कानपुर में सुसाइड करने वाले प्रेमी-प्रेमिका महीनेभर पहले भागे थे:युवक ने रील बनाई- मरने जा रहा; महिला पति से फोन पर बोली- मैंने जहर खा लिया

कानपुर में होटल में प्रेमी-प्रेमिका के सुसाइड मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उन्नाव की महिला और फतेहपुर का युवक घर से ही जान देने का इरादा बनाकर निकले थे। होटल पहुंचने से पहले युवक ने इंस्टाग्राम पर रील बनाई। जिसमें बोला था- मैं अपने दर्द की किताब लिखूं तो लोग इश्क से डर जाएंगे…। साथ में लिखा- मैं मरने जा रहा हूं। उधर, महिला ने अपने पति को फोन कर कहा- मैंने जहर खा लिया है, अब बच्चों के साथ मजे से रहना… और कॉल कट कर दी। जांच में ये भी सामने आया कि करीब एक महीने पहले दोनों परिवार छोड़कर गुजरात भाग गए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें बरामद कर परिजनों के हवाले किया था। परिवार और पुलिस की सख्ती के बावजूद दोनों फिर संपर्क में आए और साथ जीने की राह बंद होने पर साथ मरने का फैसला कर लिया। कॉल डिटेल, सोशल मीडिया पोस्ट और चैट के आधार पर पुलिस इसे पहले से बनाई गई सुसाइड की योजना मानकर पूरे मामले की जांच कर रही है। रविवार शाम करीब 4 बजे दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। घरवालों के विरोध पर 9 जून को प्रेमी के साथ भागी थी शिवांगी शनिवार को कानपुर के घंटाघर स्थित होटल सूर्या में पुलिस को प्रेमी-प्रेमिका के शव मिले। पहचान उन्नाव की शिवांगी (33) और फतेहपुर के युवक दिग्विजय (35) के रूप में हुई। उन्नाव के मगरवारा निवासी धीरू तिवारी गुजरात में ट्रैवेल्स का काम करते हैं। घर में पत्नी शिवांगी और 7 साल की बेटी, 9 साल का बेटा है। धीरू ने बताया कि उसकी जिंदगी बहुत अच्छी चल रही थी, लेकिन एक साल पहले उसकी पत्नी शिवांगी की फेसबुक के जरिए फतेहपुर के राधा नगर निवासी दिग्विजय से दोस्ती हो गई। उसके गुजरात में रहने का फायदा उठाकर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और परिवार में मामले की जानकारी हुई तो पति ने इसका विरोध भी किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कलह बढ़ी तो 9 जून 2026 को शिवांगी पति और बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी दिग्विजय के साथ घर से भाग निकली। शिवांगी के पति धीरू तिवारी और भाई हिमांशु शुक्ला ने शिवांगी की कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को गुजरात से बरामद कर लिया। दोनों को इस शर्त पर छोड़ा गया कि अब दोनों आपस में कोई संबंध नहीं रखेंगे। यहां तक कि दोनों के थाने में ही सिमकार्ड तोड़ दिए गए और दोनों नया मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने लगे, लेकिन एक महीने के भीतर ही फिर से बातचीत शुरू हुई। दोनों ने बंदिशों के चलते मरने का फैसला लिया। होटल के कमरे में एक साथ तीन घंटे बिताने के बाद शनिवार दोपहर को सुसाइड कर लिया था। शिवांगी ने पति को कॉल कर कहा- मैंने जहर खा लिया, अब मजे से रहना ACP कलक्टरगंज आनंद कुमार ओझा ने बताया- फतेहपुर के राधा नगर निवासी दिग्विजय और उन्नाव के मगरवारा निवासी शिवांगी शनिवार दोपहर 12:30 बजे होटल में चेकइन किया