सहारनपुर में एक महिला ने अपनी ही सहेली के 14 साल के बेटे की हत्या कर दी। उसका सहेली से 6 लाख रुपए को लेकर झगड़ा हुआ था। नाराज महिला ने 1 मई को घर के बाहर टहल रहे बच्चे को घुमाने के बहाने स्कूटी पर बैठाया। फिर उसे 8 किमी दूर बड़ी नहर के पास ले जाकर धक्का दे दिया। बच्चा काफी देर तक नहीं लौटा, तो घरवालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। इसके बाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच की तो CCTV में महिला बच्चे को स्कूटी से ले जाती हुई दिखाई दी। पुलिस ने 1 मई (शुक्रवार) को महिला को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया। इसके बाद शनिवार को नहर से बच्चे का शव बरामद किया गया। खबर मिलते ही बच्चे की मां रो-रोकर बेसुध हो गई। घटना थाना सिटी क्षेत्र की है। 3 तस्वीरें देखिए- 35 साल की दोस्ती में दरार और हत्या की पूरी कहानी पढ़िए
बाल कृष्ण भारती नुमाइश कैंप इलाके में परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी ज्योति और 4 बेटे अनुराग, विशाल, विकास और अंशुमान (14) थे। अनुराग सबसे बड़ा और अंशुमान सबसे छोटा था। उनके पड़ोस में पूजा (42) नाम की महिला अपने घर में अकेली रहती है। वह बाल कृष्ण की पत्नी की 35 साल पुरानी सहेली है। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। पूजा ने अपनी एक दुकान कुछ दिन पहले ज्योति के बड़े बेटे अनुराग को 6 लाख में बेच दी थी। बाद में पैसे देने की बात कही गई थी। कुछ दिन बाद पैसे को लेकर उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया। पूजा का आरोप है कि ज्योति और उसके घरवाले पैसे नहीं दे रहे थे। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। फिर उनके बीच बातचीत बंद हो गई थी। पूजा इस बात से काफी नाराज थी। उसने बदला लेने की साजिश रची। 1 मई को उसने ज्योति के बेटे अंशुमानको घूमते देखा। इस पर उसे पास बुलाकर स्कूटी पर बैठाकर ले गई और जान से मार दिया। CCTV में महिला बच्चे को स्कूटी से ले जाती दिखी
अंशुमान काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो घरवालों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जब आसपास के CCTV चेक किए, तो एक महिला अंशुमान को स्कूटी पर ले जाती हुई दिखाई दी। घरवालों ने महिला की पहचान पूजा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने उसे घर से हिरासत में ले लिया। 2 दिन बाद नहर में उतराता मिला बच्चे का शव
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूजा ने बताया कि उसने बच्चे को नहर में धक्का दे दिया था। शनिवार को उसकी निशानदेही पर बड़ी नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दो गोताखोर दिनभर तलाश करते रहे, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। रविवार को नहर के पास से गुजर रहे राहगीरों ने बच्चे का शव पानी में उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अंशुमान के परिजनों को भी बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी महिला बोली- मैं डर गई थी पुलिस पूछताछ में पूजा ने बताया- मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैं बस डर गई थी, क्योंकि उसके परिवारवालों के बार-बार फोन आ रहे थे। वे अंशुमान के बारे में पूछ रहे थे। इसी बात से मैं घबरा गई थी। उसकी मां और भाई भी मेरे साथ अक्सर लड़ाई-झगड़ा करते थे। मेरी उससे कोई दुश्मनी नहीं थी। भाई बोला- मम्मी की लड़ाई का बदला लिया बड़े भाई अनुराग ने बताया- मेरा भाई अंशुमान 1 मई को दोपहर 2:04 बजे छोटे चौक से गायब हुआ था। कल सुबह उसकी बॉडी मिली है। डेढ़ साल पहले पूजा से हमारी लड़ाई हुई थी। उसने उसी लड़ाई का बदला मेरे भाई से लिया है। हमारे घर उसका आना-जाना था। वह हमारे भाइयों पर हाथ उठाती थी, जिसका हमने