हिंदू छात्र की हत्या, असद के एनकाउंटर से पड़ोसी खुश:गाजियाबाद में इमरान बोले- मुसलमानों को बदनाम किया, पुलिस ने ठिकाने लगाया; मां बोली- हत्यारे मारे जाएं

गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से सटा खोड़ा इलाका और सामने दिल्ली बॉर्डर है। करीब 15 लाख की आबादी वाला खोड़ा पिछले 4 दिनों से सांप्रदायिक तनाव में है। बकरीद के दिन, 28 मई को यहां असद ने 4 अन्य लोगों के साथ मिलकर 11वीं के छात्र सूर्या चौहान (17) को चाकू से गोद दिया। छात्र की हत्या के बाद हिंदू संगठनों के करीब 500 कार्यकर्ता पिछले 3 दिन सें माहौल को गरमाए हैं। शनिवार और रविवार को यहां बाजार बंद रहे। सूर्या चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में मारा गया। असद के घर पर ताला लटका है, उसका पिता भी अरेस्ट हो चुका है। दो और आरोपी अरेस्ट हैं, बाकी एक आरोपी फरार है। सूर्या चौहान और असद के घर के बीच में 300 मीटर का फासला है। रविवार को यहां दिनभर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए मौके पर 8 थानों की फोर्स और RRF तैनात है। दैनिक भास्कर की टीम ने मोहल्ले के हालात देखे। असद के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद सूर्या की मां ने बाकी आरोपियों के भी एनकाउंटर की मांग की है। सूर्या और आरोपी असद के पड़ोसियों से बात की, पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… 2 तस्वीरें देखिए- इमरान बोले- असद सही मारा गया, हम खुश हैं आरोपी असद के पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद इमरान ने बताया- हमारे घर के पास ही सूर्या की हत्या की गई। असद का घर बगल की गली में है। मरने वाला यहां का नहीं था, मारने वाले भी यहां के नहीं हैं। एनकाउंटर सही हुआ है। हम पहले दिन से मांग कर रहे थे कि जिस लड़के ने इतना जघन्य काम करके अपराध किया है। उसका एनकाउंटर सही हुआ। बकरीद थी, हमारा फेस्टिवल का दिन था। इसने मुस्लिम समुदाय को बदनाम किया है। पुलिस ने ठिकाने लगा दिया। बकरीद पर हत्या को अंजाम देकर यह मैसेज गया है कि मुसलमान ने घर बुलाकर हिंदू बच्चे का कत्ल कर दिया। इन दोनों का पहले भी विवाद हुआ था। बकरीद का दिन क्यों चुना, यह तो नहीं पता। दोनों लड़के बच्चे थे। इनकी नामसझ थी। पुलिस ने जो किया है और सरकार ने जो किया है, इससे हम बहुत खुश हैं। इकरामुद्दीन बोले- असद ने जैसा किया, उसके साथ भी वैसा हुआ इकरामुद्दीन बोले- मेरे घर से कुछ दूरी पर सूर्या को चाकू मारे। हम उस दिन बकरीद पर अपने घर में कुर्बानी पर लगे थे। हमने घर के बाहर भी पर्दे डाल रखे थे। असद के एनकाउंटर के सवाल पर उन्होंने कहा- सूर्या की मां की मांग थी कि एनकाउंटर हो। इसलिए यह एनकाउंटर सही हुआ। मां ने मांग की थी कि खून का बदला खून होना चाहिए। जैसे असद ने गलत किया था, उसके साथ भी ऐसा ही हुआ। यहां गलत तरह से माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया। एनकाउंटर में मारे गए असद के घर पर ताला लटका एनकाउंटर में मारे जाने के बाद असद के घर पर ताला लटका रहा। खोड़ा के लोकप्रिय विहार में असद का घर 4 मंजिला फ्लैट्स में पहली मंजिल पर है। पास में मस्जिद है। असद के घर तक भीड़ न पहुंच जाए, इसके लिए बीच बीच में बैरियर लगाकर पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगा रखी है। आरोपियों में असद के पिता और एक अन्य गिरफ्तार है। मां बोलीं- सभी हत्यारों का एनकाउंटर हो सूर्या चौहान की हत्या के बाद मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा- बेटे की मौत के बाद आंखों से आंसू भी सूख चुके हैं। बड़ा बेटा यश तो खुद ही बीमार रहता है। छोटे सूर्या को मार दिया गया। इस घटना में असद को तो पुलिस ने मार दिया, तीन को पकड़ लिया। एक फरार है, सभी हत्यारों का पुलिस एनकाउंटर करे। सरकार ने आर्थिक सहायता दी है, नौकरी का आश्वासन दिया है। जैसे मैं घर से बेघर हो गई हूं, वह भी बेघर हो जाए। आज मेरे सिर पर छत नहीं है, योगीजी से यही प्रार्थना है कि सूर्या की हत्या करने वालों के सिर पर भी छत ना बचे। उनके घर बुलडोजर चले। सूर्या को मारने में सभी का बराबर अपराध भाजपा के पूर्व महानगर उपाध्यक्ष चमन सिंह चौहान ने कहा- सूर्या के परिवार को मैं जानता हूं। यह परिवार एटा जिले में भी हमारा पड़ोसी है। योगी मॉडल यहां देखने को मिला है। असद ने यहां दुर्दांत अपराध किया था। सूर्या और असद की 8 महीने पहले कहासुनी हुई। सूर्या हिंदू बच्चा था, इस सूर्या को यह नहीं पता था कि ये मेरे साथ ऐसे कर देंगे। पुलिस ने एनकाउंटर सही किया है। वीडियो फुटेज देखेंगे तो उसमें अन्य लोगों का अपराध भी बराबर है। जिन्होंने चाकू दिया, उसका भी एनकाउंटर होना चाहिए। अंकित त्यागी बोले- सूर्या बहुत अच्छा था सूर्या के घर के सामने अंकित त्यागी का घर है। अंकित ने बताया कि सूर्या के पिता की करीब 18 महीने पहले मौत हो चुकी है। सूर्या का बड़ा भाई यश चौहान मानसिक रूप से बीमार रहता है। घर में सारी जिम्मेदारी सूर्या पर थी। सूर्या का कभी किसी से कोई विवाद नहीं सुना। सूर्या के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। 6 हजार रुपए घर का किराया है। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। दूसरा बेटा बीमार रहता है। यहां माहौल सही नहीं रहता, जो भी इस सूर्या के मर्डर में शामिल हैं, सभी पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करे। रविवार को दूसरे दिन भी बाजार बंद रही रविवार को खोड़ा में मुख्य गेट पर आरआरएफ और पुलिस फोर्स तैनात रही। जहां माहौल को देखते हुए बैरियर लगाकर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित किया। चारों तरफ पुलिस फोर्स फ्लैग मार्च करती रही। दूसरे दिन खोड़ा में दिनभर बाजार बंद रहा। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव और एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना फोर्स के साथ मौजूद रहे। कोई भी दुकान नहीं खुली। जिस गली में सूर्या चौहान का किराए का घर है, वहां सिर्फ भीड़भाड़ रही। इसके अलावा अन्य सभी गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। खोड़ा में 75 प्रतिशत हिंदू आबादी है, जबकि 25 प्रतिशत मुस्लिम हैं। मुस्लिम लोग सिर्फ अपने घरो में रहे। आरोपी फरहान पुलिसवालों से बोला- सूर्या को मारने के लिए मैंने चाकू दिया था गिरफ्तार आरोपी फरहान ने पुलिस की पूछताछ में बताया- मेरी अतीक, सारिक, असद और सूर्या के साथ दोस्ती थी। 28 मई की दोपहर करीब 3 बजे बाइक चलाने को लेकर असद का सूर्या के साथ झगड़ा हो गया था। असद ने ये बात अपने पिता नवाब और मुझे बताई थी। तब हमने सूर्या को सबक सिखाने की योजना बनाई और आधे घंटे बाद साढ़े तीन बजे सूर्य को नवनीत विहार गली नंबर 4 में घेर लिया। मैंने असद को चाकू दिया और असद के पिता ने कहा कि आज इसकी कहानी खत्म कर दे। तभी असद ने सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया। जब सूर्या लहूलुहान होकर गिर पड़ा तो हम सभी उसे मरा समझकर वहां से चले गए थे। सूर्या हत्याकांड पर किसने क्या कहा था, पढ़िए —————————- ये खबर भी पढ़िए- गाजियाबाद में छात्र की हत्या के आरोपी असद का एनकाउंटर: पिता भी गिरफ्तार, बोला था- बकरीद पर सूर्या की कहानी खत्म कर दो गाजियाबाद में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी असद (19) एनकाउंटर में मारा गया। वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। रविवार तड़के 4 बजे पुलिस ने घेरा तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में असद ढेर हो गया। पुलिस ने शनिवार को ही उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ शहर के वसुंधरा इलाके में हुई। पढ़ें पूरी खबर…