जब आप IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल एप से ट्रेन टिकट बुक करते हैं, तो पेमेंट पेज पर जाने से पहले एक छोटा सा चेकबॉक्स आता है- क्या आप 45 पैसे में 10 लाख रुपए का ट्रैवल इंश्योरेंस लेना चाहते हैं? ज्यादातर लोग बिना सोचे-समझे टिक कर देते हैं, क्योंकि 45 पैसे में 10 लाख का बीमा बेहद सस्ता सौदा लगता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सिर्फ टिकट बुक करते समय ‘हां’ भर देने से आपके परिवार को इस बीमा का फायदा नहीं मिलेगा? नए नियम के मुताबिक, नॉमिनी का नाम और पहचान के लिए एक सरकारी डॉक्यूमेंट की डिटेल देनी जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर बीमा का फायदा नहीं मिलेगा। ट्रेन के अलावा अब फ्लाइट, बस और ओला-उबर जैसे ऑनलाइन कैब बुकिंग सेवाएं भी एक्सीडेंटल कवर देने लगी हैं। रिपोर्ट पढ़िए… ट्रेन टिकट बुकिंग में 90% यात्री करते हैं गलती ₹10 लाख वाला क्लेम केवल उन्हीं यात्रियों को मिलता है, जिन्होंने IRCTC वेबसाइट या ऐप से ऑनलाइन टिकट बुक करते समय ‘Travel Insurance’ के बॉक्स पर टिक लगाया हो। काउंटर (विंडो) से ली गई टिकटों पर यह बीमा लागू नहीं होता। टिकट बुक करते समय जब आप ट्रैवल इंश्योरेंस के ऑप्शन पर टिक करते हैं, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर बीमा कंपनी की ओर से एक लिंक और पॉलिसी नंबर भेजा जाता है। इस लिंक को खोलकर नॉमिनी का नाम, उम्र और रिश्ता दर्ज करना होता है। अगर लिंक न मिले, तो आप IRCTC ऐप या वेबसाइट में ‘Booked Ticket History’ में जाकर भी नॉमिनी की डिटेल अपडेट कर सकते हैं। अगर यात्रा के दौरान कोई अनहोनी हो जाती है और नॉमिनी की डिटेल खाली है, तो बीमा कंपनी सीधे क्लेम नहीं देती। नॉमिनी को ‘सक्सेशन सर्टिफिकेट’ (उत्तराधिकार प्रमाणपत्र) के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। ये जान लें कि बड़े ट्रेन हादसों के तुरंत बाद रेल मंत्री या सरकार जो तत्काल ₹10 लाख या ₹5 लाख की सहायता राशि घोषित करती है, वह अनुग्रह राशि होती है। यह इस इंश्योरेंस और सामान्य मुआवजे से बिल्कुल अलग होती है। फ्लाइट बुकिंग में ₹50 लाख तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर जब आप MakeMyTrip, EaseMyTrip, IRCTC Air या सीधे एयरलाइंस की वेबसाइट से फ्लाइट टिकट बुक करते हैं, तो वहां भी आपको ‘डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस’ का ऑप्शन मिलता है। टिकट बुक करने के बाद इंश्योरेंस पार्टनर के पोर्टल पर जाकर नॉमिनी डिटेल अपडेट करना जरूरी है। वरना क्लेम सेटलमेंट में परेशानी आ सकती है। फ्लाइट टिकट में इंश्योरेंस का प्रीमियम आमतौर पर ₹149 से ₹399 प्रति यात्री के बीच होता है। इसमें हवाई दुर्घटना में मौत या पूर्ण दिव्यांग होने पर ₹20 लाख से ₹50 लाख तक का पर्सनल एक्सीडेंट कवर मिलता है। सिर्फ दुर्घटना ही नहीं, फ्लाइट मिस होने पर ₹7,500 से ₹10,000, सामान खो जाने पर या मेडिकल इमरजेंसी के कारण ट्रिप कैंसिल होने पर भी रिफंड और रीइंबर्समेंट की सुविधा मिलती है। बस बुकिंग में मिलता है ₹7.5 लाख तक का एक्सीडेंटल कवर अगर आप RedBus, AbhiBus या किसी अन्य ऑनलाइन ऐप से प्राइवेट या सरकारी बसों की टिकट बुक कर रहे हैं, तो वहां भी एक्सीडेंटल इंश्योरेंस का ऑप्शन मिलता है। यह इंश्योरेंस Acko, Tune Protect जैसी कंपनियां देती हैं। बुकिंग के समय यह प्रीमियम ₹10 से ₹25 प्रति सीट के बीच होता है। बस का एक्सीडेंट होने पर मौत या दिव्यांगता की स्थिति (कंडिशन) में ₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक का एक्सीडेंटल कवर मिलता है। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने पर ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का खर्च और सामान की चोरी या बस कैंसिल (रद्द) होने पर भी कुछ निश्चित मुआवजा दिया जाता है। सरकारी बस में सफर करने पर मिलता है ₹1 लाख तक बीमा कवर अगर आप यूपी रोडवेज समेत किसी सरकारी बस में सफर करते हैं, तो आपके टिकट में दुर्घटना बीमा का लाभ पहले से शामिल होता है। इसके लिए अलग से प्रीमियम देने या कोई बॉक्स टिक करने की जरूरत नहीं पड़ती। टिकट किराए में ही ₹1 से ₹2 प्रति यात्री के हिसाब से बीमा प्रीमियम शामिल होता है। यूपी रोडवेज में दुर्घटना के दौरान यात्री की मौत होने पर आश्रितों को ₹5 लाख तक मुआवजा मिल सकता है। गंभीर चोट लगने पर ₹50 हजार से ₹1 लाख तक और मामूली चोट पर ₹10 हजार तक सहायता का प्रावधान है। क्लेम के लिए DM ऑफिस या परिवहन निगम के नजदीकी ऑफिस में टिकट, FIR और चिकित्सीय दस्तावेज (मेडिकल डॉक्यूमेंट) जमा करना होता है। ओला-उबर पर भी मिलता है सुरक्षा कवच आजकल ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप्स से कैब या बाइक बुक करते समय यात्रियों को बेहद कम कीमत में इंश्योरेंस का ऑप्शन भी मिलता है। ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ₹1 से ₹5 के छोटे से प्रीमियम पर ₹1 लाख तक का सुरक्षा कवर मिल सकता है। ओला में राइड के प्रकार के अनुसार ₹1 से ₹49 तक प्रीमियम लगता है। इसमें एक्सीडेंट में मौत या दिव्यांगता पर ₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक का कवर मिलता है। उबर अपने यात्रियों (पैसेंजर्स) को करीब ₹3 प्रति ट्रिप में एक्सीडेंटल बीमा देता है। हादसे में मौत होने पर ₹10 लाख तक, अस्पताल खर्च के लिए ₹2 लाख तक का मुआवजा मिल सकता है। वहीं रैपिडो में 50 पैसे से ₹1 तक के प्रीमियम पर ₹5 लाख तक का एक्सीडेंटल कवर मिलता है। इसमें अस्पताल खर्च और कुछ मामलों में नुकसान की भरपाई भी शामिल होती है। इसलिए राइड बुक करते समय इंश्योरेंस ऑप्शन को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। ———————- ये खबर भी पढ़ें – योगी के ‘जनता दर्शन’ में कैसे पहुंचें, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए ‘जनता दर्शन’ लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। पढ़िए पूरी खबर… UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन, युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। यहां पढ़ें पूरी खबर