विरोध किया था। उसकी बेटी ने भी इसका विरोध किया था। पूजा ने धमकी दी थी कि आने वाले समय में सबक सिखाएगी। अब डेढ़ साल बाद उसने मेरे भाई के साथ यह हरकत की है। मुझे इंसाफ चाहिए। पार्षद राहुल झाम का बयान पार्षद राहुल झाम ने बताया- मुझे संजय गांधी ने फोन किया कि उनकी साली का लड़का गुम हो गया है। पूजा नाम की महिला उसे ले गई है। जब हमने पूजा के बारे में पता किया, तो उसका बैकग्राउंड ठीक नहीं लगा। वह पुलिस को गुमराह कर रही थी। कभी कहती कि बच्चे को सरसावा ले गई, कभी यमुनानगर, तो कभी थानाभवन ले जाने की बात कह रही थी। पूजा पूरी रात पुलिस को परेशान करती रही। जब सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने कहा कि 1 मई की रात 8 बजे बच्चे को बड़ी नहर में धक्का दे दिया। ऐसी महिलाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ये समाज के लिए खतरा हैं। वहीं, एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया- नुमाइश कैंप क्षेत्र से 14 साल के बच्चे के गुम होने की शिकायत मिली थी। मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक महिला बच्चे को ले जाती दिखाई दी। पुलिस सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से महिला पूजा तक पहुंची। उसने बताया कि बच्चे को अंबाला रोड स्थित बड़ी नहर में फेंक दिया है। इसके बाद 17 से अधिक गोताखोरों की टीम लगाई गई। नहर का पानी भी रुकवाया गया। करीब 17 घंटे की मेहनत के बाद शनिवार सुबह 6 बजे बच्चे का शव बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतक परिवार के बीच 10 साल पुराने संबंध थे। लेकिन डेढ़ साल से दुकान के पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी रंजिश में बच्चे को नहर में धक्का देकर हत्या की गई। ———————- यह खबर भी पढ़ें उठक-बैठक करने वाले IAS को अब तक पोस्टिंग नहीं:रिंकू सिंह बोले- किसी ने फोन नहीं किया; रिटायर्ड IAS बोले- सरकार की मर्जी चलती है IAS रिंकू सिंह राही ने 20 अप्रैल को इस्तीफा वापस ले लिया। लेकिन, 13 दिन बाद भी उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली है। रिंकू सिंह राही ने दैनिक भास्कर से कहा- मुझे सिर्फ काम चाहिए। सरकार कहीं भी पोस्टिंग दे दे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे काम न करके सिर्फ वेतन लेना ठीक नहीं लग रहा। पढ़ें पूरी खबर…
बाल कृष्ण भारती नुमाइश कैंप इलाके में परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पत्नी ज्योति और 4 बेटे अनुराग, विशाल, विकास और अंशुमान (14) थे। अनुराग सबसे बड़ा और अंशुमान सबसे छोटा था। उनके पड़ोस में पूजा (42) नाम की महिला अपने घर में अकेली रहती है। वह बाल कृष्ण की पत्नी की 35 साल पुरानी सहेली है। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। पूजा ने अपनी एक दुकान कुछ दिन पहले ज्योति के बड़े बेटे अनुराग को 6 लाख में बेच दी थी। बाद में पैसे देने की बात कही गई थी। कुछ दिन बाद पैसे को लेकर उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया। पूजा का आरोप है कि ज्योति और उसके घरवाले पैसे नहीं दे रहे थे। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। फिर उनके बीच बातचीत बंद हो गई थी। पूजा इस बात से काफी नाराज थी। उसने बदला लेने की साजिश रची। 1 मई को उसने ज्योति के बेटे अंशुमानको घूमते देखा। इस पर उसे पास बुलाकर स्कूटी पर बैठाकर ले गई और जान से मार दिया। CCTV में महिला बच्चे को स्कूटी से ले जाती दिखी
अंशुमान काफी देर तक घर नहीं लौटा, तो घरवालों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जब आसपास के CCTV चेक किए, तो एक महिला अंशुमान को स्कूटी पर ले जाती हुई दिखाई दी। घरवालों ने महिला की पहचान पूजा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने उसे घर से हिरासत में ले लिया। 2 दिन बाद नहर में उतराता मिला बच्चे का शव
