हंगामे पर भड़के महाना, हेडफोन फेंका, चिल्लाकर खड़े हुए:सपा विधायक को सदन से निकाला; योगी बोले- मार्शलों से मारपीट की कोशिश हुई

यूपी विधानसभा में मंगलवार को राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सपा विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया। इसके बाद सचिन यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान समेत 20 से अधिक सपा विधायक भी पहुंचे। सपा विधायकों को मनाने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पहुंचे। उन्होंने सचिन यादव और अन्य विधायकों से बातचीत की। माता प्रसाद पांडेय के समझाने के बाद सचिन यादव ने धरना खत्म कर दिया। हुआ यूं कि सपा के हंगामे के बीच सीएम योगी बोल रहे थे। तभी सचिन यादव ने उनकी फोटो लहराई। इस पर महाना भड़क गए। वह कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। हेडफोन फेंकते हुए चिल्लाकर कहा- आप मुख्यमंत्री जी की फोटो के साथ ऐसा नहीं कर सकते। आपको पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर निकाला जाता है। आप बाहर जाइए, नहीं तो विधायकी से बर्खास्त करवा दूंगा। इसी बीच योगी भी खड़े हो गए। उन्होंने कहा- ये लोग लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं। इसलिए सदन का माहौल खराब कर रहे हैं। सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद भी सपा विधायक हंगामा करते रहे। भाजपा विधायक भी सपा के खिलाफ नारे लगाने लगे। इसी बीच सपा-भाजपा की महिला विधायक आमने-सामने आ गईं। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी। इससे पहले, विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन सिर्फ 20 मिनट ही चल सकी। सपा विधायकों के हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12:20 बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। सीएम योगी ने विधानसभा के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- सपा का आचरण अलोकतांत्रिक है। ये लोग किसी नियम को नहीं मानते। सदन का अपमान करते हैं। चुनाव आयोग और न्यायालय का भी अपमान करते हैं। ये लोग तर्कहीन मुद्दे उठाकर भ्रामक प्रचार करते हैं। आज सपा ने सदन में अध्यक्ष पीठ की अवमानना किया गया, मार्शलों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की का प्रयास किया गया। ये अत्यंत शर्मनाक है। सीएम की 2 बड़ी बातें पढ़िए 1- सपा ने राम मंदिर की गलियों को रक्तरंजित किया विधानसभा के बाहर सीएम योगी ने कहा- सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि राम मंदिर ट्रस्ट में उसका कोई हस्तक्षेप नहीं है। यह ट्रस्ट सरकार ने नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बना था। इसके बावजूद सपा के लोगों ने इसे लेकर तमाम आरोप लगाए और उल्टी-सीधी बातें कहीं। सपा-कांग्रेस का आचरण हमेशा से सनातन विरोधी रहा है। मैंने पहले भी कहा है कि इस मामले में जो लोग पकड़े गए हैं, उनका बीजेपी से कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने कहा- राम मंदिर चढ़ावा चोरी में किसी साधु का नाम नहीं आया है। मंदिर में 1100 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उनमें सिर्फ 8 कर्मचारी इस तरह के काम में लिप्त मिले, उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। ये लोग आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं, जबकि हमेशा से इसका विरोध करते रहे हैं। 2024 में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान इन्हें निमंत्रण मिला था, लेकिन ये लोग वहां नहीं गए। ये वही लोग हैं, जिन्होंने राम मंदिर की गलियों को रक्तरंजित किया और मंदिर का विरोध किया। ये लोग सनातन विरोधी हैं। 2- सपा विधायकों का आचरण शर्मनाक सीएम योगी ने विधानसभा में कहा- यह मानसून सत्र है। सदस्यों के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर था, लेकिन इनका लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। इनका आचरण असंवैधानिक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा- ये लोग सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा- सर्वदलीय बैठक में आश्वासन दिया था कि नियमों के तहत जो भी विषय आएंगे, उन पर चर्चा कराई जाएगी और जवाब भी दिया जाएगा। लेकिन इन्हें संवैधानिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। इसलिए लगातार हंगामा कर ये यूपी की 25 करोड़ जनता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इनका अलोकतांत्रिक आचरण प्रदेश देख रहा है। जानबूझकर सदन की अवमानना की जा रही है। सपा पर राजा भैया भड़के, कहा- इन्होंने चवन्नी का चंदा भी नहीं दिया सपा विधायकों के हंगामे पर प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक राजा भैया नाराज हो गए। उन्होंने कहा- भारत में संविधान का शासन है। ऐसा नहीं है कि चौराहे पर गोली मार दी जाए या फांसी पर चढ़ा दिया जाए। चढ़ावा चोरी पर सबसे ज्यादा घड़ियाली आंसू वही लोग बहा रहे हैं, जिन्होंने चवन्नी का चंदा भी नहीं दिया। उन्होंने कहा- चंदा देना तो दूर की बात है, जिनकी इच्छा थी कि श्रीराम मंदिर कभी बने ही नहीं, उनका असली चेहरा जनता के सामने आ रहा है। मंदिर बनकर तैयार हुआ तो उनके दल के विधायक दर्शन करने तक नहीं गए। सीएम की फोटो लहराने वाले सचिन यादव कौन? विधानसभा के मानसूत्र सत्र से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…