आगरा में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा-शंकराचार्यों का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन एक व्यक्ति अहंकार में चूर होकर उनका अपमान कर रहा है। शंकराचार्यों का ऐसा अपमान मुगलों और अंग्रेजों ने भी नहीं किया था। भाजपा में भी अब दो भाजपा हो गई है। एक भाजपा गाय से प्रेम करती है, जबकि दूसरी गाय को माता कहने के लिए भी तैयार नहीं है। एक भाजपा संतों का सम्मान करती है, तो दूसरी संतों का अपमान करती है। हम अच्छी भाजपा को स्वीकार करते हैं और गलत भाजपा का विरोध करते हैं। दरअसल, रविवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्टि यात्रा आगरा पहुंची। यह यात्रा गो-संरक्षण और जनजागरण के उद्देश्य से निकाली जा रही है। राजपुर चुंगी स्थित परशुराम मंदिर पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा- आप लोग ऐसे लोगों को सत्ता में पहुंचाएं, जो गाय को माता का दर्जा दें। अब पढ़िए शंकराचार्य की 4 बड़ी बातें… हम कंधा बदलने के लिए नहीं आए हैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- हम एक सरकार को हटाकर दूसरी सरकार बनाने की बात नहीं कर रहे हैं। हम केवल कंधा बदलने के लिए नहीं आए हैं। हम यह नहीं कह रहे कि पहले नागनाथ थे, अब सांपनाथ को ले आइए। हालांकि, यह संभव है कि स्थापित राजनीतिक दलों में कुछ लोगों का जमीर जाग जाए। आजादी के 78 साल बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका। हमारे साथ छल किया गया है। यदि 78 साल पुराना वादा याद नहीं है, तो अपनी-अपनी पीढ़ी की सरकारों को ही देख लीजिए। केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को ही देख लीजिए। क्या इन्होंने वादे नहीं किए थे? उन वादों का क्या हुआ? गौमाता की पीड़ा को समझने में वे असफल रहे। यदि यह धोखा नहीं है, तो फिर क्या है? मैं लोगों को इसी जालसाजी और ढोंग से सावधान करने आया हूं। शंकराचार्य बोले- मेरी परीक्षा में एकनाथ शिंदे ही पास हुए हैं उन्होंने कहा- देश के सभी नेताओं की परीक्षा होनी है। सबसे पहले वे औपचारिक रूप से गाय को माता कहकर पुकारें। जो सरकार में हैं, वे सरकारी स्तर पर गाय को माता घोषित करके दिखाएं। जो सरकार में नहीं हैं, वे अपनी पार्टी में प्रस्ताव पारित कर शपथपत्र जारी करें और गाय को माता कहकर दिखाएं। हर पार्टी और हर नेता के लिए यही परीक्षा है। जो इस परीक्षा में सफल होगा, उसका नाम हम बताएंगे। अभी तक इस परीक्षा में केवल एक ही नाम पास हुआ है, और वह है महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का। उन्होंने आगे बढ़कर गाय को माता कहा। उनके अलावा अब तक कोई दूसरा नाम हमारे सामने नहीं आया है। सैफई परिवार को पार्टी के तौर पर आशीर्वाद नहीं दिया शंकराचार्य ने कहा- हम पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। हम सैफई भी गए थे। वहां हमारा स्वागत-सत्कार हुआ और हमने उन्हें आशीर्वाद भी दिया। हमने वहीं स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें हमारा भरपूर आशीर्वाद है, लेकिन वह व्यक्तिगत स्तर पर है। पार्टी के स्तर पर आशीर्वाद तभी होगा, जब उनकी पार्टी गाय को माता मानने का प्रस्ताव पारित करेगी। हमारी बात बिल्कुल साफ है। हम किसी के बारे में अनुमान नहीं लगाना चाहते। हम चाहते हैं कि गाय की सेवा करने वाले चेहरे स्पष्ट रूप से सामने आएं। अनुमान लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। अहंकार में चूर होकर कर रहे शंकराचार्यों का अपमान’ उन्होंने कहा- सभी लोग शंकराचार्यों का सम्मान करते हैं, लेकिन एक व्यक्ति अहंकार में चूर होकर शंकराचार्यों का अपमान कर रहा है। शंकराचार्यों का ऐसा अपमान मुगलों और अंग्रेजों ने भी नहीं किया था। यही वह व्यक्ति है, जिसने यह अपराध किया है। जो गलत है, उसे गलत कहना ही पड़ेगा। हम कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं कि सच बात कहने से बचें। हमारी यात्रा किसी के खिलाफ नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि गाय को माता घोषित किया जाए। यदि योगी आदित्यनाथ भी गाय को माता घोषित करते हैं, तो हम उनकी भी प्रशंसा करेंगे। हम माहौल बनाकर उन्हें अवसर दे रहे हैं। उनके साथ-साथ अन्य लोगों को भी अवसर दिया जा रहा है। गाय को माता का देना होगा दर्जा
धाकरान चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी बहानेबाजी नहीं चलेगी। गाय को पशु की सूची से बाहर कर माता का दर्जा देना होगा। यहां भी उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला।
——————————- ये खबर भी पढ़िए- मासूम को बस ने रौंदा, शव पॉलीथीन में ले गए:गाजीपुर में मां-चाची की भी मौत, पिता-बहन बाल-बाल बचे; एक बाइक पर सवार थे यूपी के गाजीपुर में बस ने एक ही परिवार के 3 लोगों को कुचल दिया। हादसे में देवरानी, जेठानी और 4 महीने की मासूम की मौत हो गई। तेज रफ्तार बस ने टर्न लेते समय बाइक को टक्कर मार दी। बस का पहिया दोनों महिलाओं और बच्ची के ऊपर से गुजर गया। बाइक चला रहे प्रतीक गिरी और उसकी डेढ़ साल की बेटी श्रेया बाल-बाल बच गए। पढ़ें पूरी खबर…
धाकरान चौराहा पर आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी बहानेबाजी नहीं चलेगी। गाय को पशु की सूची से बाहर कर माता का दर्जा देना होगा। यहां भी उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला।
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