यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ को सोमवार को बड़ा झटका लगा। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उनसे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की जिम्मेदारी वापस ले ली है। अब एक्सप्रेस-वे के निर्माण और विकास से जुड़ी सभी जिम्मेदारी सीधे सीएम योगी संभालेंगे। इसके लिए यूपीडा को औद्योगिक विकास विभाग से हटाकर बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक विकास विभाग से जोड़ दिया गया है। अभी तक यूपीडा से जुड़ी परियोजनाओं, बजट और मंजूरी से संबंधित फाइलें औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के जरिए आगे बढ़ती थीं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ये फाइलें सीधे मुख्यमंत्री ऑफिस से क्लियर की जाएंगी। सरकार ने क्यों किया बदलाव? सरकार का कहना है कि इससे बुनियादी ढांचा विकास और औद्योगिक विकास से जुड़े विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया भी तेज होगी। परियोजनाओं में अनावश्यक देरी कम होगी। हालांकि, कहा जा रहा है कि सीएम योगी ने तबादला सत्र में उठे विवाद के बाद मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के पर कतरे हैं। सत्ता के गलियारों में इसे नंदी और विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के बीच चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नंद गोपाल गुप्ता नंदी की ओर से यूपीडा में अधिकारियों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति पर सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। यूपीडा के कामकाज को लेकर भी नंदी का दखल था। नंदी ने पिछले दिनों विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की सीएम योगी से शिकायत की थी। यूपीडा के कामकाज को नंदी के दखल से दूर करने के लिए ही उसे अवस्थापना विभाग के अधीन किया है। अवस्थापना विभाग मुख्यमंत्री योगी के पास ही है। नंदी ने पूर्व मुख्य सचिव के खिलाफ भी मोर्चा खोला नंद गोपाल नंदी ने पिछले साल तत्कालीन मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने दिल्ली तक शिकायत कर उन्हें सेवा विस्तार नहीं देने की पैरवी की थी। भारत सरकार ने मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं दिया था। लेकिन, सीएम योगी ने उन्हें ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। 2007 में बना था यूपीडा यूपीडा का गठन 27 दिसंबर, 2007 को राज्य में एक्सप्रेस-वे बनाने और औद्योगिक गलियारों के विकास के लिए किया गया था। बाद के सालों में इसकी भूमिका मुख्य रूप से एक्सप्रेस-वे और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण तक केंद्रित हो गई। इंफ्रास्ट्रक्चर ही है यूपीडा का मुख्य काम सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यूपीडा का मूल काम आधारभूत ढांचे का विकास करना है। एक्सप्रेस-वे, सड़क और अन्य बड़ी परियोजनाएं तैयार होने के बाद ही उद्योगों को बढ़ावा मिलता है। इसी वजह से इसे बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधीन लाने का फैसला किया गया है। परियोजनाओं की निगरानी बेहतर होगी सचिवालय प्रशासन विभाग के आदेश में कहा गया है कि नई व्यवस्था से परियोजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा। साथ ही एक्सप्रेस-वे और अन्य बड़ी परियोजनाओं से जुड़े फैसले पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से लिए जा सकेंगे। नंदी से 5 दिन पहले छिना था बांदा के प्रभारी मंत्री का पद योगी सरकार ने करीब 5 दिन पहले प्रभारी मंत्रियों के जिलों में बड़ा फेरबदल किया था। इस दौरान बांदा जिले के प्रभारी मंत्री भी बदल थे। दिनेश प्रताप सिंह को बांदा जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया था। इसके पहले तक बांदा जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ थे। जिनको हटा दिया गया था। अब जानिए मंत्री नंदी के बारे में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ प्रयागराज की शहर दक्षिणी सीट से भाजपा विधायक हैं। 23 अप्रैल 1974 को प्रयागराज के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे नंदी जमीन से जुड़े सफल कारोबारी भी रहे हैं। उन्होंने 2007 में बसपा के टिकट पर पहला चुनाव इलाहाबाद दक्षिण से जीता था। फिर मायावती सरकार में मंत्री भी बने थे। 2014 में नंदी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए थे। 2017 में नंदी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और विधायक चुने गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से इसी सीट से जीत दर्ज की और योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में शामिल हुए। नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता प्रयागराज की मेयर (महापौर) रह चुकी हैं। 12 जुलाई, 2010 को प्रयागराज में नंदी पर एक रिमोट बम से जानलेवा हमला हुआ था। उस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से वे हर साल 12 जुलाई को अपना ‘पुनर्प्राप्त जन्मदिवस’ मनाते हैं। ————————– यह खबर भी पढ़ें अयोध्या राम मंदिर से 7 करोड़ की चोरी का दावा, अखिलेश बोले- सरकार की चुप्पी संदिग्ध सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है कि अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में करोड़ों रुपए की चोरी की गई है। उन्होंने रविवार दोपहर X पोस्ट लिखकर कहा, सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को खुद इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। अखिलेश के आरोपों पर चंपत राय ने सफाई दी है। पूरी खबर पढ़िए…