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूजा ने बताया कि उसने बच्चे को नहर में धक्का दे दिया था। शनिवार को उसकी निशानदेही पर बड़ी नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दो गोताखोर दिनभर तलाश करते रहे, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला। रविवार को नहर के पास से गुजर रहे राहगीरों ने बच्चे का शव पानी में उतराता देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अंशुमान के परिजनों को भी बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी महिला बोली- मैं डर गई थी पुलिस पूछताछ में पूजा ने बताया- मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैं बस डर गई थी, क्योंकि उसके परिवारवालों के बार-बार फोन आ रहे थे। वे अंशुमान के बारे में पूछ रहे थे। इसी बात से मैं घबरा गई थी। उसकी मां और भाई भी मेरे साथ अक्सर लड़ाई-झगड़ा करते थे। मेरी उससे कोई दुश्मनी नहीं थी। भाई बोला- मम्मी की लड़ाई का बदला लिया बड़े भाई अनुराग ने बताया- मेरा भाई अंशुमान 1 मई को दोपहर 2:04 बजे छोटे चौक से गायब हुआ था। कल सुबह उसकी बॉडी मिली है। डेढ़ साल पहले पूजा से हमारी लड़ाई हुई थी। उसने उसी लड़ाई का बदला मेरे भाई से लिया है। हमारे घर उसका आना-जाना था। वह हमारे भाइयों पर हाथ उठाती थी, जिसका हमने विरोध किया था। उसकी बेटी ने भी इसका विरोध किया था। पूजा ने धमकी दी थी कि आने वाले समय में सबक सिखाएगी। अब डेढ़ साल बाद उसने मेरे भाई के साथ यह हरकत की है। मुझे इंसाफ चाहिए। पार्षद राहुल झाम का बयान पार्षद राहुल झाम ने बताया- मुझे संजय गांधी ने फोन किया कि उनकी साली का लड़का गुम हो गया है। पूजा नाम की महिला उसे ले गई है। जब हमने पूजा के बारे में पता किया, तो उसका बैकग्राउंड ठीक नहीं लगा। वह पुलिस को गुमराह कर रही थी। कभी कहती कि बच्चे को सरसावा ले गई, कभी यमुनानगर, तो कभी थानाभवन ले जाने की बात कह रही थी। पूजा पूरी रात पुलिस को परेशान करती रही। जब सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने कहा कि 1 मई की रात 8 बजे बच्चे को बड़ी नहर में धक्का दे दिया। ऐसी महिलाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ये समाज के लिए खतरा हैं। वहीं, एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया- नुमाइश कैंप क्षेत्र से 14 साल के बच्चे के गुम होने की शिकायत मिली थी। मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक महिला बच्चे को ले जाती दिखाई दी। पुलिस सर्विलांस और खुफिया तंत्र की मदद से महिला पूजा तक पहुंची। उसने बताया कि बच्चे को अंबाला रोड स्थित बड़ी नहर में फेंक दिया है। इसके बाद 17 से अधिक गोताखोरों की टीम लगाई गई। नहर का पानी भी रुकवाया गया। करीब 17 घंटे की मेहनत के बाद शनिवार सुबह 6 बजे बच्चे का शव बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतक परिवार के बीच 10 साल पुराने संबंध थे। लेकिन डेढ़ साल से दुकान के पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा चल रहा था। इसी रंजिश में बच्चे को नहर में धक्का देकर हत्या की गई। ———————- यह खबर भी पढ़ें उठक-बैठक करने वाले IAS को अब तक पोस्टिंग नहीं:रिंकू सिंह बोले- किसी ने फोन नहीं किया; रिटायर्ड IAS बोले- सरकार की मर्जी चलती है IAS रिंकू सिंह राही ने 20 अप्रैल को इस्तीफा वापस ले लिया। लेकिन, 13 दिन बाद भी उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली है। रिंकू सिंह राही ने दैनिक भास्कर से कहा- मुझे सिर्फ काम चाहिए। सरकार कहीं भी पोस्टिंग दे दे, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे काम न करके सिर्फ वेतन लेना ठीक नहीं लग रहा। पढ़ें पूरी खबर…