दीपक की तलाश में एसडीआरएफ की टीम सरयू नदी में उतर गई। दो घंटे तक लोग इंतजार करते रहे, जब दीपक नहीं मिले तो उनके साले राज (9) ने उर्मिला का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद वह अपने दादा बाबूलाल के साथ घाट पर बैठकर अपने जीजा की वापसी का इंतजार करता रहा। 24 घंटे बाद उतराता मिला शव
बुधवार को एसडीआरएफ की टीमें नदी में दीपक को तलाशती रहीं। रात को रेस्क्यू बंद कर दिया गया। गुरुवार सुबह 8 बजे से फिर रेस्क्यू शुरू किया गया। सुबह से ही घाट पर दीपक के दादा ससुर बाबूलाल शर्मा (70) और परिवार के दूसरे सदस्य पहुंच गए थे। चार घंटे बाद दोपहर 12:20 बजे घटनास्थल से करीब 8 किमी दूर ऐली माझा गांव के पास एक हाईटेंशन लाइन टावर के पास दीपक का शव नदी में उतराता मिला। वहां अंतिम संस्कार करने गए कुछ लोगों ने देखा तो शव को खींचकर किनारे लाए। फिर इसकी सूचना गांव के प्रधान को दी। मगरमच्छ ने खाने की कोशिश की थी उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस ने दीपक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दीपक का शव देखकर लग रहा था कि उसके दाहिने हाथ के कुछ हिस्से को काट कर मगरमच्छ ने खाने का प्रयास किया है। कंधे पर भी काट कर खाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे भी नहीं खा पाया। दीपक के कान के पास भी काटने के निशान मिले। प्रत्यक्षदर्शी बोले- मगरमच्छ ने सिर पकड़ा था स्थानीय श्रवण कुमार ने बताया कि दीपक को खींचकर ले जाने के बाद मगरमच्छ दो-तीन बार दिखाई दिया। सबको दिखा कि मगरमच्छ ने सिर पकड़ रखा था। नाव से टक्कर मारी गई तो छोड़ दिया फिर दोबारा पकड़ लिया था। दीपक के बॉडी देखने वाले प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मैंने देखा कि नदी में एक लाश बहती हुई आ रही थी। मैं भी लाश को लेकर के यहां पर अंतिम संस्कार के लिए आया हुआ था। हम 50 लोग यहां पर थे। इसके बाद हम तीन लोग नाव पर बैठकर के गए और लाश को बाहर लेकर आए। हम लोगों ने सेमरी प्रधान को फोन करके सूचना दी। अफसर बोले- मगरमच्छ छोटा था, इसलिए खा नहीं पाया जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 24 घंटे बाद दीपक की बॉडी मिल गई है। मौके पर उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस द्वारा पहुंच करके पंचनामा की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृतक दीपक की पत्नी रेखा को 4 लाख की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। संभवत: मगरमच्छ छोटा था, इसीलिए युवक को अपना निवाला नहीं बन पाया। लेकिन मगरमच्छ ही युवक को लेकर गया था, इसकी पुष्टि हुई है । दीपक के साथ आए लोग साथ मगमरच्छ को ले जाते देखा था। डॉक्टर के चले जाने की वजह से कल पोस्टमॉर्टम होगा।
लखनऊ से टीम भी बुलाई गई थी गोंडा एसपी विनीत जायसवाल और डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए आज लखनऊ से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया था। उनके द्वारा भी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि यहां से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर बॉडी मिली है। तत्काल पहुंचे करके शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को आर्थिक मदद जो भी होगी शासन के नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। —————————- बलिया में एक ही व्यक्ति चपरासी भी और शिक्षामित्र भी:रोक के बावजूद शिक्षा विभाग में 179 फर्जी कर्मियों का वेतन जारी
रामेश्वर सिंह बलिया में भीमपुरा कस्बे के रामकरण इंटर कॉलेज में चपरासी हैं। नियुक्ति 1 जुलाई, 2005 को हुई थी। हैरत की बात ये है कि रामेश्वर कस्बे के कंपोजिट स्कूल में 23 अगस्त, 2015 से शिक्षामित्र के रूप में भी तैनात हैं। दोनों पदों का वेतन और मानदेय ले रहे हैं। इसी तरह उनका सगा भतीजा शिवमंगल सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। साथ ही कस्बे के एक सरकारी स्कूल में शिक्षामित्र भी है। शिवमंगल की पत्नी विभा सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। पढ़ें पूरी खबर…