काशी में प्रिंसिपल रोए, बरेली में बच्चों संग नाचे टीचर:यूपी बोर्ड 10वीं में सीतापुर की कशिश, बाराबंकी की अंशिका टॉपर; मेरिट में 123 बच्चे

यूपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे जारी हुआ। सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने टॉप किया है। दोनों को 97.83% अंक मिले। 97.50% अंकों के साथ बाराबंकी की अदिति दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर 97.33% अंकों के साथ सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू और बाराबंकी की परी वर्मा रहीं। इस तरह टॉप-3 में कुल 6 बच्चों ने जगह बनाई। इनमें 5 लड़कियां हैं। टॉप-10 में 115 बच्चों ने जगह बनाई है। इसमें सीतापुर के 13, बाराबंकी के 9, फतेहपुर के 7, कानपुर नगर, इटावा और गोंडा के 6-6 बच्चे हैं। परीक्षा देने वाले जेल में बंद 68 में से 67 कैदी भी पास हुए हैं। भदोही जिले का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। यहां 95.78% बच्चे पास हुए। ललितपुर सबसे फिसड्‌डी रहा। यहां सिर्फ 80.22% बच्चे पास हुए। सरकारी स्कूलों के 87.93% बच्चे पास हुए। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों के 86.98% और सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे सफल हुए। काशी में पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रिजल्ट आते ही फूट-फूट कर रोने लगे। उनके कॉजेल के स्टूडेंट सूर्यदीप ने जिला टॉप किया। इसकी खबर लगते ही प्रिंसिपल कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे। बरेली में एक स्कूल के टीचर्स ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया। टॉपर कशिश वर्मा के पिता किसान, मां हाउसवाइफ हाईस्कूल टॉपर कशिश वर्मा से दैनिक भास्कर ने बात की। कशिश ने बताया- मैं सोसा गांव की रहने वाली हूं। बाबू राम सावित्री देवी विद्यालय में पढ़ती हूं। मेरे पिता किसान और मां गृहिणी हैं। मैं रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल में भी एक्स्ट्रा क्लास लगती थी। सभी लोग हमें लगातार मोटिवेट करते थे। कशिश ने कहा- मेरी इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता, टीचरों और खुद की मेहनत को देना चाहती हूं। मैं दूसरे विद्यार्थियों से कहना चाहती हूं कि अगर इस बार सफलता नहीं मिली तो निराश न हों। ज्यादा मेहनत करें, अगली बार जरूर सफलता मिलेगी। रिजल्ट के बाद की 3 तस्वीरें देखिए- लड़कियां, लड़कों से 6.46% ज्यादा पास इस बार 90.42% बच्चे पास हुए हैं। लड़कियां 93.76%, जबकि लड़के 87.30% पास हुए। इस हिसाब से लड़कियां, लड़कों से 6.46% अधिक पास हुई हैं। 2024 में 90.11% छात्र-छात्राएं पास हुए थे। इस साल 0.31% ज्यादा छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। 98.53% कैदियों ने पास की परीक्षा, सिर्फ एक फेल हुआ यूपी की जेल में बंद 68 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 67 में कैदी पास हुए हैं। कैदियों का पासिंग परसेंटेज 98.53 प्रतिशत है। यानी इनका पासिंग परसेंट ओवरऑल पास बच्चों से बेहतर हैं। पिछले साल यानी 2025 में जेल से 94 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 91 में कैदी पास हुए हैं। पासिंग परसेंटेज 96% रहा था। 5 साल से लड़कियां ही अव्वल 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें यूपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-