चंपत राय को क्लीन चिट, अनिल मिश्रा मुख्य आरोपी?:5 संकेत, जो राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का अंजाम बता रहे

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अचानक मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पक्ष में माहौल बनता दिख रहा है, जबकि आरोपों का पूरा ठीकरा पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर फूट सकता है। संकेतों और एक्सपर्ट्स से जानेंगे पूरी कहानी, यूपी एक्सप्लेनर में… सवाल 1: चंपत राय को क्लीन चिट मिलने के कौन से संकेत मिल रहे हैं? जवाब: 5 बड़े संकेत मिलते हैं… संकेत- 1: ट्रस्ट से विहिप तक, सब चंपत की तरफदारी में उतरे संकेत- 2: जिन चीजों के चोरी होने के आरोप थे, वो सामने आईं संकेत- 3: बैठक के बाद चंपत राय ने SIT को चिट्ठी लिखी संकेत-4: SIT की शुरुआती रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं संकेत- 5: चंपत राय ने 1 महीने बाद अपना पक्ष रखा सवाल 2: क्या डॉ. अनिल मिश्रा को आरोपी बनाया जा सकता है? जवाब: हां, इसके भी 5 संकेत मिल रहे हैं… संकेत- 1: ट्रस्ट ने अनिल मिश्रा को संदिग्ध माना संकेत- 2: कोषाध्यक्ष बोले- छिपे दोषी पकड़े जाएं संकेत- 3: SIT रिपोर्ट में अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप संकेत- 4: 40% कमीशन लेने का आरोप संकेत- 5: ट्रस्ट का कोई भी सदस्य अनिल मिश्रा के साथ नहीं सवाल 3: SIT की शुरुआती रिपोर्ट के लिहाज से अनिल मिश्रा पर क्या आरोप बनते हैं? जवाब: SIT की शुरुआती रिपोर्ट के हिसाब से अनिल मिश्रा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 और 316 के तहत आरोप बन सकते हैं। इसमें संबंधित धाराओं में 10 साल की कैद व जुर्माना और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। उन्हें आरोपी बनाने के लिए अलग से FIR दर्ज नहीं होगी। अगर SIT अपनी फाइनल रिपोर्ट में अनिल मिश्रा को आरोपी बनाने की सिफारिश करती है, तो मौजूदा FIR (25 जून को दर्ज) में ही उनका नाम जोड़ दिया जाएगा। पुलिस जांच पूरी होने पर मिश्रा के खिलाफ मिले सबूतों के आधार पर चार्जशीट में उनका नाम सीधे शामिल कर दिया जाएगा। सवाल 4: क्या चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया जाएगा? जवाब: यह पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता। SIT जमीन खरीद समेत कई आरोपों की जांच कर रही है। इसमें कई ऐसे पहलू हैं, जिसमें चंपत राय अब भी घिर सकते हैं… सवाल 5: अगर क्लीन चिट मिली, तो क्या मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय की वापसी हो सकती है? जवाब: अगर ऐसा होता है तो हैरानी की कोई बात नहीं होगी। वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान बताते हैं कि इस संभावना को 3 वजहों से ताकत मिलती दिख रही है… ———————————————— ये खबर भी पढ़ें… राम मंदिर में अभी भी चंपत राय सबसे पावरफुल: खास लोग 1800 करोड़ वाले खाते संभाल रहे, VIP दर्शन कराने का ठेका ले रहे राम मंदिर परिसर में चंपत राय की हुकूमत अब भी बरकरार है। ट्रस्ट से बाहर होने के बाद भी VIP पास बांटने में चंपत राय का ही सिक्का चल रहा है। मंदिर के 1800 करोड़ का फंड जिन बैंक अकाउंट में है, उन्हें भी उनके खास लोग संभाल रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…