अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिशन टीम यानी SIT ने जांच रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों से इस बात की जानकारी पता चली है। वहीं, SIT आज फिर जांच के लिए अयोध्या पहुंच सकती है। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान SIT टीम को दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिलीं। SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया। इनमें चंपत राय के करीबी माने जाने वाले फूलकांत मिश्रा भी शामिल हैं। उनके पास 3 लग्जरी कारें हैं, जिनकी कुल कीमत 25 लाख है। SIT की जांच रिपोर्ट पीएमओ भेजी गई SIT ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें FIR दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। किसी सीनियर अफसर को मंदिर का CEO नियुक्त करने का भी सुझाव है। टीम ने बताया कि 20 पन्नों की यह शुरुआती रिपोर्ट है। इसमें 150 लोगों से पूछताछ की डिटेल है। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की भी सिफारिश की है। चढ़ावे में अनियमितता रोकने के लिए सुझाव दिए हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार की तरफ से रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को मिल गई है। पीएमओ तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को रखा जाए या हटाया जाए। शेषावतार मंदिर का ध्वजारोहण हुआ, अनिल मिश्रा ने संतों का स्वागत किया इधर, मंगलवार देर शाम राम मंदिर परिसर में शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। 11 संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वज पूजन कराया। डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने साधु-संतों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन चंपत राय ने किया। कार्यक्रम में 4 हजार लोग शामिल हुए। इसमें दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य भी पहुंचने वाले थे, लेकिन लखनऊ अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत के बाद दोनों ने दौरा रद्द कर दिया। कैसे खुली राम मंदिर चोरी की पोल सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में सालों से गबन हो रहा था। सेवादारों को मंदिर में हो रहे गबन की जानकारी थी। इसमें बड़े लोगों के नाम होने के कारण वे कुछ बोल नहीं पा रहे थे। पिछले 2 सालों में टिन्नू का दबदबा बढ़ा तो मंदिर में काम करने वाले एक गुट को यह चुभने लगा। इस गुट ने उसके खिलाफ प्लानिंग बनाई। उससे करीबी बढ़ाई। सभी तथ्य पता कर इसकी जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी। इसके बाद मंदिर में चढ़ावा चोरी की पोल खुल गई। अब तक 2 करोड़ की रिकवरी, 200 करोड़ चोरी का अनुमान राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है। इसके अलावा, चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था ………………………………………. यह खबर भी पढ़ें राम मंदिर चढ़ावे की गिनती में 3 बड़े बदलाव: चंपत राय अब फैसले नहीं ले रहे; चढ़ावा चोरी रिपोर्ट PMO को भेजी अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में हुई हेर-फेर की जांच अब आखिरी मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच पूरी कर ली है। यहां पढ़ें पूरी खबर