जौहर यूनिवर्सिटी में 2 मस्जिदों पर बुलडोजर चलेगा:आजम ने कहा था- हमें नहीं पता कौन बना गया; स्टाफ बोला- अब स्टूडेंट नहीं आते

पूर्व मंत्री और सपा नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवन अवैध घोषित किए गए हैं। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने बुलडोजर चलाने से पहले यूनिवर्सिटी को 15 दिन का समय दिया है। इस दौरान सामने आया कि कैंपस के अंदर 2 मस्जिदें भी हैं, जिन्हें ढहाया जाना है। रामपुर प्रशासन से जुड़े सूत्र कहते हैं- जांच के दौरान इन मस्जिदों के बारे में जौहर अली ट्रस्ट से पूछा गया था। इसके जवाब में आजम खान ने कहा था- मुझे मालूम नहीं, ये मस्जिदें किसने तामीर (बनवाई) कराई हैं…। रामपुर डीएम के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद 16 जुलाई (गुरुवार) को चुनिंदा छात्र ही यूनिवर्सिटी पहुंचे। दोपहर करीब 3 बजे तक पूरे कैंपस में सन्नाटा पसर चुका था। आजम की पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा दोपहर 2 बजे जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं। यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिसवाले तैनात थे। तंजीन फातिमा ने नाराज होकर उन्हें बाहर करवा दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… आजम ने कहा था- यहां फैकल्टी-स्टूडेंट इबादत करते हैं… मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर अलग-अलग बिल्डिंग बनाने के लिए फंड कहां-कहां से आया, रामपुर प्रशासन इसकी भी जांच कर रहा है। कैंपस में 2 मस्जिदें बनाई गई हैं। इनमें से एक डिपार्टमेंट ऑफ इस्लामिक स्टडीज के सामने बनी उमर मस्जिद है। यह काफी बड़े एरिया में फैली है। दूसरी मस्जिद एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के पास तैयार की गई है। इसकी इमारत भी दूर से दिखती है। रामपुर विकास प्राधिकरण का कहना है कि इन मस्जिदों को भी बनाने के लिए हमारी अनुमति नहीं ली गई थी। 2019 में जौहर अली ट्रस्ट से पूछा गया था कि दोनों मस्जिदों के स्ट्रक्चर बिना अनुमति कैसे बने? इनको बनाने के लिए फंड कहां से आया? इसके जवाब में आजम खान ने कहा था कि लोग आए और मस्जिद बनाकर चले गए। अब यहां फैकल्टी और स्टूडेंट इबादत करते हैं। इन्हें बनाने के लिए रकम कहां से आई और किसने लगाई, हमें नहीं मालूम। इस बयान के बाद आजम खान ने मस्जिदों के निर्माण से पल्ला झाड़ लिया था। लेकिन, मस्जिदों को बनाने में लगे फंड की जांच अभी भी चल रही है। फैकल्टी मेंबर बोले- आजम के जेल जाने के बाद 1 हजार बच्चे बचे हमारी टीम यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर पहुंची। इसे अनुशासन कहें या आजम के परिवार का खौफ। कैंपस में मौजूद बच्चों से लेकर फैकल्टी तक, कोई भी कैमरे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। अलबत्ता एक फैकल्टी मेंबर ने ऑफ द रिकॉर्ड बताया कि एक वक्त था, जब जौहर यूनिवर्सिटी में 5000 से भी ज्यादा स्टूडेंट थे। लेकिन, आजम खान के जेल जाने के बाद अब यह संख्या घटकर महज 1000-1200 रह गई है। बीते दिन प्रशासन के बुलडोजर चलाने के आदेश के बाद रूटीन में आने वाले छात्रों की संख्या भी गिरी है। छात्रा बोलीं- चाहती हूं, सरकार नए कोर्स लाए, फैकल्टी मजबूत करे हमारी मुलाकात छात्रा सिदरुल निशा से हुई। हमने पूछा- आपने सुना होगा, 38 भवन टूटने का आदेश हो गया है, कैसा लग रहा? वह कहती हैं- मैंने 2026 में बीएससी पास किया है। यहां का माहौल बहुत अच्छा रहा है। बहुत अच्छी पढ़ाई होती है। अब मैं एमएससी एग्रीकल्चर में एडमिशन लेने के लिए आई हूं। आजम खान ने बहुत अच्छी संस्था खोली थी, जिससे जो गर्ल्स हैं वो अच्छे से पढ़ सकें। अपने जिले का नाम रोशन कर सकें। जो कार्रवाई हो रही है, वो गलत लग रही है। मैं चाहती हूं कि सरकार नए कोर्स लाए और फैकल्टी को भी मजबूत करे। DM रामपुर अजय कुमार द्विवेदी की तरफ से नोटिस जारी हुआ था। मोहलत और कार्रवाई को लेकर उन्होंने हमारे सवालों के जवाब दिए… सवाल. जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया था, समय पूरा हो गया। क्या कार्रवाई करेंगे? जवाब. जौहर यूनिवर्सिटी के भवन का निर्माण ग्राम सींगन खेड़ा में हुआ है। यह रामपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में आता है। यूनिवर्सिटी में 40 भवनों का निर्माण किया था। इसमें सिर्फ दो ही भवन का मानचित्र स्वीकृत है। बाकी 38 बिना इजाजत के बने हैं। उनको नोटिस दिया गया था। उन्होंने लिखित जवाब पेश किया है। इसके साथ ही आज सुबह व्यक्तिगत सुनवाई का भी मौका दिया गया था। सवाल. कहा जा रहा है, जब जौहर यूनिवर्सिटी बनी तो आरडीए के क्षेत्र में नहीं आती थी? जवाब. देखिए, ये 2024 के बाद से आरडीए के क्षेत्राधिकार में आया है। उससे पहले वहां पर जिला पंचायत थी। ये क्लियर है कि दो भवन का मानचित्र उन्होंने जिला पंचायत से स्वीकृत कराया है। ये साफ है कि उन्हें नियम की पूरी जानकारी थी। लेकिन, इसके साथ ही 38 भवन के मानचित्र की स्वीकृति नहीं ली। सवाल. जो आदेश पारित किया है, ये कार्रवाई कब तक होगी? जवाब. देखिए, आदेश पारित करने के बाद नियमानुसार 15 दिन का समय संस्था को दिया जाता है। इस अवैध निर्माण को वे स्वयं हटा लें। ऐसा नहीं होने पर आरडीए द्वारा कार्रवाई की जाएगी। रातोंरात गेट पर लगा बोर्ड, ये आम रास्ता है… 16 जुलाई (गुरुवार) को यूनिवर्सिटी के गेट के ठीक सामने प्रशासन का बोर्ड लग गया। इस पर मोटे अक्षरों में लिखा है- यह आम रास्ता है। इस बोर्ड के पास ही पुलिस की एक टीम भी तैनात है। हालांकि, यूनिवर्सिटी को जाने वाली सड़क पर अभी भी बड़ा सा गेट है और ये गेट बंद है। इसके दरवाजे पर आजम के गार्ड तैनात हैं। जिनकी परमिशन के बगैर कोई अंदर जाना, तो दूर झांक भी नहीं सकता। दरअसल ये बोर्ड पीडब्ल्यूडी की ओर से ये कहते हुए लगवाया गया है कि यूनिवर्सिटी के अंदर की सड़क सरकारी है। उसे सरकार के खजाने से पीडब्ल्यूडी ने बनवाया था। इसलिए यूनिवर्सिटी इस रास्ते को बंद नहीं कर सकती। हालांकि, करीब 2 किमी लंबी इस सड़क के दूसरे छोर पर एक बड़ा-सा गेट परमानेंट लॉक है। इसे तोड़े बगैर मुख्य द्वार पर आम रास्ते का बोर्ड लगा देने भर से कुछ बदलने वाला नहीं है, क्योंकि सड़क को दूसरे छोर पर यूनिवर्सिटी ने ब्लॉक कर रखा है। 16 जुलाई को इस गेट को तोड़े जाने के कयास थे, लेकिन रामपुर प्रशासन ने फिलहाल बुलडोजर नहीं भेजा। तंजीन फातिमा बोलीं- हमें कुछ नहीं कहना यूनिवर्सिटी के गेट पर पुलिस की तैनाती की सूचना पर 16 जुलाई को आजम की पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा यूनिवर्सिटी पहुंचीं। उन्होंने गेट पर तैनात पुलिस वालों से पूछा कि आप किसके आदेश से यूनिवर्सिटी गेट पर आए हैं? पुलिसकर्मियों ने कहा कि अधिकारियों के आदेश पर आए हैं। इस पर डॉ. तंजीन ने कहा कि पुलिस नहीं, यूनिवर्सिटी का आदेश दिखाइए। इस पर पुलिसकर्मी चुप हो गए। डॉ. तंजीन ने पुलिसवालों से कहा कि आप बाहर जाइए। इसके बाद मीडिया के सवाल पर तंजीन बोलीं- जो हो रहा है, वो आप सबको पता है। हमारे पास अभी 15 दिन का वक्त है। क्या आप कोर्ट जाएंगी? इस सवाल पर तंजीन ने कहा अभी कुछ नहीं कह सकते। ————————- ये खबर भी पढ़ें – आजम की पत्नी ने जौहर यूनिवर्सिटी से पुलिसवालों को भगाया, डांटते हुए बोलीं- हमारे पास 15 दिन का समय वरिष्ठ सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध घोषित किया गया है। रामपुर जिला प्रशासन ने इन पर बुलडोजर चलाने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद आजम की पत्नी डॉक्टर तंजीन फातिमा गुरुवार दोपहर 2 बजे जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं। यूनिवर्सिटी परिसर में पुलिसवालों को देखकर नाराज हो गईं। पढ़िए पूरी खबर…