यूपी की पीसीएस अफसर ज्योति मौर्या और उनके सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या का मामला फिर से चर्चा में है। कहा जा रहा है कि ज्योति मौर्या और उनके पति के बीच सुलह हो गई है। दोनों साथ रह रहे हैं। इस बारे में दैनिक भास्कर ने ज्योति मौर्या से बात की। ज्योति ने इन बातों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नहीं पता कि यह खबर कहां से फैल रही है? आलोक कौन-सा पीआर करना चाह रहे? उनका तलाक लास्ट स्टेज पर है। महज दो महीने के अंदर डाइवोर्स हो जाएगा। आलोक से समझौते और साथ रहने की खबरों के सवाल पर ज्योति ने कहा कि ऐसा मुमकिन ही नहीं है। अब तो तलाक होने के करीब है। ज्योति मौर्या इन दिनों गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात हैं। हाईकोर्ट और जिला कोर्ट में चल रहे मुकदमे
ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक के विवाद के बाद जिला कोर्ट प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे चल रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आलोक मौर्या ने पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। वहीं, ज्योति मौर्या ने पति से छुटकारा पाने के लिए जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दोनों बेटियां भी ज्योति मौर्या के साथ गाजियाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। जबकि, आलोक मौर्या प्रतापगढ़ में पंचायती राज विभाग में सफाईकर्मी के पद पर काम कर रहे हैं। साथ ही वह यूपी लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और पीसीएस भर्ती परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे। इसके अलावा आलोक मौर्या लगातार पुरुष आयोग के गठन की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर वह राज्य महिला आयोग से भी मुलाकात कर चुके हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर का सच जानिए
हाल के दिनों में आलोक मौर्या की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इनमें वह लोक सेवा आयोग के पास नजर आए। इसके बाद अफवाह भी फैली कि आलोक का चयन SDM पद के लिए हो गया है। साथ ही आलोक की फोटो के साथ ‘ठुकरा कर मेरा प्यार, अब मेरा इंतकाम देखेगी’ लिखी हुई लाइन तेजी से शेयर होने लगी। हालांकि, बाद में साफ हुआ कि वह अपने दोस्त अंकित पांडेय का चयन होने पर उसे बधाई देने पहुंचे थे। अब पढ़िए पूरा मामला आलोक मौर्या आजमगढ़, जबकि ज्योति वाराणसी की रहने वाली हैं। दोनों की शादी करीब 15 साल पहले 2010 में हुई थी। इसके पहले 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। शादी के 2 साल के अंदर ही ज्योति मौर्या सरकारी टीचर बन गईं। टीचर की जॉब मिलने के बाद भी उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रही। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी पद पर भी उनका चयन हुआ। फिर उनका चयन एसएससी में भी हुआ। लेकिन, महाराष्ट्र लोकेशन मिलने की वजह से जॉइनिंग नहीं ली। साल-2015 में ज्योति का चयन यूपी-पीसीएस में हो गया। वह एसडीएम बन गईं। उसी साल जुड़वां बच्चों की मां भी बनीं। पति-पत्नी के बीच साल- 2014 से ही रिश्ते बिगड़ने लगे थे
ज्योति मौर्या और आलोक के रिश्ते साल-2014 से ही बिगड़ने लगे थे। 2015 में दो बेटियां होने के बाद दोनों के रिश्तों में और तल्खी आने लगी थी। यह सब साल-2020 तक चलता रहा। फिर अचानक आलोक ने कुछ मैसेज वायरल कर दिए। उसमें उन्होंने पत्नी ज्योति पर कई गंभीर आरोप लगाए। ज्योति ने सास-ससुर को अच्छा बताया था
पति आलोक से झगड़े के बावजूद ज्योति ने कहा था कि मुझे सास-ससुर से कभी कोई शिकायत नहीं रही। वे काफी अच्छे लोग हैं। जो कुछ परेशानी थी, वो आलोक के चलते थी। आलोक की वजह से जिंदगी में बहुत कुछ झेला। मैं तो चाहती थी कि जब साथ नहीं निभ रहा, तो तलाक लेकर अलग हो जाती हूं। आलोक पहले तैयार भी हो गया था, पर बाद में उसने फैसला बदल लिया। तलाक के एवज में 50 लाख की डिमांड रख दी। मैं कोई पैसा नहीं दूंगी। तलाक का केस फैमिली कोर्ट में चल रहा है। अब कोर्ट ही फैसला लेगा। आलोक ने ज्योति के अफेयर सहित रिश्वत के भी आरोप लगाए थे
आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या पर दूसरे अधिकारी से अफेयर के आरोप लगाए थे। दावा किया था कि उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में रखकर कोचिंग कराई, सारा खर्च उठाया। जब वह एसडीएम बन गई, तो मुझसे दूरी बना ली। उसने पहले एक डायरी पेश करते हुए दावा किया था कि इसमें ज्योति के एसडीएम पद पर रहते हुए हर महीने ली जाने वाली रिश्वत की रकम का जिक्र है। हालांकि, बाद में वह इस दावे को जांच टीम के सामने साबित नहीं कर पाए और आरोप वापस ले लिए थे। वहीं, ज्योति मौर्या ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… PCS ज्योति मौर्य के पति को क्या मिलेगा गुजारा भत्ता?, पुरुष को भी भत्ता मांगने का अधिकार? दावा कितना मजबूत? यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या ने गुजारा भत्ता मांगा है। आलोक ने इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। भारतीय समाज में पत्नी को गुजारा भत्ता मिलने की बात चलन में है। लेकिन, आलोक मौर्या की अपील ने नई बहस छेड़ दी है। पढ़ें पूरी खबर
ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक के विवाद के बाद जिला कोर्ट प्रयागराज और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमे चल रहे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आलोक मौर्या ने पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है। वहीं, ज्योति मौर्या ने पति से छुटकारा पाने के लिए जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। दोनों बेटियां भी ज्योति मौर्या के साथ गाजियाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। जबकि, आलोक मौर्या प्रतापगढ़ में पंचायती राज विभाग में सफाईकर्मी के पद पर काम कर रहे हैं। साथ ही वह यूपी लोक सेवा आयोग की समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और पीसीएस भर्ती परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे। इसके अलावा आलोक मौर्या लगातार पुरुष आयोग के गठन की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर वह राज्य महिला आयोग से भी मुलाकात कर चुके हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर का सच जानिए
हाल के दिनों में आलोक मौर्या की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इनमें वह लोक सेवा आयोग के पास नजर आए। इसके बाद अफवाह भी फैली कि आलोक का चयन SDM पद के लिए हो गया है। साथ ही आलोक की फोटो के साथ ‘ठुकरा कर मेरा प्यार, अब मेरा इंतकाम देखेगी’ लिखी हुई लाइन तेजी से शेयर होने लगी। हालांकि, बाद में साफ हुआ कि वह अपने दोस्त अंकित पांडेय का चयन होने पर उसे बधाई देने पहुंचे थे। अब पढ़िए पूरा मामला आलोक मौर्या आजमगढ़, जबकि ज्योति वाराणसी की रहने वाली हैं। दोनों की शादी करीब 15 साल पहले 2010 में हुई थी। इसके पहले 2009 में आलोक का चयन पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में हुआ था। शादी के 2 साल के अंदर ही ज्योति मौर्या सरकारी टीचर बन गईं। टीचर की जॉब मिलने के बाद भी उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रही। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी पद पर भी उनका चयन हुआ। फिर उनका चयन एसएससी में भी हुआ। लेकिन, महाराष्ट्र लोकेशन मिलने की वजह से जॉइनिंग नहीं ली। साल-2015 में ज्योति का चयन यूपी-पीसीएस में हो गया। वह एसडीएम बन गईं। उसी साल जुड़वां बच्चों की मां भी बनीं। पति-पत्नी के बीच साल- 2014 से ही रिश्ते बिगड़ने लगे थे
ज्योति मौर्या और आलोक के रिश्ते साल-2014 से ही बिगड़ने लगे थे। 2015 में दो बेटियां होने के बाद दोनों के रिश्तों में और तल्खी आने लगी थी। यह सब साल-2020 तक चलता रहा। फिर अचानक आलोक ने कुछ मैसेज वायरल कर दिए। उसमें उन्होंने पत्नी ज्योति पर कई गंभीर आरोप लगाए। ज्योति ने सास-ससुर को अच्छा बताया था
पति आलोक से झगड़े के बावजूद ज्योति ने कहा था कि मुझे सास-ससुर से कभी कोई शिकायत नहीं रही। वे काफी अच्छे लोग हैं। जो कुछ परेशानी थी, वो आलोक के चलते थी। आलोक की वजह से जिंदगी में बहुत कुछ झेला। मैं तो चाहती थी कि जब साथ नहीं निभ रहा, तो तलाक लेकर अलग हो जाती हूं। आलोक पहले तैयार भी हो गया था, पर बाद में उसने फैसला बदल लिया। तलाक के एवज में 50 लाख की डिमांड रख दी। मैं कोई पैसा नहीं दूंगी। तलाक का केस फैमिली कोर्ट में चल रहा है। अब कोर्ट ही फैसला लेगा। आलोक ने ज्योति के अफेयर सहित रिश्वत के भी आरोप लगाए थे
आलोक ने पत्नी ज्योति मौर्या पर दूसरे अधिकारी से अफेयर के आरोप लगाए थे। दावा किया था कि उसने शादी के बाद पत्नी को पढ़ाया-लिखाया। प्रयागराज में रखकर कोचिंग कराई, सारा खर्च उठाया। जब वह एसडीएम बन गई, तो मुझसे दूरी बना ली। उसने पहले एक डायरी पेश करते हुए दावा किया था कि इसमें ज्योति के एसडीएम पद पर रहते हुए हर महीने ली जाने वाली रिश्वत की रकम का जिक्र है। हालांकि, बाद में वह इस दावे को जांच टीम के सामने साबित नहीं कर पाए और आरोप वापस ले लिए थे। वहीं, ज्योति मौर्या ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… PCS ज्योति मौर्य के पति को क्या मिलेगा गुजारा भत्ता?, पुरुष को भी भत्ता मांगने का अधिकार? दावा कितना मजबूत? यूपी की PCS अफसर ज्योति मौर्या के सफाईकर्मी पति आलोक मौर्या ने गुजारा भत्ता मांगा है। आलोक ने इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर हाईकोर्ट ने ज्योति मौर्या को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। भारतीय समाज में पत्नी को गुजारा भत्ता मिलने की बात चलन में है। लेकिन, आलोक मौर्या की अपील ने नई बहस छेड़ दी है। पढ़ें पूरी खबर