था। दोनों कमरा नंबर 106 में ठहरे थे। शाम 4 बजे रूम से शिवांगी की चीख सुनाई पड़ी, वह चीख-चीख कर बोल रही थी कि कोई पानी तो पिला दे। कमरे से जहर की पुड़िया भी बरामद हुई। पति धीरू ने बताया कि शिवांगी ने जहर खाने के बाद उसे कॉल किया और बोली कि मैंने जहर खा लिया है। अब बच्चों के साथ मजे से रहना…। इसके बाद कॉल कट हो गई। धीरू ने मामले की जानकारी उन्नाव पुलिस को दी। उन्नाव पुलिस ने लोकेशन के आधार पर कानपुर की कलक्टरगंज पुलिस से संपर्क किया और दोनों के सुसाइड की जानकारी मिली। पोस्टमॉर्टम हाउस पर रविवार शाम दोनों के परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि शिवांगी की शादी को करीब 13 साल हो गए और दो बच्चे हैं। दिग्विजय के भी पत्नी बच्चे हैं, लेकिन दोनों की इस कदर बुद्धि खराब हुई कि दोनों पहले पति-पत्नी और बच्चों को छोड़कर भागे। जब पुलिस और परिवार के लोगों ने सख्ती की तो दोनों ने एक साथ मरने का फैसला लिया। दोनों के इंस्टाग्राम अकाउंट और कॉल डिटेल, चैटिंग से साफ हुआ है कि दोनों ने पहले सुसाइड का प्लान किया और फिर होटल में पहुंचे और करीब तीन से चार घंटे एक साथ बिताने के बाद जहर खाकर जान दे दी। मैं अपने दर्द की किताब लिखूं तो लोग इश्क से डर जाएंगे… ACP कलक्टरगंज ने बताया कि दिग्विजय ने मौत से पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फतेहरपुर स्टेशन से एक सॉन्ग के साथ रील अपलोड की। इसमें मैं अपने दर्द कि किताब लिखूं तो लोग इश्क से डर जाएंगे…गाना है। इसके साथ ही लिखा था कि मैं मरने जा रहा हूं। इस वीडियो के अपलोड करने के चंद घंटे बाद ही दिग्विजय और शिवांगी ने सुसाइड कर लिया। इतना ही नहीं दिग्विजय ने सुसाइड के पहले रोते हुए दर्द भरे कई वीडियो भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए थे। लॉ करने के बाद प्रैक्टिस कर रही थी शिवांगी, सुसाइड की धमकी से डरी दिग्विजय रेलवे में कोच अटेंडेंट था। शिवांगी के भाई ने बताया कि लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह उन्नाव कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थी। लेकिन इस दौरान वह पता नहीं कैसे दिग्विजय के संपर्क में आ गई और दोनों के बीच नजदीकियां इस कदर बढ़ गईं कि समाज की लोकलाज और मर्यादा को ताक पर रखकर पहले तो दोनों घर से भाग निकले। पुलिस ने बरामद किया तो शिवांगी मान गई, लेकिन दिग्विजय पर आरोप लगाया कि वह लगातार धमकी दे रहा था कि अगर मुझसे अलग हुई तो मैं सुसाइड कर लूंगा। जब दोनों के साथ रहने का मामला नहीं बन सका तो उसने मेरी बहन को भी गुमराह करके उसे जहर खिलाया और खुद भी जहर खाकर सुसाइड कर लिया। ————————— ये खबर भी पढ़िए- 17 साल के NDA-कैडेट की मौत, पिता बोले-सब छिन गया: उन्नाव में अंतिम संस्कार, गार्ड ऑफ ऑनर दिया; ट्रेनिंग में तबीयत बिगड़ी थी उन्नाव में 17 साल के NDA कैडेट का रविवार दोपहर 11.30 बजे पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हवाई फायरिंग के साथ गार्ड ऑफ ऑनर के बीच अंतिम विदाई दी गई। मिश्रा कॉलोनी मुक्तिधाम घाट पर मुखाग्नि देते वक्त पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े। पढ़ें पूरी खबर…