घर में बेटी है तो जान लें ये 5 योजनाएं:जन्म, पढ़ाई और शादी तक का पूरा खर्च उठा रही सरकार; ऐसे करें आवेदन

यूपी में बेटियों के लिए 5 बड़ी योजनाएं चल रही हैं। इनमें जन्म से लेकर पढ़ाई और फिर शादी तक आर्थिक मदद दी जाती है। आवेदन प्रक्रिया बहुत आसान है। कम डॉक्यूमेंट्स देकर भी सरकारी मदद मिल जाती है। लेकिन, कई परिवार जानकारी नहीं होने से इनका फायदा नहीं उठा पाते। सिलसिलेवार 5 योजनाएं समझते हैं- 1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इस योजना का उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक मदद देकर उन्हें सशक्त बनाना है। 2024 में यूपी सरकार ने इस योजना की कुल सहायता राशि को ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दिया था। बेटी के बैंक खाते में ऐसे ट्रांसफर होता है पैसा- जुड़वा बेटियां हैं, तो उनके लिए भी आवेदन कर सकते हैं… लाभार्थी का परिवार यूपी का स्थायी निवासी होना चाहिए। परिवार की कुल वार्षिक आय ₹3 लाख या उससे कम होनी चाहिए। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है। अगर दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बेटियां होती हैं, तो तीनों को लाभ मिलेगा। अगर किसी परिवार ने अनाथ बेटी को कानूनी तौर पर गोद लिया है, तो अपनी बेटियों और गोद ली गई बेटी को मिलाकर अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना को कन्या भ्रूण हत्या खत्म करने, बाल विवाह रोकने, बेटियों के शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए साल 2019 में शुरू किया गया था। 2. सुकन्या समृद्धि योजना सुकन्या समृद्धि योजना का खाता 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खुलवाया जा सकता है। एक परिवार अधिकतम दो बेटियों के नाम पर खाता खोल सकता है। हालांकि जुड़वां या एक साथ तीन बेटियां होने जैसी विशेष स्थिति में नियम अलग हो सकते हैं। खाता बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही खुलवा सकते हैं। निवेश सीमा: एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। ब्याज दर: वर्तमान में इस योजना पर सरकार 8.2% सालाना की दर से ब्याज दे रही है। ब्याज दरें हर तिमाही बदल भी सकती हैं। टैक्स में छूट: इसमें जमा की जाने वाली राशि, मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत (ओल्ड टैक्स रिजीम में) पूरी छूट मिलती है। मैच्योरिटी: यह खाता 21 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर होता है, लेकिन बेटी के 18 वर्ष की आयु पार करने पर उच्च शिक्षा के लिए 50% तक राशि निकाली जा सकती है। अकाउंट होल्डर की मृत्यु जैसी विशिष्ट शर्तों के तहत मैच्योरिटी तिथि से पहले भी अकाउंट बंद किया जा सकता है। 3. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता दी जाती है। योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा महिलाओं के दोबारा विवाह में भी आर्थिक मदद मिलती है। इस योजना के तहत हर जोड़े की शादी पर यूपी सरकार कुल ₹1 लाख खर्च करती है। योजना का लाभ लेने के लिए लड़की की आयु कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी अनिवार्य है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), सामान्य और अल्पसंख्यक सभी वर्ग के परिवार आवेदन कर सकते हैं। परिवार की सालाना आय ₹3 लाख या उससे कम होनी चाहिए। आवेदन करने वाली यूपी की मूल निवासी होनी चाहिए। 4. उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष इस योजना में गंभीर हिंसा की शिकार बेटियों और महिलाओं को तुरंत इलाज और आर्थिक मदद मिलती है। पीड़ित बालिकाओं को अपराध की गंभीरता के आधार पर ₹1 लाख से लेकर ₹10 लाख तक की सहायता दी जाती है। सरकारी या अनुबंधित अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त इलाज होता है। जरूरत पड़ने पर उनके रहने, पढ़ाई, इलाज और दोबारा सामान्य जिंदगी शुरू करने में भी सरकार मदद करती है। अगर पीड़िता के छोटे बच्चे हैं, तो उनकी पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए भी आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी मदद का प्रावधान है। 5. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना इस योजना में लड़कियों के लिए मुफ्त बैग, यूनिफार्म और स्टेशनरी दी जाती है। स्कूल ड्रॉप-आउट को रोकने के लिए अभियान चलाने और लड़के और लड़की का लिंग अनुपात सुधारने के लिए काम किए जाते हैं। बेटियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के जरिए से मुफ्त आवासीय शिक्षा भी दी जाती है। योजनाओं से जुड़े 2 जरूरी सवालों के जवाब सवाल: क्या एक साथ कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है? जवाब: हां, बिल्कुल। अगर आपकी बेटी पात्र है, तो वह पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, भविष्य के फंड के लिए सुकन्या समृद्धि योजना और बड़े होने पर सामूहिक विवाह योजना का लाभ एक साथ उठा सकती है। सवाल: आवेदन रिजेक्ट होने के मुख्य कारण क्या हैं? जवाब: अक्सर इन 4 गलतियों के कारण आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं: ————————
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