम अयोध्या पहुंचा। वह सरयू तट पर घूमा। इस दौरान तमाम लोग उसके सामने हाथ जोड़ते नजर आए। आसाराम ने कहा, भगवान रामलला के दर्शन करूंगा, इसलिए यहां आया हूं। आसाराम ने कहा, भारत में कई ऐसे तीर्थ स्थान हैं, जहां प्राण त्यागने या जाने मात्र से मनुष्य का कल्याण होता है। शास्त्रों में सात मोक्षदायी स्थान बताए गए हैं। इनमें अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका और पुरी हैं। मानव शरीर में वात, कफ और पित्त तीन दोष होते हैं और तीर्थ स्थलों पर जाने से इन दोषों का प्रभाव कम होता है। शास्त्रों में अयोध्या को पहला स्थान है। मथुरा में रहने वाला व्यक्ति चाहे साधु के वेश में रहा हो, लेकिन साधु का दायित्व न निभाया हो, फिर भी वहां मृत्यु होने पर उसे नरक नहीं जाना पड़ता है। आसाराम 11 मार्च को रामलला के दर्शन करेगा। इसके अलावा वह राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी मिलेगा। आसाराम लक्ष्मण किला में रुका है। सरयू तट स्थित इस आचार्य पीठ में आसाराम का आवास भी सरयू के बेहद करीब है। आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को 6 महीने की जमानत दी थी। इसके आधार पर 6 नवंबर को आसाराम को गुजरात हाई कोर्ट से भी 6 महीने की अंतरिम जमानत मिल गई थी। गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम की ओर से जमानत की याचिका पर सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को 6 महीने के लिए जमानत दी है। वे हृदय से संबंधित बीमारी से पीड़ित हैं। सरयू तट पर 300 मीटर तक पैदल घूमे
आसाराम मंगलवार दोपहर 3 बजे झुनकी घाट से सद्गुरु कुटी तक पैदल घूमा। फिर कार से लक्ष्मण किला गया। यहां पर आराम किया। शाम करीब 6 बजे लक्ष्मण किला से बाहर निकला। यहां से सरयू तट पहुंचा। करीब 300 मीटर तक पैदल घूमा। इस दौरान उसके अनुयायियों ने उनके पैर छुए। बताया जा रहा है कि आसाराम हुनमानगढ़ी का भी दर्शन करना चाहता था। मगर वहां सीढ़ियां अधिक होने के कारण नहीं जाएगा। अब पढ़िए आसाराम को उम्रकैद क्यों हुई भूत-प्रेत का साया बताकर लड़की से आश्रम में रेप किया
यूपी में शाहजहांपुर में रहने वाला एक परिवार आसाराम का अनुयायी था। परिवार की नाबालिग लड़की आसाराम के छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित आश्रम में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। साल-2013 की बात है। एक दिन लड़की क्लास में बेहोश हो गई। बाबा के साधक ने उस पर भूत-प्रेत का साया बताया और कहा कि इसका इलाज आसाराम बापू ही करेंगे। इसके बाद 14 अगस्त, 2013 को लड़की को छिंदवाड़ा से करीब 1 हजार किलोमीटर दूर जोधपुर के मनई आश्रम में ले जाया गया। 15 अगस्त, 2013 की रात कुटिया में रसोइया एक गिलास दूध लेकर आया। इसके बाद आसाराम ने लड़की से रेप किया। इस वारदात के 5 दिन बाद यानी 20 अगस्त, 2013 को पीड़ित लड़की ने दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराई। इसमें पीड़ित लड़की ने बताया कि आसाराम ने उससे ओरल सेक्स करने को कहा और गलत तरीके से भी छुआ। दिल्ली के निर्भया रेप केस की वजह से उस वक्त तक रेप-छेड़खानी के नए कानून लागू हो चुके थे। इसलिए आसाराम पर नए कानून के तहत कठोर धाराएं लगीं। 31 मार्च, 2013 को इस मामले में आसाराम गिरफ्तार हो गया। 25 अप्रैल, 2018 को जोधपुर की अदालत ने इस मामले में दोषी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तभी से आसाराम सेंट्रल जेल जोधपुर में बंद है। इतने साल में आसाराम पहली बार पैरोल पर बाहर आया है। 7 जनवरी, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बेस पर उसको 31 मार्च, 2025 तक जमानत दी थी। फिर राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट से मिली थी राहत
जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आसाराम को बढ़ती उम्र और लगातार गिरते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इलाज के लिए 6 महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसी आदेश के आधार पर 6 नवंबर को गुजरात हाईकोर्ट ने भी रेप के एक अन्य मामले में उसे जमानत दे दी थी। लेकिन, उसमें आसाराम के साथ तीन पुलिसकर्मी रखने और समूह में साधकों से नहीं मिलने की शर्त भी थी। इन दोनों शर्तों को हटाने के लिए आसाराम की ओर से दोबारा गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। …………………. ये खबर भी पढ़िए- ‘आसाराम को कोई बीमारी नहीं’:यूपी की रेप विक्टिम के पिता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, बोले- बाहर रहने से जान का खतरा
यूपी की रहने वाली रेप पीड़िता के पिता आसाराम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। पिता ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें आसाराम को इलाज के लिए 6 महीने की जमानत मिली है। पीड़िता के पिता ने कहा, आसाराम पूरी तरह स्वस्थ है। उसे कोई बीमारी नहीं है। वह ऋषिकेश से लेकर महाराष्ट्र तक घूम रहा है। पिता ने कहा, उसे आम कैदियों की तरह जेल में ही इलाज मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर