‘जाते समय मैंने उसे खर्च के लिए 4 हजार रुपए दिए थे। इसके बाद बेटे से केवल मोबाइल पर ही बात होती रही। वह दोबारा गाजियाबाद नहीं आया। मेरी आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। मेरे लिए बेटे की जमानत कराना मुश्किल है। अब सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया है।’ यह कहना है ISI के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार हुए जैद के पिता दिलीप खान का। जैद को तेलंगाना पुलिस ने 25 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि जैद ने यूपी के कई मंत्रियों के मोबाइल नंबर पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाए थे। जांच में पता चला कि जैद सोशल मीडिया पर REEL बनाता था। इसी दौरान वह ISI एजेंटों के संपर्क में आया। पूछताछ में जैद ने कई लोगों के नंबर और लोकेशन शेयर करने की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस उसके मोबाइल, सोशल मीडिया चैट और संपर्कों की जांच कर रही है। पढ़िए दैनिक भास्कर से जैद के पिता ने जो कुछ बताया… जैद ने कक्षा- 4 तक पढ़ाई की दिलीप खान मूलरूप से गाजीपुर जिले में सुल्तानपुर गांव के रहने वाले हैं। वह गाजियाबाद के लोनी इलाके में किराए के मकान में रहते हैं। दिलीप फैक्ट्री और दूसरी जगह सरिया का काम करके 15-20 हजार रुपए महीना कमा लेते हैं। दिलीप खान के 3 बेटे हैं। 22 साल का मोहम्मद जैद बड़ा बेटा है। वहीं, दो छोटे बेटे जुड़वां हैं। दिलीप खान ने बताया कि जैद ने कक्षा- 4 तक पढ़ाई की है। दोनों छोटे बेटों ने इसी साल हाईस्कूल किया है। होटल में वेटर की नौकरी करने गया था पिता दिलीप खान ने बताया- जैद 2 महीने पहले हैदराबाद में एक होटल में वेटर की नौकरी करने गया था। वह अपनी मौसी के बेटे फैजान के संपर्क में था। फैजान भी हैदराबाद के एक होटल में काम करता है। हमें लगा था कि जैद कुछ दिन वहीं रहकर अपने लिए काम देख लेगा। वह बीच-बीच में घर पर फोन कर मुझसे और अपनी बीमार मां से बात भी करता था। जब तक जैद गाजियाबाद में था, वह किसी गलत व्यक्ति के संपर्क में नहीं था। कभी उसके बारे में कोई गलत बात सुनने को नहीं मिली। लेकिन, अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे पूरा परिवार टूट गया है। समाज में भी हमारी बदनामी हो रही है कि बेटा पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल गया है। मैं खुद बीमार रहता हूं। शुगर 400 पहुंच चुका है। हमारी आर्थिक हालत भी ठीक नहीं है। ऐसे में बेटे की जमानत कराना मेरे लिए मुश्किल है। मैंने अभी तक जैद की मां को इस बारे में नहीं बताया है। अगर उन्हें बेटे के जेल जाने की खबर मिली तो वह सदमे में आ सकती है। क्योंकि, वह लंबे समय से बीमार है। किराया लगाकर हैदराबाद या तेलंगाना जा भी नहीं सकता दिलीप खान ने बताया- जाते समय मैंने उसे खर्च के लिए 4 हजार रुपए दिए थे। इसके बाद उससे केवल मोबाइल पर ही बात होती रही। वह दोबारा गाजियाबाद नहीं आया। मुझे यह भी नहीं पता कि पुलिस ने जैद को कहां से गिरफ्तार किया? उस पर कौन-कौन से आरोप लगाए गए हैं? मेरे पास तेलंगाना पुलिस का फोन आया था। कहा था कि तुम जैद के पिता बोल रहे हो। मैंने कहा कि हां बोल रहा हूं। मेरे बेटे के साथ क्या हुआ? पहले मुझे लगा कि कोई एक्सीडेंट तो नहीं हुआ? मैंने कहा कि सर बताइए क्या हो गया? पुलिस ने कहा कि तुम्हारा बेटा अरेस्ट हुआ है। तुम तेलंगाना आ जाओ। बेटे की गिरफ्तारी के बाद मेरा सब कुछ बिखर गया है। अब मैं सब कुछ ऊपर वाले पर छोड़ चुका हूं। मैं तो किराया लगाकर हैदराबाद या तेलंगाना भी नहीं जा सकता। अब पढ़िए जैद ने पुलिस से पूछताछ में क्या बताया… 2021 में कोलकाता गया था जैद जैद को तेलंगाना पुलिस ने 25 मई को गिरफ्तार किया था। जैद ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि साल- 2021 में मैं गाजियाबाद से कोलकाता गया था। वहां मैंने एक कपड़ा व्यापारी के साथ मिलकर काम किया। 3 साल तक कपड़े का काम करने के बाद फिर गाजियाबाद लौट आया। इसके बाद फरवरी, 2026 में हैदराबाद के एक रेस्टोरेंट में काम करने चला गया। उसी रेस्टोरेंट में मेरा चचेरा भाई फैजान सुपरवाइजर है। उसी की सिफारिश पर मुझे 15 हजार रुपए महीने की सैलरी पर वेटर की नौकरी मिली थी। रील बनाने के चक्कर में फंसा जैद खान ने पुलिस को बताया था- मैं सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाता था। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लगातार वीडियो पोस्ट करता था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर आबिद और राणा हुसैन नाम के दो लोगों ने मुझे फॉलो करना शुरू किया। धीरे-धीरे मुझसे संपर्क बढ़ाया। 4 अप्रैल को आबिद के कहने पर मैंने प्रयागराज के ‘छोटा योगी’ नाम के व्यक्ति की लोकेशन शेयर की थी। 10 अप्रैल को मुझसे गाजियाबाद में पाकिस्तानी डॉन आबिद के नाम के एक हजार पोस्टर लगाने को कहा गया। बदले में मुझे एक पिस्टल देने का वादा किया गया था। इसके बाद में मुझे सीएम योगी के पीए और यूपी के कई कैबिनेट मंत्रियों के मोबाइल नंबर जुटाने का टास्क दिया गया। मैंने इंटरनेट के जरिए नंबर निकालकर उन्हें भेज दिए। पुलिस के अनुसार, आबिद ‘जाट मेमोस’ और ‘जाट 333’ जैसे वॉट्सएप ग्रुप से जुड़ा था। वह जैद से हथियार की मांग कर रहा था। फिलहाल तेलंगाना पुलिस जैद के मोबाइल और सोशल मीडिया चैट की जांच कर रही है। जैद को चेरलापल्ली जेल भेजा गया है। ————————– यह खबर भी पढ़ें- यूपी में 50 हजार बेटियों को फ्री स्कूटी मिलेगी, ये पहली बार की वोटर, पेट्रोल मॉडल या EV, ये अभी तय नहीं योगी सरकार यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा दांव खेलने जा रही है। इस साल 50 हजार से ज्यादा मेधावी बेटियों को फ्री स्कूटी देने की तैयारी है। सरकार 2022 विधानसभा चुनाव के वक्त किए गए वादे को पूरा करने जा रही है। इसके लिए 400 करोड़ रुपए का बजट भी तय हो चुका है। पढ़ें पूरी खबर….