‘लड़की को कुछ मत कहना, वह बहुत प्यारी है’:लिखकर जूनियर डॉक्टर ने किया सुसाइड, BHU से पढ़ाई कर रहा था

वाराणसी में जूनियर डॉक्टर ऋत्विव कुंडू (26) ने सुसाइड कर लिया। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सुश्रुत छात्रावास में रविवार रात 10 बजे ऋत्विव ने दवा की ओवरडोज ले ली। सीनियर छात्रों ने फोन किया तो जवाब नहीं मिला। चिंता हुई तो वह ऋत्विव के कमरे पर पहुंचे। आवाज देने पर जवाब नहीं मिला तो प्राक्टोरियल ऑफिस और पुलिस को बुलाया। दरवाजा खोला गया तो ऋत्विव फर्श पर पड़ा मिला। उसके हाथ में दवा की ड्रिप लगी थी। पुलिस ने कमरे की छानबीन की तो 3 पेज का सुसाइड नोट मिला। फॉरेंसिक टीम ने भी सबूत जुटाए। सुसाइड नोट में लिखा था- मैं अपने घरवालों की आंखों का तारा था। शायद बहुत से लोग मेरी तरह जीवन में हार नहीं मानेंगे। लेकिन, मैं हार मान रहा हूं। मैं उन सभी से माफी मांगता हूं। जिनका मैंने दिल दुखाया है। उस लड़की को दोष न दिया जाए। वह बहुत अच्छी है। मुझे बहुत प्यार दिया। वह पहुत प्यारी है। मेरे लिए बहुत कुछ किया। उसका ख्याल रखें। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मौत की वजह एनेस्थीसिया की दवा का ओवरडोज लग रहा है। सही वजह पोस्टमॉर्टम के बाद पता चल पाएगी। ऋत्विव एनेस्थीसिया विभाग में तैनात थे। एमडी फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा था। पश्चिम बंगाल के हुगली का रहने वाला था। घटना लंका थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए- सुसाइड नोट में क्या लिखा? पढ़िए ऋत्विव ने लिखा- मेरे माता-पिता का भी ध्यान रखना। मैं उनकी सबसे बड़ी उम्मीद था। लेकिन, मैं खरा नहीं उतर सका। जीवन चलता रहता है। शायद यह खबर मेरी मां को तोड़ देगी। वह मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करती हैं। मेरे पिता और बहन का भी ख्याल रखना। मैं उन सबकी आंखों का तारा था। जब मैं यह लिख रहा हूं, तब मुझे नहीं पता कि मुझे अपना फैसला बदल देना चाहिए या नहीं। शायद मैं मरना नहीं चाहता, लेकिन फिर भी मैं यही करूंगा। मैं शायद सबसे स्वार्थी व्यक्ति हूं। इस धरती पर रहने के लायक नहीं हूं। हो सकता है कि मेरे जैसे लोग केवल दूसरों को दुख पहुंचाने के लिए ही पैदा होते हैं। मां, बाबा और दीदी, मुझे माफ कर देना। काश, आखिरी बार आपकी आवाज सुन पाता। सब लोग अपना ख्याल रखना। मैं पूरी जिंदगी मैं वास्तविकता से भागता रहा। आज हमेशा के लिए भाग रहा हूं। इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं है। मुझे अब समझ में आ गया है कि मैं कभी वह जीवन नहीं जी पाऊंगा। जिसका मैंने सपना देखा था। हम सभी एक पूरी तरह खुशहाल जीवन का सपना देखते हैं। लेकिन, शायद ऐसा किसी के लिए संभव नहीं होता। जीवन बहुत छोटा है। इसे दूसरों के दुख पर हंसते हुए और छोटा मत बनाइए। हर किसी के प्रति दयालु रहें और जो कुछ आपके पास है, उसके लिए आभारी रहें। दुनिया, अलविदा। रविवार दोपहर फोन पर पिता से बात की थी बेटे की मौत की जानकारी मिलने के बाद सोमवार सुबह करीब 11 बजे ऋत्विव के पिता दीपक काशी पहुंचे। उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर को बेटे ने फोन किया था। उससे बात हुई थी। सभी घर वालों के हालचाल पूछा। फिर उसने कहा था कि अब मैं खाना खाने जा रहा हूं। मैंने पूछा कि तुम कैसे हो? तो मेरे बेटे ने कहा कि मैं ठीक हूं। यहां सबकुछ ठीक है। उसके बाद कोई कॉल नहीं आया। फिर रात में बीएचयू प्रशासन का फोन कॉल आया। दीपक SBI में बैंक मैनेजर थे। अब रिटायर हो चुके हैं और घर पर ही रहते हैं। आसपास के कमरों में रहने वाले छात्रों से पूछताछ लंका थाना प्रभारी राजकुमार वर्मा ने बताया- प्राक्टोरियल बोर्ड की तरफ से सूचना मिलने पर नगवां चौकी के प्रभारी को मौके पर भेजा गया। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखी बातों की जांच की जाएगी। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई हैं। आसपास के कमरों में रहने वाले छात्रों से पूछताछ की गई है। ———————– ये खबर भी पढ़िए- इस्तीफे के तीसरे दिन चंपत राय दिल्ली गए:संघ राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट बना रहा; नए सिरे से बनेगा ट्रस्ट चंपत राय रविवार शाम अयोध्या से दिल्ली रवाना हो गए। वह दोपहर तीन बजे तक राम मंदिर में ही थे। सूत्रों का कहना है कि चंपत राय अब 11 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में शामिल हो सकते हैं। उसी दिन उनके इस्तीफे पर विचार होना है। उधर, राष्ट्रीय स्वयं संघ (RSS) भी चढ़ावा चोरी के मामले पर नजर बनाए हुए है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर पूर्वी यूपी के क्ष्रेत्र प्रचारक अनिलजी अयोध्या पहुंचे हैं। वे साधु-संतों, महंतों और मंदिर से जुड़े लोगों से लगातार मिलकर बात कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर